यूपी में इन 'कर्मचारियों' के लिए बड़ा झटका! नहीं मिलेगा प्रमोशन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के लिए ताजा आदेश ने कई लोगों की योजनाओं पर असर डाला है। कर्मचारियों को अब एसीपी (असेंशियल सर्विस प्रमोशन) और प्रमोशन का लाभ तभी मिलेगा जब वे अपने चल-अचल संपत्ति का ब्योरा समय पर जमा करेंगे। जिन कर्मचारियों ने यह जानकारी नहीं दी, उन्हें इस साल प्रमोशन का लाभ नहीं मिलेगा और विदेश यात्रा की अनुमति भी मुश्किल हो जाएगी।

10 मार्च तक मोहलत

प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों को अपनी संपत्ति संबंधी जानकारी जमा करने के लिए 10 मार्च तक की मोहलत दी हैं। यदि कोई कर्मचारी इस अवधि में अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्योरा जमा नहीं करते हैं तो उनकी तरक्की रुक सकती हैं।

कितने कर्मचारियों पर प्रभाव

प्रदेश में कुल साढ़े आठ लाख कर्मचारी हैं। इनमें से 47,816 कर्मचारियों ने 31 जनवरी तक अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्योरा जमा नहीं किया था। इन कर्मचारियों का फरवरी का वेतन रोक दिया गया था।

तकनीकी समस्याओं का हवाला

कर्मचारियों का कहना है कि कई लोगों ने कंप्यूटर और इंटरनेट की कमी के कारण जानकारी अपलोड नहीं कर पाई। इसके अलावा, विभाग में ऑनलाइन सिस्टम में खामियां भी रही और कई कर्मचारी बड़े पैमाने पर एसआईआर करने में व्यस्त थे।

कर्मचारी संगठनों का विरोध

नगर विकास, विकास प्राधिकरण और स्वास्थ्य विभाग सहित कई कर्मचारी संगठनों ने इस फैसले का विरोध शुरू कर दिया है। उप्र फेडरेशन ऑफ मिनिस्टीरियल सर्विस असोसिएशन ने गुरुवार को मुख्य सचिव को ज्ञापन भेजते हुए इस प्रतिबंध को खत्म करने की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी कि अगर जानकारी देने के बावजूद भी यह रोक जारी रही, तो कर्मचारी आंदोलन को मजबूर होंगे और अदालत का रास्ता अपनाएंगे।

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