इसी बीच एक बड़ी खबर आ रही हैं की अगर कोई प्रत्याशी धर्म, नस्ल, जाति, समुदाय या भाषा के आधार पर विभिन्न वर्गों के बीच शत्रुता या घृणा फैलाता है तो उसको तीन से पांच वर्ष की जेल हो सकती हैं। इसको लेकर आयोग ने पहले ही निर्देश दे दिए हैं।
बता दें की पंचायत चुनाव में दो लाख 55 हजार से अधिक पदों के लिए मैदान में करीब 10 लाख प्रत्याशियों के उतरने की संभावना है। ऐसे में निर्वाचन आयोग ने निर्वाचन संबंधी अपराधों के बारे में पहले से ही लोगों को सूचित कर दिया हैं।
मिली जानकारी के अनुसार अगर कोई प्रत्याशी चुनाव प्रचार के लिए मस्जिदों, गिरजाघरों, मंदिरों या अन्य पूजा स्थलों का प्रचार मंच के रूप में इस्तेमाल करता हैं तो इसे गैर जमानतीय अपराध की श्रेणी में रखा गया हैं। ऐसे वक्तियों को भी सजा हो सकती हैं।

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