HappyNews@ Media Team

This channel publishes all kinds of news related to the world.you will always be grateful if you always keep such a relationship with me.

HappyNews @ Science and Technology

Click here for every news from science and stay with HappyNews.

Happy News @ प्रेरक विचार

Click here for a relayed news with a motivational idea and stay with HappyNews.

HappyNews @ Politics

Click here for news related to politics and stay with HappyNews.

HappyNews @ Lifestyle and Relationship

Click here for the motive thought with image and stay with HappyNews.

3 से 6 जून तक महासंयोग: 4 राशियों पर बरसेगा धन, किस्मत देगी बड़ा साथ

ज्योतिष डेस्क: जून के पहले सप्ताह में ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति कुछ राशियों के लिए विशेष रूप से शुभ मानी जा रही है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार 3 जून से 6 जून के बीच बनने वाले शुभ संयोगों का प्रभाव धन, करियर और सामाजिक प्रतिष्ठा पर देखने को मिल सकता है। इस दौरान कुछ राशियों को आर्थिक मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने के संकेत हैं।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए यह अवधि आर्थिक दृष्टि से अनुकूल रह सकती है। लंबे समय से रुका हुआ धन मिलने की संभावना बन रही है। व्यापार से जुड़े लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं, जबकि नौकरीपेशा लोगों को अतिरिक्त जिम्मेदारियों के साथ लाभ मिलने के संकेत हैं। निवेश से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक खबर मिल सकती है।

सिंह राशि

सिंह राशि के लोगों के लिए यह समय आत्मविश्वास और सफलता लेकर आ सकता है। कार्यक्षेत्र में किए गए प्रयासों का अच्छा परिणाम मिल सकता है। आय के नए स्रोत बनने की संभावना है और पुराने निवेश से लाभ मिल सकता है। व्यापारियों के लिए भी यह अवधि लाभदायक मानी जा रही है।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों को आर्थिक मामलों में राहत मिलने के संकेत हैं। रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं और किसी महत्वपूर्ण योजना से लाभ मिल सकता है। परिवार के सहयोग से वित्तीय स्थिति मजबूत होने की संभावना है। नौकरी में पद और प्रतिष्ठा बढ़ने के योग भी बन रहे हैं।

मकर राशि

मकर राशि के लिए 3 से 6 जून का समय विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है। कारोबार में विस्तार के अवसर मिल सकते हैं और आय में वृद्धि के संकेत हैं। किसी पुराने प्रयास का सकारात्मक परिणाम मिलने से आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है। नई योजनाओं पर काम शुरू करने के लिए भी यह समय अनुकूल माना जा रहा है।

खुशखबरी का ऐलान! बिहार में इन शिक्षकों को जल्द मिलेगा प्रमोशन

पटना। बिहार के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में कार्यरत प्राध्यापकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से लंबित प्रोन्नति मामलों को लेकर अब तेजी दिखाई जाएगी। राज्यपाल एवं विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति सैयद अता हसनैन ने सभी विश्वविद्यालयों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि शिक्षकों की पदोन्नति से जुड़े लंबित मामलों का समयबद्ध निपटारा किया जाए।

राज्यपाल सचिवालय की ओर से जारी निर्देश के अनुसार, विश्वविद्यालयों में वर्षों से लंबित प्रोन्नति प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। इसके लिए 15 जून से प्रक्रिया शुरू कर 15 सितंबर तक सभी लंबित मामलों के निपटारे का लक्ष्य तय किया गया है। इस फैसले से राज्य के हजारों शिक्षकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

लंबे समय से लंबित थे मामले

जानकारी के अनुसार, कई विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की प्रोन्नति से जुड़े मामले लंबे समय से अटके हुए हैं। इस संबंध में राज्यपाल सचिवालय को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि पात्र शिक्षकों के मामलों पर समय पर निर्णय नहीं लिया जा रहा है। इससे शिक्षकों में असंतोष बढ़ रहा था और उनके कैरियर पर भी असर पड़ रहा था। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए राज्यपाल ने सभी कुलपतियों को लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे का निर्देश दिया है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी प्रक्रियाएं पूरी कर ली जाएं।

विश्वविद्यालयों को दिए गए स्पष्ट निर्देश

निर्देश पत्र में कहा गया है कि पदोन्नति से संबंधित सभी मामलों की समीक्षा कर नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही अनावश्यक विलंब से बचते हुए पात्र शिक्षकों को समय पर उनका अधिकार दिया जाए। राज्यपाल सचिवालय ने इस प्रक्रिया की नियमित निगरानी करने का भी संकेत दिया है।

इस फैसले से अब शिक्षकों में बढ़ी उम्मीद

राज्यपाल के इस हस्तक्षेप के बाद शिक्षकों में नई उम्मीद जगी है। लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे प्राध्यापकों को अब उम्मीद है कि उनकी सेवाओं और अनुभव का उचित मूल्यांकन होगा तथा उन्हें समय पर उच्च पदों का लाभ मिल सकेगा।

बिहार में शिक्षकों के लिए 3 बड़ी खुशखबरी, नए निर्देश जारी

पटना। बिहार के सरकारी शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) ने प्रशिक्षण कार्यक्रम से संबंधित नियमों में संशोधन करते हुए उन शिक्षकों को एक और मौका देने का निर्णय लिया है, जो शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दौरान विभिन्न कारणों से प्रशिक्षण में शामिल नहीं हो सके थे। इस फैसले से राज्य के हजारों शिक्षकों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

