भारत के इस राज्य में पाया जाता है 70% यूरेनियम

न्यूज डेस्क: झारखंड, भारत का एक महत्वपूर्ण राज्य है जो अपनी समृद्ध खनिज संपत्ति के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ पर पाए जाने वाले खनिजों में कोयला, लौह अयस्क, तांबा अयस्क, यूरेनियम, अभ्रक, बॉक्साइट, चूना पत्थर, सिल्वर, ग्रेफाइट, मैग्नेटाइट, और डोलोमाइट प्रमुख हैं। राज्य का खनिज संसाधनों से संबंध गहरा है, और यही कारण है कि झारखंड को खनिज संसाधनों का भंडार माना जाता है।

यूरेनियम खनन: जादुगुड़ा खदान

जादुगुड़ा खदान, जो झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में स्थित है, भारत की पहली यूरेनियम खदान है। इस खदान की खोज 1951 में की गई थी और इसका संचालन 1967 में शुरू हुआ। जादुगुड़ा खदान भारत के परमाणु भट्टी को ईंधन देने के लिए आवश्यक कच्चे माल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा प्रदान करती है, और यह भारत के यूरेनियम उत्पादन का लगभग 25% तक आपूर्ति करती है।

यह खदान एक भूमिगत खनन स्थल है जो जमीन से कम से कम 640 मीटर नीचे स्थित है। यहां तक पहुंचने के लिए 5 मीटर व्यास वाले ऊर्ध्वाधर शाफ्ट का उपयोग किया जाता है। जादुगुड़ा खदान का महत्व इसलिए भी है क्योंकि यह भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के लिए कच्चे माल की आपूर्ति करता है, जो देश की ऊर्जा सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

झारखंड के खनिज संसाधन:

झारखंड में पाए जाने वाले खनिजों का महत्व सिर्फ यूरेनियम तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यहां की भूमि में कई अन्य खनिज भी समृद्ध मात्रा में पाए जाते हैं।

1 .कोयला: भारत के कोयला भंडार का लगभग 27.3% झारखंड में स्थित है। कोयला एक प्रमुख ऊर्जा स्रोत होने के कारण राज्य की आर्थिक स्थिति में महत्वपूर्ण योगदान करता है।

2 .लौह अयस्क: झारखंड में लौह अयस्क (हेमेटाइट) के भंडार का देश में दूसरा स्थान है, और यह भारत के लौह अयस्क उत्पादन का 25.7% हिस्सा प्रदान करता है। लौह अयस्क का उपयोग स्टील उद्योग में किया जाता है, जो देश की औद्योगिक प्रगति में अहम भूमिका निभाता है।

3 .तांबा अयस्क: झारखंड में तांबा अयस्क भी महत्वपूर्ण रूप से पाया जाता है, जो धातु उद्योग में उपयोग किया जाता है।

4 .अभ्रक: यह राज्य अभ्रक के उत्पादन में भी समृद्ध है, जिसका उपयोग विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक और बिजली उत्पादों में होता है।

5 .बॉक्साइट, ग्रेफाइट, और सिल्वर: झारखंड में बॉक्साइट और ग्रेफाइट के भी महत्वपूर्ण भंडार हैं, जिनका उपयोग एल्यूमीनियम उत्पादन और इलेक्ट्रॉनिक्स में किया जाता है। इसके अलावा, यहां सिल्वर (चांदी) के भंडार भी पाए जाते हैं।

6 .मैग्नेटाइट और डोलोमाइट: मैग्नेटाइट (लोहा अयस्क) और डोलोमाइट का भी महत्वपूर्ण भंडार झारखंड में है, जो निर्माण और उद्योगों में उपयोगी होते हैं।

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