बिहार में जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र बनाने के नए नियम – जानें पूरी प्रक्रिया

पटना। बिहार में जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और निवास  प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। नए नियमों का उद्देश्य आवेदन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुव्यवस्थित और विश्वसनीय बनाना है। अब नागरिकों को प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अधिक स्पष्ट जानकारी और उपलब्ध दस्तावेजों का विवरण देना अनिवार्य होगा।

आवेदन प्रक्रिया में बदलाव

नए नियमों के अनुसार, अब आरटीपीएस (RTPS) काउंटर या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन करने पर केवल नाम भरना पर्याप्त नहीं होगा। आवेदक को अपना नाम, पिता का नाम, माता का नाम, और यदि शादीशुदा है तो पति या पत्नी का नाम भी दर्ज करना होगा। इसके साथ ही आवेदन के समय यह बताना होगा कि उसके पास कौन-कौन से दस्तावेज उपलब्ध हैं।

जाति प्रमाण पत्र के दस्तावेज

जाति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करते समय आवेदक को यह स्पष्ट करना होगा कि उसके पास कौन सा दस्तावेज उपलब्ध है। मान्य दस्तावेजों में खतियान, दानपत्र, भूमि से संबंधित अभिलेख, भूमिहीनों को आवंटित जमीन से जुड़े दस्तावेज और अन्य राजस्व अभिलेख शामिल हैं। यदि कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं है, तो आवेदन में “राजस्व अभिलेख की अनुपलब्धता में स्थल निरीक्षण” का विकल्प चुनना होगा। इसके बाद संबंधित अधिकारी स्थल निरीक्षण कर प्रमाण पत्र जारी करेंगे।

आय प्रमाण पत्र के ये दस्तावेज

आय प्रमाण पत्र के लिए अब केवल तीन प्रकार के दस्तावेज मान्य होंगे। वेतन या पेंशन पर्ची, आयकर रिटर्न (ITR) और अन्य संबंधित अभिलेख। इन दस्तावेजों के आधार पर अधिकारी आवेदक की आय का सत्यापन करेंगे और प्रमाण पत्र जारी करेंगे।

निवास प्रमाण पत्र के दस्तावेज

निवास प्रमाण पत्र के लिए भी दस्तावेजों की सूची तैयार की गई है। इसमें खतियान, दानपत्र, भूमि संबंधी दस्तावेज, राशन कार्ड, वोटर आईडी, बिजली बिल, टेलीफोन बिल और भूमिहीनों को आवंटित जमीन के अभिलेख शामिल हैं। आवेदन करते समय उपलब्ध दस्तावेजों को चयनित करना अनिवार्य होगा।

नई व्यवस्था के फायदे

सरकार का मानना है कि इस बदलाव से फर्जी प्रमाण पत्र बनने की घटनाओं पर रोक लगेगी और केवल योग्य नागरिक ही सरकारी सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। आवेदन के समय आवेदक को उपलब्ध दस्तावेज चुनने होंगे, जिनके आधार पर अधिकारी आगे की प्रक्रिया पूरी करेंगे।

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