SCERT द्वारा जारी नए निर्देशों के अनुसार, जिन शिक्षकों की ड्यूटी विशेष सर्वेक्षण कार्य, विधानसभा चुनाव संबंधी जिम्मेदारियों या अन्य सरकारी कार्यों में लगी थी और इसी वजह से वे प्रशिक्षण से वंचित रह गए, उन्हें वर्ष 2026-27 में दोबारा प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर दिया जाएगा। स्वास्थ्य संबंधी कारणों से प्रशिक्षण में भाग नहीं ले पाने वाले शिक्षकों को भी इस सुविधा का लाभ मिलेगा।

ग्रीष्मावकाश के दौरान नहीं होगी कार्रवाई

परिषद ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई शिक्षक ग्रीष्मावकाश के दौरान पहले से तय कार्यक्रम के तहत अपने मुख्यालय से बाहर है और इस कारण प्रशिक्षण में शामिल नहीं हो पाता है, तो उसके खिलाफ किसी प्रकार की विभागीय कार्रवाई नहीं की जाएगी। यह निर्णय शिक्षकों की व्यावहारिक समस्याओं और व्यक्तिगत परिस्थितियों को ध्यान में रखकर लिया गया है।

पांच दिवसीय होगा आवासीय प्रशिक्षण

शिक्षा विभाग के अनुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम पांच दिनों का होगा और इसे आवासीय स्वरूप में आयोजित किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को नई शिक्षण तकनीकों, पाठ्यक्रम संबंधी बदलावों और विद्यार्थियों के बेहतर शैक्षणिक विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाएंगी। इसका उद्देश्य विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाना है।

मिलेगा क्षतिपूर्ति अवकाश

प्रशिक्षण में भाग लेने वाले शिक्षकों को विशेष राहत देते हुए क्षतिपूर्ति अवकाश देने का भी निर्णय लिया गया है। शिक्षक इस अवकाश का उपयोग 31 दिसंबर तक अपनी सुविधा के अनुसार कर सकेंगे। इससे प्रशिक्षण अवधि के दौरान अतिरिक्त समय देने वाले शिक्षकों को राहत मिलेगी।

शिक्षकों के हित में कदम

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ शिक्षकों की सुविधाओं और हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि शिक्षक शिक्षा व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उन्हें बेहतर प्रशिक्षण तथा अनुकूल कार्य वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

लेवल-1 कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! 8वें वेतन आयोग से मिल सकते हैं कई बड़े फायदे

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों की नजरें इन दिनों 8वें वेतन आयोग पर टिकी हुई हैं। वेतन वृद्धि, महंगाई भत्ता और पेंशन सुधार को लेकर लगातार चर्चाएं चल रही हैं। खासकर लेवल-1 के कर्मचारियों के लिए यह आयोग कई बड़ी राहत और आर्थिक लाभ लेकर आ सकता है।

न्यूनतम वेतन में हो सकती है बड़ी बढ़ोतरी

वर्तमान में लेवल-1 कर्मचारियों का न्यूनतम मूल वेतन 18,000 रुपये है। विभिन्न कर्मचारी संगठनों की मांग है कि महंगाई और बढ़ती जीवन-यापन लागत को देखते हुए न्यूनतम वेतन में उल्लेखनीय वृद्धि की जाए। यदि फिटमेंट फैक्टर में बढ़ोतरी होती है तो सबसे अधिक लाभ शुरुआती वेतनमान वाले कर्मचारियों को मिल सकता है।

भत्तों में भी मिल सकती है राहत

8वें वेतन आयोग में केवल मूल वेतन ही नहीं, बल्कि विभिन्न भत्तों की समीक्षा भी की जा सकती है। मकान किराया भत्ता (HRA), यात्रा भत्ता (TA) और अन्य सुविधाओं में संशोधन होने पर कर्मचारियों की कुल मासिक आय में अच्छा इजाफा देखने को मिल सकता है।

महंगाई कम करने की कोशिश

बीते कुछ वर्षों में महंगाई लगातार बढ़ी है, जिससे निम्न वेतन वर्ग के कर्मचारियों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ा है। माना जा रहा है कि 8वां वेतन आयोग वेतन संरचना को इस तरह तैयार कर सकता है जिससे कर्मचारियों की क्रय शक्ति मजबूत हो और महंगाई का असर कम महसूस हो।

लाखों कर्मचारियों को है उम्मीद

लेवल-1 श्रेणी में बड़ी संख्या में कर्मचारी कार्यरत हैं। ऐसे में आयोग की सिफारिशों का सीधा असर लाखों परिवारों पर पड़ सकता है। कर्मचारियों को उम्मीद है कि नया वेतन आयोग उनकी आय, भत्तों और भविष्य की वित्तीय सुरक्षा को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

पेंशन लाभ पर भी नजर

कर्मचारी संगठनों ने रिटायरमेंट के बाद बेहतर आर्थिक सुरक्षा की मांग उठाई है। ऐसे में पेंशन व्यवस्था में सुधार और सेवानिवृत्ति लाभों को मजबूत बनाने पर भी चर्चा हो रही है। यदि इस दिशा में सकारात्मक निर्णय होता है तो वर्तमान कर्मचारियों के साथ भविष्य के पेंशनभोगियों को भी फायदा मिल सकता है।

अंतिम फैसले का इंतजार

फिलहाल 8वें वेतन आयोग को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चा जारी है। वेतन, भत्तों और पेंशन से जुड़े मुद्दों पर अंतिम तस्वीर आयोग की सिफारिशों और केंद्र सरकार के फैसले के बाद ही साफ होगी। लेकिन इतना तय है कि लेवल-1 कर्मचारियों की उम्मीदें इस बार काफी बढ़ी हुई हैं और वे किसी बड़े आर्थिक लाभ की आस लगाए बैठे हैं।

हड्डियों को बना देगा स्टील जैसा मजबूत! खाएं ये 5 सुपरफूड्स

हेल्थ डेस्क। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और गलत खान-पान के कारण हड्डियों से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। कम उम्र में ही जोड़ों का दर्द, कैल्शियम की कमी और कमजोरी जैसी दिक्कतें आम हो गई हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, संतुलित आहार और कुछ खास खाद्य पदार्थों को नियमित रूप से डाइट में शामिल करके हड्डियों को मजबूत और स्वस्थ बनाया जा सकता है।

