न्यूज डेस्क: पूरी दुनिया जहां कोरोना फैलाने को लेकर चीन पर दवाब बना रही हैं तो वहीं WHO चीन के बचाव में उतर आया हैं। अमेरिका लगातार इसको लेकर चीन पर आरोप लगा रहा है कि उसने कोरोना वायरस को वुहान की लैब में तैयार किया गया। इन आरोपों के बाद WHO चीन के बचाव में उतर आया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा कि वर्तमान तक के सभी उपलब्ध साक्ष्यों से पता चलता है कि कोरोना वायरस प्राकृतिक है और इसमें किसी तरह की कोई हेराफेरी नहीं है और न ही यह निर्मित वायरस है।
कई शोधकर्ता सार्स-सीओवी-2 की जीनोमिक विशेषताओं को देखने में सक्षम रहे हैं और उन्होंने पाया है कि इस बात के कोई सबूत नहीं है कि यह एक प्रयोगशाला निर्मित वायरस है। डब्ल्यूएचओ ने जोर देकर कहा कि अगर यह एक निर्मित वायरस होता तो इसका जीनोमिक सीक्वेंस ज्ञात तत्वों का मिश्रण दिखाता, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि वायरस की पहचान जनवरी की शुरुआत में हुई और 11-12 जनवरी को सार्वजनिक रूप से इसके जेनेटिक सीक्वेंस को साझा किया गया था। इससे साबित होता हैं की कोरोना वायरस प्राकृतिक हैं।

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