यूपी के सभी 75 जिलों में स्टांप पेपर जांच के आदेश

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में जाली स्टांप पेपर के मामले में शासन ने सख्त कदम उठाए हैं और अब राज्य के सभी 75 जिलों में इस मुद्दे की गंभीरता से जांच की जा रही है। मेरठ जिले में हाल ही में जाली स्टांप पेपर से संपत्तियों की रजिस्ट्री किए जाने का मामला सामने आया था। इसके बाद यूपी सरकार ने पूरे राज्य में 5000 रुपये और उससे अधिक मूल्य के स्टांप पेपरों की जांच करने का आदेश जारी किया है।

बता दें की जाली स्टांप पेपर के मामले का खुलासा मेरठ में हुआ, जहां 997 संपत्तियों के लेख पत्रों पर नकली स्टांप पेपर लगाए गए थे। इन 997 संपत्तियों में कुल 3160 स्टांप पेपर जाली पाए गए थे। जांच के दौरान यह भी पता चला कि इन जाली स्टांप पेपरों का स्रोत कानपुर डिपो से हो सकता है।

मुख्य सचिव स्टांप और रजिस्ट्रेशन, लीना जौहरी के निर्देशों के बाद वित्त विभाग ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर 5000 रुपये और उससे अधिक मूल्य के स्टांप पेपर की भौतिक सत्यापन और जांच करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही, विभाग ने सभी जिलों के कोषागारों को भी निर्देश दिए हैं कि वे उपलब्ध स्टांप पेपर की जांच करें और रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

यूपी सरकार ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मेरठ के कुछ लेखपालों और कानूनगो को सस्पेंड भी किया है। इसके अलावा, प्रदेश के सभी जिलों के कोषागारों को भी सतर्क किया गया है और जाली स्टांप पेपर के प्रसार को रोकने के लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं।

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