1. दूध और डेयरी उत्पाद

दूध, दही और पनीर कैल्शियम के सबसे अच्छे स्रोत माने जाते हैं। ये हड्डियों को मजबूती देने के साथ-साथ उनकी घनत्व को भी बढ़ाते हैं। रोजाना एक गिलास दूध या दही का सेवन हड्डियों के लिए बेहद फायदेमंद है।

2. हरी पत्तेदार सब्जियां

पालक, मेथी और सरसों जैसी हरी सब्जियां कैल्शियम और विटामिन K से भरपूर होती हैं। ये हड्डियों को टूटने से बचाने और उन्हें मजबूत बनाने में मदद करती हैं।

3. बादाम और मेवे

बादाम, अखरोट और काजू जैसे मेवे मैग्नीशियम और हेल्दी फैट्स से भरपूर होते हैं। ये हड्डियों की मजबूती के साथ-साथ शरीर की ऊर्जा बढ़ाने में भी सहायक हैं।

4. अंडे

अंडे विटामिन D का अच्छा स्रोत हैं, जो शरीर में कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है। मजबूत हड्डियों के लिए विटामिन D बेहद जरूरी माना जाता है।

5. तिल और रागी

तिल और रागी जैसे अनाज कैल्शियम से भरपूर होते हैं। खासकर रागी को हड्डियों की सेहत के लिए सुपरफूड माना जाता है। इसे नियमित आहार में शामिल करने से हड्डियां मजबूत बनी रहती हैं।

कल से बदलेगा भाग्य! बुध ग्रह से 5 राशियों को मिलेगा तरक्की का तोहफा

राशिफल। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार बुध ग्रह को बुद्धि, व्यापार, संचार और निर्णय क्षमता का कारक माना जाता है। जब भी बुध की स्थिति में परिवर्तन होता है, इसका असर कई राशियों के जीवन, करियर और आर्थिक स्थिति पर दिखाई देता है। माना जा रहा है कि कल से बुध का प्रभाव कुछ राशियों के लिए विशेष रूप से सकारात्मक परिणाम देने वाला हो सकता है।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय करियर में नई दिशा देने वाला हो सकता है। कार्यस्थल पर आपकी मेहनत की सराहना होगी और वरिष्ठों का सहयोग मिल सकता है। रुके हुए कार्य पूरे होने के संकेत हैं।

मिथुन राशि

मिथुन राशि पर बुध का विशेष प्रभाव माना जाता है। इस समय आपकी संवाद क्षमता और निर्णय लेने की शक्ति मजबूत हो सकती है। व्यापार से जुड़े लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं।

कन्या राशि

कन्या राशि के लिए यह समय आर्थिक और पेशेवर दृष्टि से लाभकारी हो सकता है। नौकरी में प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए भी समय अच्छा माना जा रहा है।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए यह समय संतुलन और सफलता लेकर आ सकता है। पुराने विवाद सुलझ सकते हैं और नए प्रोजेक्ट्स में सफलता मिलने के योग हैं।

कुंभ राशि

कुंभ राशि के लिए यह समय प्रगति और बदलाव का संकेत दे रहा है। नए विचारों और योजनाओं से लाभ मिल सकता है। करियर में आगे बढ़ने के नए अवसर सामने आ सकते हैं।

भारत का बढ़ता डिफेंस डंका! 4 देशों में भारतीय हथियारों का दबदबा

नई दिल्ली। भारतीय रक्षा उद्योग तेजी से वैश्विक मंच पर अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। स्वदेशी तकनीक, आधुनिक हथियार प्रणालियों और बढ़ते उत्पादन के दम पर भारत अब दुनिया के प्रमुख रक्षा निर्यातक देशों में शामिल होता जा रहा है। हाल के वर्षों में भारतीय हथियारों की मांग में जबरदस्त वृद्धि देखी गई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय रक्षा बाजार में भारत की स्थिति और मजबूत हुई है।

फिलीपींस, वियतनाम, आर्मेनिया और इंडोनेशिया जैसे देशों में भारतीय हथियारों की मजबूत मांग देखने को मिल रही है। इसके अलावा अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका और मध्य पूर्व के देश भी भारतीय रक्षा उपकरणों में रुचि दिखा रहे हैं।  भारत अब दुनिया के 100 से अधिक देशों को रक्षा उपकरण निर्यात कर रहा है।

रक्षा निर्यात में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

सरकारी आंकड़ों के अनुसार भारत ने वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग 38,000 करोड़ रुपये से अधिक का रक्षा निर्यात दर्ज किया है। यह पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि है। भारत ने आने वाले वर्षों में इस आंकड़े को और बढ़ाकर 50,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। यह वृद्धि दर्शाती है कि भारतीय रक्षा उत्पादों पर वैश्विक भरोसा लगातार बढ़ रहा है।

ब्रह्मोस मिसाइल की बढ़ती वैश्विक मांग

भारत की सबसे उन्नत क्रूज मिसाइलों में से एक ब्रह्मोस को लेकर कई देशों में गहरी रुचि देखी जा रही है। फिलीपींस के साथ पहले ही डील पूरी हो चुकी है, जबकि वियतनाम और अन्य देशों के साथ बड़े रक्षा समझौते सामने आए हैं। इंडोनेशिया जैसे देश भी इस सिस्टम को अपने रक्षा बेड़े में शामिल करने की प्रक्रिया में हैं।

