1. प्रोन्नत वेतनमान: लंबे समय से इंतजार खत्म
बेसिक शिक्षा परिषद ने हाल ही में निर्देश जारी कर दिए हैं कि पात्र शिक्षकों का परीक्षण कर नियमानुसार प्रोन्नत वेतनमान स्वीकृत किया जाएगा। नियमों के अनुसार, अगर किसी शिक्षक को एक ही पद पर 10 वर्ष सेवा के बाद भी प्रोन्नति नहीं मिलती, तो उसे चयन वेतनमान दिया जाएगा।
इसके बाद, 12 वर्ष की सेवा पूरी होने पर शिक्षक को प्रोन्नत वेतनमान प्राप्त होगा। हालांकि, वर्तमान में यह लाभ केवल 20 प्रतिशत शिक्षकों को ही मिल रहा था। वहीं माध्यमिक शिक्षा विभाग में यह सुविधा सभी पात्र शिक्षकों को दी जाती है। बेसिक शिक्षा परिषद में लगभग 50 हजार शिक्षक इस लाभ के लिए प्रतीक्षारत थे। हालांकि नए निर्देश जारी होने के बाद भी केवल 20 प्रतिशत शिक्षकों को ही लाभ मिलेगा।
2. कैशलेस इलाज की सुविधा: आर्थिक बोझ से राहत
यूपी सरकार ने शिक्षकों और शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों के लिए कैशलेस मेडिकल सुविधा की भी घोषणा की है। इस योजना के तहत पात्र शिक्षकों को 5 लाख रुपये तक का इलाज कवर मिलेगा। इसका उद्देश्य गंभीर बीमारी या सर्जरी की स्थिति में आर्थिक दबाव कम करना है और इलाज को आसानी से सुनिश्चित करना है।
यह सुविधा उन शिक्षकों और शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को दी जाएगी जिन्हें शासन द्वारा पात्र माना जाएगा। योजना के तहत इलाज सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में किया जा सकेगा। भर्ती से लेकर इलाज तक का खर्च सीधा सिस्टम के माध्यम से निपटाया जाएगा, यानी शिक्षक को अपनी जेब से भुगतान नहीं करना पड़ेगा। प्रोसेस लगभग आयुष्मान भारत योजना जैसी होगी, जिससे बड़ी आसानी और सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
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