खबर के अनुसार बिहार में जितने भी मठ-मंदिर की जमीन है उस जमीनों का मालिकाना हक भगवान के नाम से होगा। वहीं सेवादार जमीन से होने वाली आय से अपना खर्च, मंदिर का जीर्णोद्धार कर सकते हैं लेकिन उन जमीन को बेच नहीं सकते हैं।
आपको बता दें की बिहार सरकार राज्य में जितने भी मंदिर-मठ हैं उन सभी के जमीनों को चिन्हित कर रही हैं। जिन लोगों ने मंदिर-मठ की जमीन खरीदी हैं उससे वो जमीन वापस भी ली जाएगी। इसको लेकर विभाग के स्तर पर तैयारी चल रही हैं।
मंत्री ने जानकारी देते हुए कहा है कि राज्य में 1509 अनिबंधित मठ-मंदिरों के पास 26 हजार एकड़ जमीन है। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि इन जमीनों की बिक्री नहीं हो। धार्मिक न्यास पर्षद को इस पर निर्णय लेना है कि अनिबंधित मठ-मंदिरों की जमीन का निबंधन कैसे किया जाये।

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