आकाश और पिनाका सिस्टम की पहचान

भारत के स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम आकाश को कई देशों द्वारा अपनाया जा रहा है। आर्मेनिया जैसे देश पहले ही इस प्रणाली को शामिल कर चुके हैं, जबकि अन्य देशों से भी बातचीत जारी है। वहीं, पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट सिस्टम भी अपनी सटीकता और मारक क्षमता के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इसकी मांग यूरोप और एशिया के कई देशों में देखी जा रही है।

लॉयटरिंग म्यूनिशन और आधुनिक युद्ध तकनीक

भारत द्वारा विकसित लॉयटरिंग म्यूनिशन और ड्रोन आधारित हथियार प्रणाली भी वैश्विक स्तर पर चर्चा में है। कई देश हल्के, सटीक और कम लागत वाले इन हथियारों को अपनी रक्षा रणनीति में शामिल करने में रुचि दिखा रहे हैं। इन प्रणालियों ने आधुनिक युद्ध तकनीक में भारत को एक नई पहचान दी है।

बिहार में मौसम का ‘तूफानी वार’: 70 KM रफ्तार से आंधी, कई जिलों में बारिश का अलर्ट जारी

पटना। बिहार में जून की शुरुआत के साथ ही मौसम तेजी से करवट बदल रहा है। एक तरफ जहां गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर रही है, वहीं दूसरी ओर कई जिलों में तेज आंधी, वज्रपात और भारी बारिश का खतरा भी मंडरा रहा है। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में अगले कुछ घंटों के लिए अलर्ट जारी किया है।

70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी आंधी

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार बिहार के कई जिलों में 65 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। यह हवाएं अपने साथ बिजली गिरने और भारी बारिश की स्थिति भी पैदा कर सकती हैं। विशेषज्ञों ने इसे प्री-मानसून गतिविधि का हिस्सा बताया है, जो अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकता है।

कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने बिहार के दक्षिण और पूर्वी हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इनमें पटना, गया, बक्सर, भोजपुर, रोहतास, अरवल और नवादा जैसे जिले शामिल हैं। इसके अलावा सीमांचल और पूर्वी बिहार के जिलों में भी तेज बारिश और तूफानी मौसम की संभावना जताई गई है।

किन जिलों में रहेगा ज्यादा असर

मौसम अलर्ट के अनुसार भागलपुर, जमुई, लखीसराय, पूर्णिया और कटिहार जैसे जिलों में मौसम ज्यादा प्रभावित रह सकता है। इन इलाकों में तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने और भारी बारिश की आशंका है। प्रशासन को भी सतर्क रहने और आपदा प्रबंधन तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।

पटना में तापमान और मौसम का हाल

राजधानी पटना में अधिकतम तापमान करीब 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। हालांकि बादलों की आवाजाही के कारण गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। शहर में दिन के समय हल्की धूप और बीच-बीच में बादलों की स्थिति बनी रह सकती है।

भारत में बनेंगे 94 राफेल फाइटर जेट, पाक के उड़े होश, चीन सन्न!

नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना की ताकत को और अधिक मजबूत करने की दिशा में भारत सरकार एक बड़े रक्षा सौदे की ओर बढ़ रही है। भारत और फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों की संभावित डील को लेकर बातचीत तेज हो गई है। इस प्रस्तावित समझौते को देश की रक्षा रणनीति के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

फ्रांस के साथ गहराता रक्षा सहयोग

इस डील के तहत भारत और फ्रांस के बीच गवर्नमेंट-टू-गवर्नमेंट (G2G) मॉडल पर समझौता होने की संभावना है, जिसमें किसी भी मध्यस्थ की भूमिका नहीं होगी। एयर चीफ मार्शल के हालिया फ्रांस दौरे के दौरान इस परियोजना से जुड़े कई अहम पहलुओं पर चर्चा की जा रही है। रक्षा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि यह सौदा दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करेगा।

भारत में होगा राफेल का निर्माण

इस प्रस्ताव की सबसे बड़ी खासियत यह है कि लगभग 114 में से 94 राफेल विमान भारत में ही बनाए जाने की योजना है। यह कदम ‘मेक इन इंडिया’ पहल को बड़ी मजबूती देगा और देश के रक्षा उत्पादन क्षेत्र को नई दिशा प्रदान करेगा। इसके लिए फ्रांसीसी कंपनी और भारतीय साझेदार के बीच सहयोग की संभावना जताई जा रही है।

पहली बार भारत में होगा राफेल निर्माण

यह पहली बार होगा जब राफेल जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमान का निर्माण फ्रांस के बाहर किया जाएगा। इस परियोजना में लगभग 50 प्रतिशत तक स्थानीय उत्पादन की संभावना है, जिससे भारत के रक्षा उद्योग में तकनीकी आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। इससे देश में रोजगार और तकनीकी विशेषज्ञता के नए अवसर भी पैदा होंगे।

भारतीय वायुसेना की बढ़ती जरूरतें

वर्तमान में भारतीय वायुसेना के पास करीब 29 सक्रिय फाइटर स्क्वाड्रन हैं, जबकि आवश्यकता लगभग 42 स्क्वाड्रन की मानी जाती है। सीमावर्ती सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए वायुसेना की क्षमता बढ़ाना रणनीतिक रूप से जरूरी माना जा रहा है। ऐसे में यह प्रस्तावित डील भारतीय वायुसेना के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

देश में मानसून की एंट्री, इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी

नई दिल्ली। देशभर में लंबे इंतजार के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून की शुरुआत के संकेत मिलने लगे हैं। मौसम एजेंसियों के अनुसार मानसून जल्द ही केरल तट पर दस्तक दे सकता है, जिसके बाद धीरे-धीरे यह देश के अन्य हिस्सों की ओर आगे बढ़ेगा। मानसून के आगमन से जहां भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं कई राज्यों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट भी जारी किया गया है।

