खबर के अनुसार पश्चिमी चंपारण में साल 2006 या उससे पहले से कार्यरत 148 शिक्षक-शिक्षिकाओं में से अब सिर्फ 48 की ही नौकरी बची हैं। बाकी के सभी शिक्षक को शिक्षा विभाग ने हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए उनकी सेवा समाप्त कर दी हैं।
बता दें की विभाग द्वारा की गई इस कार्रवाई से जिले में हड़कंप मच गया हैं। हालांकि डीपीओ कार्यालय की कांसिलिंग में नहीं पहुंचने वाले 19 शिक्षक-शिक्षिकाओं की बर्खास्तगी से पहले प्रमाण पत्र दिखाने का एक मौका दिया जाएगा।
वहीं पश्चिमी चंपारण में 48 शिक्षकों ने 19 अक्तूबर 22 तक ट्रेंड हो जाने का प्रमाण देकर अपनी नौकरी को बचाया है। जबकि अन्य शिक्षक-शिक्षिकाओं को विभाग की ओर से बर्खास्त करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। अब इनकी नौकरी समाप्त हो जाएगी।

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