दिल्ली में AAP या BJP? सट्टा बाजार ने चौकाया!

नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 की तारीख नजदीक आते ही सट्टा बाजार में हलचल तेज हो गई है। नए सर्वे और सट्टा बाजार के आंकड़े राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गए हैं। फलोदी और महादेव सट्टा बाजार ने जो अनुमान लगाए हैं, उनके मुताबिक आम आदमी पार्टी (AAP) एक बार फिर दिल्ली में सत्ता में वापसी करने की ओर बढ़ती दिख रही है, लेकिन इस बार उसे पिछली बार के मुकाबले कुछ सीटों की गिरावट का सामना करना पड़ सकता है।

महादेव सट्टा बाजार का अनुमान:

महादेव सट्टा बाजार ने अपने आंकड़ों में दावा किया है कि आम आदमी पार्टी इस बार भी स्पष्ट बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी। इस बार आम आदमी पार्टी को 38-40 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है, जो जादुई आंकड़े 36 से अधिक हैं। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) को 25-30 सीटें मिलने की संभावना व्यक्त की गई है। कांग्रेस को केवल 2 सीटों पर ही संतुष्ट होना पड़ेगा, ऐसा महादेव सट्टा बाजार का अनुमान है।

हालांकि, महादेव सट्टा बाजार ने यह भी माना है कि आम आदमी पार्टी की सीटों में गिरावट आ सकती है, यानी 2020 के विधानसभा चुनाव में जहां आप को 62 सीटें मिली थीं, इस बार उसका आंकड़ा 40 के करीब सिमट सकता है। इसका मतलब यह हुआ कि आप को इस बार अपनी पहले वाली ताकत के मुकाबले कम सीटें मिल सकती हैं, फिर भी वह बहुमत से दूर नहीं रहेगी।

फलोदी सट्टा बाजार का अनुमान:

फलोदी सट्टा बाजार ने भी इसी तरह का अनुमान जताया है, लेकिन इसके आंकड़े महादेव सट्टा बाजार से थोड़े अलग हैं। फलोदी सट्टा बाजार के अनुसार, आम आदमी पार्टी को 37-39 सीटें मिल सकती हैं। भाजपा को 25 सीटों तक सीमित किया गया है, जबकि कांग्रेस को 3 सीटें मिल सकती हैं। यह आंकड़ा 2020 के चुनाव परिणामों के मुकाबले कुछ कम है, जब आप ने 62 सीटें जीती थीं।

बीजेपी और कांग्रेस के लिए चुनौती:

सट्टा बाजार के आंकड़े यह भी बताते हैं कि बीजेपी और कांग्रेस के लिए यह चुनाव चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। बीजेपी को इस बार ज्यादा सीटें मिल सकती हैं, लेकिन फिर भी वह बहुमत से दूर रह सकती है। कांग्रेस के लिए सीटों का आंकड़ा और भी निराशाजनक हो सकता है, क्योंकि उसे बहुत कम सीटें मिलने की संभावना जताई गई है।

2020 में आम आदमी पार्टी ने 62 सीटें जीतकर एक ऐतिहासिक जीत हासिल की थी, लेकिन इस बार सट्टा बाजारों के आंकड़ों में उसके सीटों में गिरावट का अनुमान है। वहीं, बीजेपी ने अपनी रणनीतियों में बदलाव किया है और उसे उम्मीद है कि इस बार उसका प्रदर्शन बेहतर हो सकता है, लेकिन सत्ता से दूर रहने की संभावना है।

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