केरल से होती है देश में मानसून की शुरुआत

भारत में मानसून का प्रवेश सामान्यतः केरल तट से होता है। इसके बाद यह धीरे-धीरे उत्तर और पश्चिम भारत की ओर बढ़ता है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस समय परिस्थितियां मानसून के आगमन के लिए अनुकूल बन रही हैं और आने वाले दिनों में वर्षा गतिविधियों में तेजी देखी जा सकती है। मानसून का केरल में प्रवेश पूरे देश के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत माना जाता है, क्योंकि इसके बाद ही कृषि और जल संसाधनों से जुड़ी गतिविधियों पर बड़ा प्रभाव पड़ता है।

कई जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने केरल के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अलाप्पुझा, कोट्टायम, एर्नाकुलम, त्रिशूर, मलप्पुरम, पथानामथिट्टा और कोझिकोड जैसे जिलों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। इन इलाकों में कुछ स्थानों पर कम समय में तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

कई क्षेत्रों में येलो अलर्ट भी जारी

केरल के अन्य जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है, जो इस बात का संकेत है कि वहां भी मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं और समुद्र की स्थिति खराब रहने की संभावना है। इसी कारण मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है, जब तक मौसम सामान्य नहीं हो जाता।

मानसून पूर्व तैयारियां तेज

मानसून के आगमन को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। नालों, नहरों और जल निकासी सिस्टम की सफाई की जा रही है, ताकि बारिश के दौरान जलभराव और बाढ़ की स्थिति को कम किया जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बारिश जहां एक ओर गर्मी से राहत देगी, वहीं दूसरी ओर कृषि और जल संसाधनों के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगी।

यूपी में LPG गैस को लेकर सख्त फरमान, स्पष्ट निर्देश जारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने रसोई गैस (LPG) और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाया है। खाद्य एवं रसद विभाग ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं तक समय पर गैस सिलेंडर और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

समय पर गैस डिलीवरी नहीं तो होगी कार्रवाई

खाद्य एवं रसद मंत्री के अनुसार यदि डीलर समय पर उपभोक्ताओं के घरों तक रसोई गैस सिलेंडर नहीं पहुंचाते हैं तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार का उद्देश्य उपभोक्ताओं को बिना किसी परेशानी के समय पर सेवा उपलब्ध कराना है।

जमाखोरी और कालाबाजारी पर निगरानी

नेपाल और बिहार सीमा से जुड़े जिलों में पेट्रोल और डीजल की जमाखोरी तथा कालाबाजारी की शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है। सरकार ने इन क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर सख्त निगरानी और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही पेट्रोल पंपों पर कृत्रिम कमी, घटतौली और अधिक दाम वसूलने जैसी शिकायतों की जांच भी की जाएगी।

PNG कनेक्शन बढ़ाने पर भी जोर

बैठक में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन की रफ्तार बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 1500 नए कनेक्शन दिए जा रहे हैं, जिसे और तेज करने के लिए कंपनियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि इस प्रक्रिया में आने वाली बाधाओं को दूर किया जाएगा।

ई-केवाईसी और पारदर्शिता पर जोर

रसोई गैस वितरण में ई-केवाईसी अनिवार्य किए जाने पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों का कहना है कि इससे वितरण प्रणाली अधिक पारदर्शी बनेगी और वास्तविक उपभोक्ताओं तक ही लाभ पहुंचेगा। हालांकि सरकार ने यह भी साफ किया है कि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।

रेलवे कर्मचारियों के लिए बड़ा अपडेट, डिजिटल पास अनिवार्य

नई दिल्ली। रेलवे कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए यात्रा सुविधा से जुड़ी व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए यात्रा पास और प्रिविलेज टिकट ऑर्डर (PTO) प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल करने का फैसला लिया है। इसके बाद अब सभी सेवारत, दिव्यांग और सेवानिवृत्त रेलकर्मियों को केवल ऑनलाइन डिजिटल पास ही जारी किया जाएगा।

कागजी पास की व्यवस्था खत्म

नई व्यवस्था के तहत अब किसी भी कर्मचारी को कागज पर छपा हुआ यात्रा पास नहीं दिया जाएगा। रेलवे बोर्ड के निर्देश के अनुसार भविष्य में सभी पास केवल डिजिटल माध्यम से ही उपलब्ध होंगे। इस बदलाव का उद्देश्य पूरी प्रणाली को अधिक पारदर्शी, तेज और सुरक्षित बनाना है।

HRMS पोर्टल से मिलेगा पास

रेलवे कर्मचारियों को अब अपना यात्रा पास मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (HRMS) पोर्टल के माध्यम से प्राप्त करना होगा। इस पोर्टल पर लॉगिन करके कर्मचारी अपने पास और PTO डिजिटल रूप में जनरेट कर सकेंगे। यदि कोई ऑफलाइन आवेदन करता भी है, तो उसका पास भी सिस्टम के माध्यम से डिजिटल रूप में ही जारी किया जाएगा।

पहले मिलती थी आंशिक छूट

वर्ष 2020 में रेलवे ने ई-पास प्रणाली की शुरुआत की थी। हालांकि उस समय वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों और रिटायर्ड कर्मचारियों को सुविधा के लिए ऑफलाइन यानी कागजी पास लेने की छूट दी गई थी। अब इस छूट को समाप्त कर दिया गया है और सभी श्रेणियों के लिए डिजिटल प्रणाली अनिवार्य कर दी गई है।

कर्मचारियों पर क्या होगा असर?

