परिवार की यूनिट बढ़ाने की मांग
सैलरी तय करने के लिए आम तौर पर अकरोयड फॉर्मूला अपनाया जाता है। इसमें तीन यूनिट के परिवार को आधार माना जाता है, जिसमें पति-पत्नी और बच्चे शामिल होते हैं। लेकिन कर्मचारियों के संगठनों का कहना है कि महंगाई और जीवनयापन की बढ़ती लागत को देखते हुए परिवार की गणना को बढ़ाकर 5 यूनिट किया जाना चाहिए। अगर सरकार इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लेती है तो फिटमेंट फैक्टर में बड़ा बदलाव आ सकता है।
सैलरी पर कितना पड़ेगा असर
फिलहाल 7वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है। यदि फिटमेंट फैक्टर 3 किया जाता है तो यह सैलरी लगभग 26,000 रुपये तक पहुंच सकती है। वहीं कर्मचारियों की मांग के अनुसार अगर फिटमेंट फैक्टर करीब 3.68 तक बढ़ता है, तो न्यूनतम सैलरी करीब 34,000 रुपये से अधिक हो सकती है।
पेंशनभोगियों को भी फायदा
नए वेतन आयोग का लाभ केवल मौजूदा कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा। फिटमेंट फैक्टर में बढ़ोतरी होने पर पेंशन की बेसिक राशि भी बढ़ेगी। इससे लाखों रिटायर्ड कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिल सकती है और उनका जीवन स्तर बेहतर हो सकता है।
कब लागू हो सकता है नया वेतन आयोग
परंपरागत रूप से हर दस साल में नया वेतन आयोग लागू किया जाता है। 7वां वेतन आयोग वर्ष 2016 में लागू हुआ था। इसी आधार पर माना जा रहा है कि 8वां वेतन आयोग 2026 के आसपास लागू हो सकता है। हालांकि अभी तक केंद्र सरकार की ओर से इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

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