कागजी पास की व्यवस्था खत्म
नई व्यवस्था के तहत अब किसी भी कर्मचारी को कागज पर छपा हुआ यात्रा पास नहीं दिया जाएगा। रेलवे बोर्ड के निर्देश के अनुसार भविष्य में सभी पास केवल डिजिटल माध्यम से ही उपलब्ध होंगे। इस बदलाव का उद्देश्य पूरी प्रणाली को अधिक पारदर्शी, तेज और सुरक्षित बनाना है।
HRMS पोर्टल से मिलेगा पास
रेलवे कर्मचारियों को अब अपना यात्रा पास मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (HRMS) पोर्टल के माध्यम से प्राप्त करना होगा। इस पोर्टल पर लॉगिन करके कर्मचारी अपने पास और PTO डिजिटल रूप में जनरेट कर सकेंगे। यदि कोई ऑफलाइन आवेदन करता भी है, तो उसका पास भी सिस्टम के माध्यम से डिजिटल रूप में ही जारी किया जाएगा।
पहले मिलती थी आंशिक छूट
वर्ष 2020 में रेलवे ने ई-पास प्रणाली की शुरुआत की थी। हालांकि उस समय वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों और रिटायर्ड कर्मचारियों को सुविधा के लिए ऑफलाइन यानी कागजी पास लेने की छूट दी गई थी। अब इस छूट को समाप्त कर दिया गया है और सभी श्रेणियों के लिए डिजिटल प्रणाली अनिवार्य कर दी गई है।
कर्मचारियों पर क्या होगा असर?
इस बदलाव से डिजिटल तकनीक से परिचित कर्मचारियों को सुविधा मिलेगी, क्योंकि प्रक्रिया तेज और सरल होगी। वहीं जो कर्मचारी तकनीकी रूप से कम दक्ष हैं, उन्हें अब ऑनलाइन सिस्टम के अनुसार खुद को अपडेट करना होगा। रेलवे का मानना है कि इससे पूरे सिस्टम में एकरूपता आएगी और गलतियों की संभावना कम होगी।
रेलवे की डिजिटल दिशा में बड़ा कदम
यह निर्णय रेलवे के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल कागज की बचत होगी, बल्कि प्रक्रिया में पारदर्शिता और दक्षता भी बढ़ेगी।

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