भारतीय सेना में नई शक्ति: 300 ‘धनुष’ होवित्जर जल्द शामिल

नई दिल्ली। भारतीय सेना अपनी आर्टिलरी क्षमता को बढ़ाने के लिए बड़े कदम उठा रही है। सरकार 300 स्वदेशी धनुष होवित्जर की खरीद का प्रस्ताव अंतिम चरण में लेकर चल रही है। इस खरीद के साथ सेना में 15 नई आर्टिलरी रेजिमेंट खड़ी की जाएंगी, जिससे लंबी दूरी तक सटीक फायरिंग और रणनीतिक ताकत में वृद्धि होगी।

मंत्रालय की मंजूरी जल्द

सेना की यह खरीद Ministry of Defence की उच्च स्तरीय बैठक में अनुमोदन के लिए भेजी गई है। इससे पहले भी सेना ने 114 धनुष तोपों का ऑर्डर दिया था, जिनमें से कई पहले ही तैनात हो चुकी हैं।

धनुष होवित्जर की खासियत

धनुष एक 155 मिमी की लंबी दूरी तक मार करने वाली तोप है, जिसे Advanced Weapons and Equipment India Limited ने विकसित किया है। इसमें आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स, फायरिंग कंट्रोल सिस्टम और बैलिस्टिक कंप्यूटेशन तकनीक शामिल हैं। यह दिन और रात दोनों समय फायरिंग में सक्षम है। साथ ही यह NATO मानक के गोला-बारूद के साथ काम कर सकती है। 38 किलोमीटर तक सटीक निशाना साध सकती है।

सेना की ताकत में इजाफा

एक रेजिमेंट में आम तौर पर 18 तोपें होती हैं। 300 धनुष तोपों के आने से सेना में 15 नई रेजिमेंट तैयार होंगी। इससे सीमा क्षेत्र और पहाड़ी इलाकों में लंबी दूरी तक फायरिंग क्षमता बढ़ेगी और पुराने हथियार धीरे-धीरे बदल पाएंगे।

मेक इन इंडिया को बढ़ावा

धनुष परियोजना का 80 प्रतिशत हिस्सा भारत में ही निर्मित किया गया है। इससे विदेशी हथियारों पर निर्भरता घटेगी और घरेलू रक्षा उद्योग को मजबूती मिलेगी। सरकार का मानना है कि इस तरह के प्रोजेक्ट Make in India और आत्मनिर्भर भारत को मजबूत करेंगे।

धनुष होवित्जर के रणनीतिक लाभ

इससे न केवल सेना की क्षमता बढ़ेगी, बल्कि सीमाओं पर सुरक्षा को और मजबूत किया जा सकेगा। आधुनिक तोपखाने की तैनाती से लंबी दूरी के हमले का जवाब देने की रणनीति और सटीक होगी।

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