'लव हॉर्मोन' की वजह से ही 'कुछ-कुछ होता है'

न्यूज डेस्क: प्रेम हर इंसान के जीवन की ज़रूरत मानी जाती हैं। प्यार होने के बाद इंसान के जीवन में कई तरह के बदलाव देखने को मिलते हैं। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह हैं की आखिर प्रेम हैं क्या तथा इंसान के मन में किसी के लिए फाइलिंग कैसे जन्म लेता हैं। 

विशेषज्ञों का मानना है कि प्यार करने वालों के दिमाग में डोपामाइन रसायन बहुत ज्यादा हो जाता है। इस रसायन के ज्यादा होंगे से इंसान को किसी के प्रति आकर्षित करता हैं। डोपामाइन खुशी, दुख और लत आदि अनुभवों से जुड़ा होता है।

आपको बता दें की प्रेम होने पर इंसान के दिमाग में एड्रेनलिन हार्मोन स्त्राव होता है, जो दिल की धड़कने बढ़ाने और हथेलियों में पसीना आने की वजह बन जाता हैं। इसकी वजह से दिल की गतिविधियां भी प्रभावित होती हैं और इंसान किसी के प्रति आकर्षित हो जाता हैं।

प्रेमी युगलों पर शोध करने वाले शोधकर्ता बताते हैं की प्यार करने पर व्यक्ति की सोच बदलती है। उसका दिमाग उसे कलात्मक कार्यों के लिए प्रेरित करता हैं। प्रेम से दिल का कोई रिलेशन नहीं होता हैं। इसमें सारा काम इंसान का दिमाग करता हैं। इसकी बजह से धड़कने बढ़ जाती हैं। हिंदी फिल्मों में इसे 'कुछ-कुछ होता है' कहते हैं।

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