ये हैं देवी के सभी शक्तिपीठों के नाम, देखिये पूरी लिस्ट?

1. कश्मीर या अमरनाथ : जम्मू-कश्मीर के अमरनाथ में। यहां माता का कण्ठ गिरा था। 

2.कात्यायनी : वृन्दावन, मथुरा के भूतेश्वर में। यहां केशपाश गिरा था। 

3. विशालाक्षी : उत्तर प्रदेश, वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर। दाहिने कान के मणि गिरे थे। 

4. प्रयाग : उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में स्थित है। यहां माता की हाथ की अंगुलियां गिरी थीं। 

5. ज्वालामुखी : हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में स्थित है। यहां सती का जिह्वा गिरी थी। 

6. जालंध्र : पंजाब के जालंधर में है। यहां वामस्तन गिरा था। 

7. देवीकूप पीठ कुरुक्षेत्र : हरियाणा के कुरुक्षेत्र के निकट द्वैपायन सरोवर के पास स्थित है। यहां माता का दहिना चरण गिरा था। 

8. पटना : बिहार की राजधानी पटना में स्थित पटनेश्वरी देवी को ही शक्तिपीठ माना जाता है। यहां माता की दाहिनी जंघा गिरी थी। 

9. मानस शक्तिपीठ: तिब्बत के मानसरोवर तट पर स्थित है। माता की दाहिनी हथेली गिरी थी।

10. करवीर : महाराष्ट्र के कोल्हापुर में । माता का त्रिनेत्र गिरा था। यहां महालक्ष्मी का निज निवास माना जाता है। 
11. जनस्थान : महाराष्ट्र में नासिक स्थित पंचवटी में। यहां माता की ठोड़ी गिरी थी। 

12. अम्बाजी : गुजरात के बनासकांठा जिले में। यहां माता का दिल गिरा था। 

13. मणिवेदिका : राजस्थान के पुष्कर में। गायत्री मन्दिर के नाम से जाना जाता है। यहां कलाइयां गिरी थीं। 

14. विराट का अम्बिका : जयपुर के वैराटग्राम में। यहां सती के 'दाएं पांव की अंगुलियां गिरी थीं। 

15. गोदावरी तट : आंध्र प्रदेश के कब्बूर में गोदावरी तट पर। माता का बायां कपोल गिरा था।

16. शुचीन्द्रम : तमिलनाडु, कन्याकुमारी के त्रिसागर संगम स्थल पर, जहां सती के ऊर्ध्वदन्त गिरे थे। 

17. श्री शैल : आंध्र प्रदेश के कुर्नूल के पास। माता की ग्रीवा गिरी थी। 

18. कांची : तमिलनाडु के कांचीवरम में। यहां माता का कंकाल गिरा था। 

19. कण्यकाश्रम कन्याकुमारी : 

20. किरीट : हुगली नदी के तट लालबाग कोट पर। यहां किरीट यानी शिरोभूषण या मुकुट गिरा था। 

21. अट्टहास : लाबपुर में है। यहां नीचे का होंठ गिरा था। 

22. नन्दीपुर : सैन्थया में है। यहां कण्ठहार गिरा था। 

23. नलहटी : बोलपुर में उदरनली गिरी थी। 

24. बहुला : कटवा जंक्शन के निकट केतुग्राम में है। यहां माता का वाम बाहु गिरा था। 

25. त्रिस्तोता : जलपाइगुड़ी के शालवाड़ी गांव में तीस्ता नदी पर। यहां माता का वामपाद गिरा था। 

26 . विभाष : मिदनापुर में है। यहां वाम टखना गिरा था। 

27. युगाद्या : बर्दमान जिले के क्षीरग्राम में है। यहां सती के दाहिने चरण का अंगूठा गिरा था। 

28. कालीघाट : कालीमन्दिर के नाम से प्रसिद्ध है। यहां दाएं पांव का अंगूठा छोड़ 4 अन्य अंगुलियां गिरी थीं। 

29. वक्रेश्वर : सिन्थेया में है। यहां मन गिरा था। 

30. कामाख्या : गुवाहाटी का कामगिरि पर्वत। योनिदेश गिरा था। 

31. जयन्ती : मेघालय की जयन्तिया पहाड़ी। वाम जंघा गिरी थी। 

32. त्रिपुरसुन्दरी : त्रिपुरा के राध किशोर ग्राम में। जहां माता का दक्षिण पाद गिरा था। 

33. विरजाक्षेत्र, उत्कल : उड़ीसा के पुरी और याजपुर में माना जाता है, जहां माता की नाभि गिरी थी। 

34. वैद्यनाथ : झारखण्ड के गिरिडीह, देवघर में है। यहां माता का हृदय गिरा था।

35. उज्जयिनी : मध्य प्रदेश के उज्जैन के क्षिप्रा के दोनों तटों पर। माता की कोहनियां गिरी थीं। 

36. शोण : मध्य प्रदेश के अमरकंटक का नर्मदा मन्दिर। यहां माता का दक्षिण नितम्ब गिरा था। 

37. लंका : श्रीलंका में है। यहां नूपुर गिरे थे। यह ठीक-ठीक ज्ञात नहीं है कि किस स्थान पर गिरे थे। 

38. गण्डकी : नेपाल में गण्डकी नदी के उद‌्गम पर है। सती के कपोल गिरे थे। 

39. गुह्येश्वरी : नेपाल के काठमाण्डू में पशुपतिनाथ मन्दिर के पास है। यहां दोनों घुटने गिरे थे। 

40. हिंगलाज : पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रान्त में है। माता की ब्रह्मरन्ध्र गिरा था। 

41. सुगंध : बांग्लादेश के खुलना में सुगंध नदी के तट पर है। यहां माता का नासिका गिरी थी। 

42. करतोयाघाट : बंग्लादेश भवानीपुर के बेगड़ा में करतोया नदी के तट पर। माता का वाम तल्प गिरा था। 

43. चट्टल : बंग्लादेश के चटगांव में। यहां दाहिनी भुजा गिरी थी। 

44. यशोर: बांग्लादेश के जैसोर खुलना में। यहां बायीं हथेली गिरी थी। 

45. श्री पर्वत शक्तिपीठ: 

46.पंच सागर शक्तिपीठ : इस शक्तिपीठ का कोई निश्चित स्थान ज्ञात नहीं है। 

47. भैरव पर्वत शक्तिपीठ : 

48. मिथिला शक्तिपीठ: नेपाल के जनकपुर, बिहार के समस्तीपुर और सहरसा में इसका स्थाना माना जाता है। 

49. रत्नावली शक्तिपीठ:  

50. कालमाधव शक्तिपीठ : 

51.रामगिरि शक्तिपीठ : 

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