यह एक्सप्रेसवे कानपुर से कबरई (महोबा) तक 118 किलोमीटर लंबा होगा। यह बुंदेलखंड क्षेत्र से होते हुए कानपुर तक पहुंचेगा और दोनों राज्यों के बीच ट्रैफिक जाम की समस्याओं को काफी हद तक कम करेगा। इससे लोगों को काफी राहत मिलेगी।
अनुमानित लागत और परियोजना
भारतमाला परियोजना के तहत कानपुर से सागर तक बने इस एक्सप्रेसवे की अनुमानित लागत लगभग ₹5,757 करोड़ बताई जा रही है। यह पूरी तरह एक्सेस-कंट्रोल्ड और आधुनिक तकनीक से तैयार किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, परियोजना के लिए जिम्मेदार एजेंसी का चयन अंतिम चरण में है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है।
कौन-कौन से जिले होंगे जुड़े
नई सड़क यूपी के कानपुर नगर, कानपुर देहात, हमीरपुर और महोबा जिलों से होकर गुजरेगी। इसके बाद यह बुंदेलखंड क्षेत्र में सागर हाईवे से जुड़ जाएगी, जिससे मध्य प्रदेश की ओर कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। कानपुर के पास यह रामपुर क्षेत्र में रिंग रोड से भी जुड़ेगा, जो शहर के अन्य राष्ट्रीय राजमार्गों तक आसान पहुंच सुनिश्चित करेगा।
आर्थिक और औद्योगिक लाभ
इस एक्सप्रेसवे के दोनों ओर औद्योगिक क्षेत्रों के विकास की योजना है। इससे लॉजिस्टिक्स नेटवर्क मजबूत होगा और कच्चा माल समय पर फैक्ट्रियों तक पहुंच सकेगा। तैयार उत्पादों को भी बाजारों तक आसानी से पहुंचाया जा सकेगा। बुंदेलखंड और आसपास के जिलों में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

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