इस बदलाव से डिजिटल तकनीक से परिचित कर्मचारियों को सुविधा मिलेगी, क्योंकि प्रक्रिया तेज और सरल होगी। वहीं जो कर्मचारी तकनीकी रूप से कम दक्ष हैं, उन्हें अब ऑनलाइन सिस्टम के अनुसार खुद को अपडेट करना होगा। रेलवे का मानना है कि इससे पूरे सिस्टम में एकरूपता आएगी और गलतियों की संभावना कम होगी।

रेलवे की डिजिटल दिशा में बड़ा कदम

यह निर्णय रेलवे के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल कागज की बचत होगी, बल्कि प्रक्रिया में पारदर्शिता और दक्षता भी बढ़ेगी।

यूपी में मौसम का ‘डबल धमाका’: तूफानी बारिश और आंधी का अलर्ट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मौसम एक बार फिर तेजी से करवट ले रहा है। कभी तेज धूप तो कभी बादलों की आवाजाही के बीच प्रदेश में मौसम का मिजाज पूरी तरह अस्थिर बना हुआ है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक इसी तरह के बदलाव जारी रहने की संभावना जताई है, जिसमें कई जिलों में आंधी-बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।

प्रदेश में धूप और गर्मी ने फिर बढ़ाया तापमान

सोमवार को प्रदेश के कई हिस्सों में सुबह हल्के बादल छाए रहे, लेकिन दिन चढ़ते ही मौसम साफ हो गया और तेज धूप निकल आई। इसके कारण तापमान में फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई। कई जिलों में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान में भी हल्की बढ़ोतरी देखने को मिली। बीते दिनों हुई बारिश के बावजूद अब दोबारा गर्मी और उमस लोगों को प्रभावित करने लगी है।

अगले दो दिन धूप, फिर बारिश की वापसी

मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिन प्रदेश में धूप और उमस का असर बना रहेगा। इसके बाद फिर से बारिश और तेज हवाओं का दौर शुरू होने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 5 से 6 दिनों तक प्रदेश में मौसम लगातार बदलता रहेगा, जिससे कभी राहत तो कभी परेशानी दोनों स्थितियां बनी रहेंगी।

मौसम बदलने के पीछे क्या है कारण?

विशेषज्ञों के अनुसार बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आने वाली नम हवाएं, साथ ही पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश में अस्थिर मौसम बना हुआ है। यही कारण है कि कभी तेज धूप तो कभी बारिश और आंधी की स्थिति देखने को मिल रही है।

कई जिलों में नुकसान और हादसे

हाल ही में हुई तेज बारिश और आंधी के कारण कुछ जिलों में नुकसान की भी खबरें सामने आई हैं। कहीं पेड़ और बिजली के पोल गिर गए तो कहीं आकाशीय बिजली से हादसे हुए हैं। हालांकि बारिश के कारण तापमान में बड़ी गिरावट आई है और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है।

63 जिलों में अलर्ट, प्रशासन सतर्क

मौसम विभाग ने प्रदेश के लगभग 63 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें सहारनपुर, मेरठ, गाजियाबाद, लखनऊ, बरेली, बाराबंकी, बिजनौर, रामपुर, कन्नौज, इटावा और कई अन्य जिले शामिल हैं। इन जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

यूपी के इन गांवों में चकबंदी पूरी, जमीन मालिकों के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कई गांवों में लंबे समय से लंबित चकबंदी प्रक्रिया आखिरकार पूरी कर दी गई है। इस फैसले से जमीन मालिकों और किसानों को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि वर्षों से चल रहा भूमि विवाद और असमंजस अब समाप्त होने की दिशा में पहुंच गया है। खासकर कन्नौज के अकबपुर गांव में 45 वर्षों बाद चकबंदी प्रक्रिया पूरी होना एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

वर्षों पुरानी प्रक्रिया का हुआ अंत

चकबंदी केवल जमीन के पुनर्वितरण की प्रक्रिया नहीं होती, बल्कि यह गांवों में भूमि से जुड़े विवादों को खत्म करने और पारदर्शी रिकॉर्ड तैयार करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। कन्नौज के अकबपुर गांव में लगभग चार दशक से अधिक समय से यह प्रक्रिया अधूरी पड़ी थी, जिसे अब पूरा कर लिया गया है। इसी तरह बिजनौर के कस्बा झालू, सहारनपुर के डालामाजरा और प्रयागराज के राजेपुर मय सराय अरजानी जैसे गांवों में भी लंबित चकबंदी कार्य पूरा किया गया है।

अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश

चकबंदी आयुक्त ने हाल ही में सभी जिलाधिकारियों से लंबित चकबंदी वाले गांवों की विस्तृत जानकारी मांगी थी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि जहां भी प्रक्रिया लंबित है, उसे प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द पूरा किया जाए। इसके साथ ही यह भी निर्देश दिया गया कि हर सप्ताह चकबंदी की प्रगति रिपोर्ट अनिवार्य रूप से चकबंदी कार्यालय को भेजी जाए, ताकि पूरी प्रक्रिया पर निगरानी बनी रहे।

प्रदेश के कई जिलों में एक साथ काम पूरा

हाल ही में प्रतापगढ़, सीतापुर, सिद्धार्थनगर, देवरिया, बरेली, गोरखपुर, सुल्तानपुर और मुरादाबाद के कुल 14 गांवों में भी लंबित चकबंदी प्रक्रिया पूरी की गई है। इससे हजारों किसानों और जमीन मालिकों को अपने भूमि अधिकारों को लेकर स्पष्टता मिली है। यह कदम ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि से जुड़े विवादों को कम करने और विकास कार्यों को गति देने में मददगार साबित हो सकता है।

कुछ गांवों को चकबंदी से किया गया अलग

इसके अलावा हरदोई के गांव टैनी, चित्रकूट के कौडर (कुन्दर) और अयोध्या के माफा रामपुर हलवारा को चकबंदी अधिनियम की धारा 6(1) के तहत इस प्रक्रिया से अलग कर दिया गया है। यह निर्णय स्थानीय परिस्थितियों और आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

चकबंदी से किसानों को मिलेगा सबसे बड़ा लाभ

चकबंदी पूरी होने के बाद किसानों को अपनी जमीन की स्पष्ट सीमाएं और रिकॉर्ड मिलते हैं, जिससे भूमि विवादों में कमी आती है। साथ ही खेती और विकास कार्यों की योजना बनाना भी आसान हो जाता है। लंबे समय से जिन गांवों में यह प्रक्रिया अटकी हुई थी, वहां अब विकास कार्यों के तेजी से आगे बढ़ने की उम्मीद है।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी, DA को लेकर अपडेट!

