बिहार में भूमिहीन परिवारों के लिए खुशखबरी, सरकार देगी जमीन

पटना। बिहार सरकार ने राज्य के भूमिहीन परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण और राहत भरा कदम उठाने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। सरकार का उद्देश्य है कि जिन लोगों के पास रहने के लिए अपनी जमीन नहीं है, उन्हें भूमि उपलब्ध कराकर आवास योजनाओं का वास्तविक लाभ दिया जा सके। इसको लेकर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने 'बसेरा-2' नाम से एक विशेष अभियान शुरू करने की तैयारी की है।

भूमिहीन परिवारों की होगी पहचान

इस अभियान के तहत राज्यभर में ऐसे परिवारों की पहचान की जाएगी जिनके पास अपना घर बनाने के लिए जमीन नहीं है। सरकार का लक्ष्य है कि हर पात्र परिवार तक योजना का लाभ पहुंचे और कोई भी व्यक्ति बुनियादी सुविधा से वंचित न रहे।

तीन डिसमिल जमीन देने की योजना

सरकार की प्राथमिक योजना के तहत प्रत्येक भूमिहीन परिवार को कम से कम तीन डिसमिल जमीन उपलब्ध कराने पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए जिलों में विशेष सर्वे कराया जाएगा ताकि वास्तविक जरूरतमंदों की पहचान हो सके। इस कदम से गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों को स्थायी आवास बनाने में मदद मिलेगी।

आवास योजना से जोड़ा जाएगा लाभ

सरकार का मानना है कि जब तक किसी परिवार के पास जमीन नहीं होगी, तब तक प्रधानमंत्री आवास योजना का पूरा लाभ नहीं मिल सकता। इसलिए पहले जमीन उपलब्ध कराई जाएगी और फिर उन्हें आवास योजना से जोड़ा जाएगा। यह पहल ग्रामीण गरीबों के जीवन स्तर को सुधारने में अहम भूमिका निभा सकती है।

किन लोगों को मिलेगा इसका लाभ?

इस योजना का लाभ भूमिहीन परिवारों को मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्रों के दलित, महादलित, पिछड़ा, अति पिछड़ा और अल्पसंख्यक वर्ग के पात्र परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण से जुड़े परिवारों को भी इसका लाभ मिल सकेगा। कुछ मामलों में पात्र परिवारों को आवास निर्माण के लिए वित्तीय सहायता देने का भी प्रावधान किया जा सकता है।

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