कोरोना बदलेगा दुनिया का नक्शा, अगले 5 साल में सुपर पावर बन सकता है चीन

न्यूज डेस्क: पूरी दुनिया जहां कोरोना से लड़ रहा हैं। वहीं चीन अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत बना रहा हैं। साथ ही साथ वो  दुनिया में सुपर पॉवर बनने की दिशा में बढ़ रहा हैं। इन सबके बीच चीनी राष्ट्रपति शी चिनपिंग (Xi Jinping) ने भविष्य के साइबर युद्ध की अपनी तैयारी शुरू कर दी है. 
आपको बता दें की चीन ने अपने 'अंतरिक्ष दिवस' के अवसर पर अपने मंगल मिशन का नाम 'तियानवेन-1' रखा. चीन की इसी साल के अंत में मंगल पर 'तियानवेन-1' को प्रक्षेपित करने की योजना है. अगले पांच सालों में अंतरिक्ष (Space) को लेकर चीन की कई महत्वाकांक्षी योजनाएं हैं. 

वह दुनिया का सबसे बड़ा स्पेस टेलीस्कोप, सबसे वज़नदार रॉकेट और स्पेश स्टेशन लॉन्च करने की योजना बना रहा है, जो उसे दुनिया का अगला स्पेस सुपर पावर (Super Power) बनने में मदद करेगा. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता इस बात की है कि युद्ध के समय चीन इस तरह की तकनीक का इस्तेमाल दुश्मन देशों के सैटेलाइट को ध्वस्त करने में कर सकता है.

अगर साइबर युद्ध के लिहाज से तैयारियों की बात करें तो बीते पचास सालों में चीन ने कुल तीन सौ से अधिक अंतरिक्ष सैटेलाइट प्रक्षेपित किये हैं. अब चीन की अपनी मानवयुक्त अंतरिक्ष यान, चंद्रमा और गहरी अंतरिक्ष की खोज, पेइताउ उपग्रह नेविगेशन, पृथ्वी अवलोकन, संचार प्रसारण तथा अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी प्रयोग आदि की पूरी व्यवस्थाएं संपन्न हो चुकी है. 

चीन ने 1958 में अपना उपग्रह प्रक्षेपित करने का फैसला लिया. दूसरे डिजाइनर फैन हौ ने कहा कि चीन की उपग्रह तकनीक बिल्कुल शून्य से विकसित की गयी है. पर आत्म-निर्भर और कठोर संघर्ष करने की भावना से चीनी तकनीशियनों ने अपना प्रथम उपग्रह, प्रथम बैलिस्टिक मिसाइल और प्रथम परमाणु बम का निर्माण भी किया.

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