अमेरिका ने मार्क-48 टारपीडो से ईरानी युद्धपोत उड़ाया, जानें इसकी ताकत

नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक समुद्री सुरक्षा को हिला दिया है। मंगलवार को अमेरिकी नौसेना ने हिंद महासागर में ईरानी युद्धपोत IRIS Dena को निशाना बनाकर उड़ा दिया। इसके लिए मार्क-48 टारपीडो का इस्तेमाल किया, जिससे यह शक्तिशाली पोत पूरी तरह तबाह हो गया।

IRIS Dena: ईरान का धाकड़ युद्धपोत

IRIS Dena ईरान के आधुनिक युद्धपोतों में से एक था। इसे भारी तोपों, सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों और जहाज-रोधी हथियारों से लैस किया गया था। पोत पर हेलीकॉप्टर भी तैनात था, जो समुद्री गश्त और निगरानी में काम आता था। इस हमले में रिपोर्ट के अनुसार 87 नाविक मारे गए।

मार्क-48 टारपीडो: कैसे करता है काम

मार्क-48 टारपीडो अत्याधुनिक तकनीक से लैस है। इसे रेडियो मार्गदर्शन या ध्वनिक होमिंग सिस्टम के जरिए लक्ष्य तक पहुंचाया जाता है। इसका वजन लगभग 1,700 किलोग्राम है और यह 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलता है। टारपीडो जहाज के नीचे जाकर विस्फोट करता है। इसमें 227 किलोग्राम TNT की शक्ति होती है, जो जहाज की नींव तोड़कर उसे दो या दो से अधिक हिस्सों में बिखेर देता है।

आधुनिक तकनीक और मारक क्षमता

मार्क-48 में MK-48 ADCAP प्रणाली लगी है, जो इलेक्ट्रॉनिक्स, सटीक मार्गदर्शन और शक्तिशाली प्रणोदन क्षमता देती है। एक्टिव और पैसिव सोनार का उपयोग कर यह सीधे जहाज की नींव पर निशाना साधता है। इस वजह से इसे दुनिया का सबसे खतरनाक टारपीडो माना जाता है।

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