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ता (DA) एक अहम विषय रहता है। अब ताजा आर्थिक संकेतों के बाद जुलाई 2026 से लागू होने वाले अगले DA संशोधन को लेकर उम्मीदें फिर बढ़ गई हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस बार 3% तक की बढ़ोतरी संभव मानी जा रही है, जिससे कुल DA 63% तक पहुंच सकता है।

महंगाई के आंकड़ों से बढ़ी उम्मीदें

श्रम ब्यूरो द्वारा जारी AICPI-IW के अप्रैल 2026 के आंकड़ों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह इंडेक्स मार्च 2026 के मुकाबले थोड़ा ऊपर पहुंचा है, जिससे यह संकेत मिल रहे हैं कि महंगाई का दबाव अभी पूरी तरह कम नहीं हुआ है। यही डेटा केंद्रीय कर्मचारियों के DA निर्धारण में अहम भूमिका निभाता है, क्योंकि यह पिछले 12 महीनों के औसत पर आधारित होता है।

कैसे तय होता है DA?

केंद्र सरकार कर्मचारियों के महंगाई भत्ते की गणना AICPI-IW के 12 महीने के औसत के आधार पर करती है। जुलाई 2026 के संशोधन के लिए जुलाई 2025 से जून 2026 तक के आंकड़ों को ध्यान में रखा जाएगा। फिलहाल उपलब्ध डेटा के आधार पर औसत महंगाई दर में हल्की बढ़ोतरी देखी गई है, जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि DA 62% से बढ़कर करीब 63% तक पहुंच सकता है।

कितना हो सकता है फायदा?

अगर DA में 3% की बढ़ोतरी होती है, तो इसका सीधा असर कर्मचारियों की सैलरी पर पड़ेगा। उदाहरण के तौर पर जिन कर्मचारियों का मूल वेतन ₹29,200 है, उन्हें अभी 60% DA के हिसाब से ₹17,520 मिलते हैं.  अगर DA 63% हो जाता है, तो यह बढ़कर ₹18,396 हो जाएगा। इसका मतलब है कि हर महीने लगभग ₹800 से ₹900 तक का अतिरिक्त लाभ मिल सकता है।

अंतिम फैसला अभी बाकी

हालांकि अभी यह पूरा अनुमान शुरुआती आंकड़ों पर आधारित है। मई और जून 2026 के AICPI-IW डेटा आने के बाद ही स्थिति और स्पष्ट होगी। अगर इन महीनों में महंगाई में गिरावट नहीं आती है, तो 3% DA बढ़ोतरी की संभावना और मजबूत हो जाएगी। सरकार द्वारा अंतिम घोषणा के बाद ही यह तय होगा कि कर्मचारियों को 2% की बढ़ोतरी मिलेगी या 3% का बड़ा फायदा मिलेगा।

बिहार सरकार का बड़ा फैसला: किसानों के लिए 4 बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार सरकार ने राज्य में कृषि व्यवस्था को अधिक टिकाऊ और स्वास्थ्य के अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए शुरू किए गए 'खेत बचाओ अभियान' के तहत किसानों को कई तरह की आर्थिक और तकनीकी सहायता देने की घोषणा की गई है। इस पहल को किसानों की आय बढ़ाने और मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ता बिहार

राज्य सरकार का फोकस अब रासायनिक खेती से हटकर प्राकृतिक खेती की ओर किसानों को प्रेरित करने पर है। कृषि मंत्री ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी कम से कम 25 प्रतिशत जमीन पर प्राकृतिक खेती अपनाएं। इसका उद्देश्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और पर्यावरण को भी सुरक्षित रखना है।

किसानों के लिए 4 बड़ी खुशखबरी

सरकार ने प्राकृतिक खेती को अपनाने वाले किसानों के लिए चार प्रमुख लाभ घोषित किए हैं:

1. प्रति एकड़ ₹4,000 की सहायता राशि

प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को प्रति एकड़ ₹4,000 तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी (अधिकतम एक एकड़ तक)। इससे शुरुआती लागत का बोझ कम होगा और किसान आसानी से इस पद्धति को अपना सकेंगे।

2. जैव संसाधन केंद्र के लिए ₹1 लाख की मदद

जैविक खेती को मजबूत बनाने के लिए जैव उत्पादन संसाधन केंद्र स्थापित करने पर किसानों को ₹1,00,000 तक की सहायता दी जाएगी। इससे प्राकृतिक खाद और अन्य संसाधनों की उपलब्धता आसान होगी।

3. कृषि सखियों को ₹5,000 मासिक प्रोत्साहन

राज्य के 38 जिलों में 800 'कृषि सखी' (जीविका दीदियों) को चयनित किया गया है, जिन्हें ₹5,000 प्रतिमाह दिया जा रहा है। ये महिलाएं किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए मार्गदर्शन प्रदान करेंगी।

4. प्रमाणीकरण पर सरकारी सहायता

प्राकृतिक खेती के प्रमाणीकरण के लिए किसानों को प्रति हेक्टेयर ₹2,100 की सहायता दी जाएगी, जिससे उनके उत्पादों को बाजार में बेहतर पहचान मिल सके।

