SCERT द्वारा जारी नए निर्देशों के अनुसार, जिन शिक्षकों की ड्यूटी विशेष सर्वेक्षण कार्य, विधानसभा चुनाव संबंधी जिम्मेदारियों या अन्य सरकारी कार्यों में लगी थी और इसी वजह से वे प्रशिक्षण से वंचित रह गए, उन्हें वर्ष 2026-27 में दोबारा प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर दिया जाएगा। स्वास्थ्य संबंधी कारणों से प्रशिक्षण में भाग नहीं ले पाने वाले शिक्षकों को भी इस सुविधा का लाभ मिलेगा।
ग्रीष्मावकाश के दौरान नहीं होगी कार्रवाई
परिषद ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई शिक्षक ग्रीष्मावकाश के दौरान पहले से तय कार्यक्रम के तहत अपने मुख्यालय से बाहर है और इस कारण प्रशिक्षण में शामिल नहीं हो पाता है, तो उसके खिलाफ किसी प्रकार की विभागीय कार्रवाई नहीं की जाएगी। यह निर्णय शिक्षकों की व्यावहारिक समस्याओं और व्यक्तिगत परिस्थितियों को ध्यान में रखकर लिया गया है।
पांच दिवसीय होगा आवासीय प्रशिक्षण
शिक्षा विभाग के अनुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम पांच दिनों का होगा और इसे आवासीय स्वरूप में आयोजित किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को नई शिक्षण तकनीकों, पाठ्यक्रम संबंधी बदलावों और विद्यार्थियों के बेहतर शैक्षणिक विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाएंगी। इसका उद्देश्य विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाना है।
मिलेगा क्षतिपूर्ति अवकाश
प्रशिक्षण में भाग लेने वाले शिक्षकों को विशेष राहत देते हुए क्षतिपूर्ति अवकाश देने का भी निर्णय लिया गया है। शिक्षक इस अवकाश का उपयोग 31 दिसंबर तक अपनी सुविधा के अनुसार कर सकेंगे। इससे प्रशिक्षण अवधि के दौरान अतिरिक्त समय देने वाले शिक्षकों को राहत मिलेगी।
शिक्षकों के हित में कदम
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ शिक्षकों की सुविधाओं और हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि शिक्षक शिक्षा व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उन्हें बेहतर प्रशिक्षण तथा अनुकूल कार्य वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
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