भारत के लेजर गाइडेड बम 'सुदर्शन' की 5 ताकत

नई दिल्ली: भारत का पहला स्वदेशी लेजर गाइडेड बम, जिसे "सुदर्शन" के नाम से जाना जाता है, भारतीय रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) और एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (ADE) द्वारा विकसित किया गया है। यह बम लेजर लक्ष्यीकरण तकनीक का उपयोग करता है, जिससे यह उच्च सटीकता से लक्ष्य पर गिरता है।

खबर के अनुसार सुदर्शन बम को वायुसेना के लड़ाकू विमानों द्वारा इस्तेमाल करने के लिए डिजाइन किया गया है और इसकी रेंज और प्रभावशीलता इसे विभिन्न प्रकार के लक्ष्यों को नष्ट करने में सक्षम बनाती है। साल 2010 में इसका परीक्षण सफलतापूर्वक किया जा चुका है। 

लेजर गाइडेड बम 'सुदर्शन' की 5 ताकत। 

1 .उच्च सटीकता: सुदर्शन बम लेजर लक्ष्यीकरण प्रणाली का उपयोग करता है, जिससे यह बेहद सटीकता के साथ लक्ष्यों को नष्ट करने में सक्षम होता है। यह सामान्य बमों की तुलना में लक्ष्य से अधिक करीब पहुंचता है।

2 .बहुपरकारी उपयोग: यह बम विभिन्न प्रकार के विमानों, जैसे कि सुखोई-30 एमकेआई और मिग-29, पर लांच किया जा सकता है, जिससे इसे वायुसेना की विभिन्न आवश्यकताओं के अनुसार आसानी से समायोजित किया जा सकता है।

3 .कम बिखराव: सुदर्शन की डिज़ाइन ऐसी है कि यह लक्ष्य के पास गिरकर न्यूनतम बिखराव के साथ प्रभाव डालता है, जिससे आस-पास के क्षेत्रों में अनावश्यक नुकसान कम होता है।

4 .स्वदेशी तकनीक: इसका विकास भारत के अनुसंधान और विकास संगठनों द्वारा किया गया है, जिससे देश की रक्षा क्षमता में आत्मनिर्भरता बढ़ती है।

5 .सुरक्षा और प्रभावशीलता: सुदर्शन बम का निर्माण आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए किया गया है, जिससे यह युद्धक्षेत्र में बेहतर सुरक्षा और प्रभावशीलता प्रदान करता है।

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