न्यूज डेस्क: बिहार में जो लोग प्रोफ़ेसर बनना चाहते हैं उनके लिए एक अच्छा मौका आने वाला हैं। लेकिन कोरोना संकट के कारण राज्य के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में होने वाली सहायक प्रोफेसर की बहाली में अब देरी होगी. 5 हजार से अधिक पदों पर होने बाली बहाली प्रक्रिया फिलहाल रुक गई है. लॉकडाउन खत्म होने के बाद नोटिफिकेशन जारी किया जा सकता हैं।
आपको बता दें की शिक्षा विभाग ने इस माह के अंत तक विश्वविद्यालय सेवा आयोग को बहाली के लिए रिक्त पदों की सूची भेजने का लक्ष्य रखा था। लेकिन कोरोना संकट के कारण फिलहाल इसे रोक दिया गया हैं।
कितने पद हैं खाली।
सबसे अधिक बिहार विश्वविद्यालय में 1023, एलएन मिथिला विश्वविद्यालय में 785, पूर्णिया विश्वविद्यालय में 203, एमडीयू में 249, पीपीयू में 455, जेपीयू में 311 मुंगेर विश्वविद्यालय में 236 बीएनएमयू में 114 पीयू में 294 सहित और यूनिवर्सिटी में कई खाली पद हैं. पहले की और आवश्यकता के आधार पर सरकार मान रही थी कि 6500 सहायक प्रोफेसर के पद पर बहाली होगी.
सभी विश्वविद्यालय में रेशनलाइजेशन के हिसाब से 8921 पद स्वीकृत बताए गए थे. इसमें बीपीएससी के माध्यम से 2496 प्रोफेसर की नियुक्ति की जा चुकी है. बाकि के पद पर विश्वविद्यालय सेवा आयोग बहाली लेगा. लेकिन अब लॉकडाउन के कारण सारे काम ठप्प पड़े हैं. जिसके बाद शिक्षा विभाग का अप्रैल में विश्वविद्यालय सेवा आयोग को रिक्त पह भेजने का जो लक्ष्य है वह पूरा नहीं हो सकता है.

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