114 नए क्लस्टर बनाने की योजना

वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य सरकार ने 114 नए कृषि क्लस्टर बनाने की योजना तैयार की है, जिसमें लगभग 5,700 हेक्टेयर क्षेत्र को प्राकृतिक खेती के तहत लाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे राज्य में जैविक खेती का दायरा तेजी से बढ़ेगा।

बिहार में बसेंगे 11 नए सैटेलाइट शहर, लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार में शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रस्तावित 11 सैटेलाइट टाउनशिप परियोजनाओं को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में तेजी से काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इन परियोजनाओं को केवल आवासीय योजना नहीं, बल्कि राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास का बड़ा आधार माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने की उच्चस्तरीय समीक्षा

लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी 11 सैटेलाइट शहरों की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान अधिकारियों ने भूमि उपलब्धता, आधारभूत संरचना और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि इन परियोजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और किसी भी स्तर पर देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

आधुनिक शहरों की ओर बढ़ता बिहार

इन सैटेलाइट टाउनशिप का उद्देश्य राज्य में सुनियोजित शहरीकरण को बढ़ावा देना है। तेजी से बढ़ती आबादी और शहरों पर दबाव को देखते हुए यह योजना भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इन नए शहरों में आधुनिक सुविधाएं, बेहतर आवासीय व्यवस्था और विकसित व्यावसायिक केंद्र बनाने की योजना है, जिससे लोगों को बेहतर जीवन स्तर मिल सके।

बिहार में रोजगार और निवेश के नए अवसर

सरकार का मानना है कि इन सैटेलाइट शहरों के विकसित होने से राज्य में बड़े पैमाने पर आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। निर्माण कार्य, इंफ्रास्ट्रक्चर और सेवा क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इसके साथ ही निजी निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय व्यापार और उद्योगों को नई गति मिलेगी।

नए सेटलाइट सिटी से शहरी दबाव होगा कम

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन 11 नए शहरों के बनने से पटना और अन्य बड़े शहरों पर बढ़ता जनसंख्या दबाव कम होगा। इससे शहरों में भीड़भाड़ और संसाधनों पर दबाव घटेगा। साथ ही लोगों को नए और व्यवस्थित शहरी केंद्रों में बसने का विकल्प मिलेगा, जहां आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

राज्य सरकार ने विभागों को समन्वय के निर्देश

बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें ताकि परियोजनाओं में कोई बाधा न आए। भूमि अधिग्रहण और मंजूरी से जुड़े मुद्दों को जल्द हल करने पर जोर दिया गया। नियमित मॉनिटरिंग और समय-समय पर समीक्षा करने की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने को कहा गया।

केंद्र सरकार ने खोला खजाना: देशभर के छात्रों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ देशभर के छात्रों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। बढ़ते शैक्षणिक खर्चों को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक बार फिर छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस कदम से लाखों जरूरतमंद और मेधावी छात्रों को अपनी पढ़ाई जारी रखने में आर्थिक सहायता मिलने की उम्मीद है।

NSP पोर्टल क्या है?

केंद्र सरकार का नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है, जहां विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाएं एक ही जगह उपलब्ध होती हैं। इस पोर्टल की मदद से छात्र अलग-अलग वेबसाइट पर जाने की बजाय सीधे एक ही जगह से आवेदन कर सकते हैं। इस प्रणाली का उद्देश्य छात्रवृत्ति प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और तेज बनाना है, ताकि लाभ सीधे योग्य छात्रों तक पहुंच सके।

किन छात्रों को मिलेगा लाभ?

इस योजना के तहत स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक के छात्र शामिल हैं। कक्षा 1 से 12वीं तक के विद्यार्थी, स्नातक और स्नातकोत्तर छात्र, तकनीकी और प्रोफेशनल कोर्स करने वाले विद्यार्थी, IIT, NIT, IIM जैसे संस्थानों में पढ़ने वाले छात्र। इन सभी के लिए अलग-अलग श्रेणियों में छात्रवृत्ति की सुविधा उपलब्ध है।

आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन

छात्रों को सबसे पहले पोर्टल पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करना होता है। इसके बाद वे अपनी योग्यता और कोर्स के अनुसार योजना चुनकर आवेदन कर सकते हैं। सरकार ने साफ किया है कि आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह निशुल्क है। किसी भी प्रकार की फीस या शुल्क नहीं लिया जाता है।

आवेदन के लिए दस्तावेज और चयन प्रक्रिया

आवेदन के लिए छात्रों को कुछ जरूरी दस्तावेज देने होते हैं, जैसे आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण, पिछली कक्षा की मार्कशीट, आय प्रमाण पत्र, स्कूल या कॉलेज का प्रमाण पत्र। कुछ योजनाओं में अतिरिक्त दस्तावेजों की भी जरूरत हो सकती है, जो योजना की शर्तों पर निर्भर करता है।

आवेदन की जांच संबंधित संस्थान और विभाग द्वारा की जाती है। सभी दस्तावेज सही पाए जाने पर योग्य छात्रों की सूची तैयार की जाती है। इसके बाद छात्रवृत्ति की राशि सीधे छात्रों के बैंक खातों में DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेजी जाती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है।

आज का बड़ा मंगल: 5 राशियों के लिए सफलता और खुशहाली के योग

राशिफल। आज बड़ा मंगल का पावन अवसर ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष फलदायी माना जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मंगलवार का दिन भगवान हनुमान को समर्पित होता है और इस दिन किए गए शुभ कार्यों का प्रभाव कई गुना अधिक माना जाता है। 

ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के अनुसार आज का दिन कुछ राशियों के लिए विशेष रूप से लाभकारी साबित हो सकता है। ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर 5 राशियों के लिए आज का दिन सफलता, आर्थिक लाभ और मानसिक शांति के संकेत दे रहा है।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए आज का दिन ऊर्जा और आत्मविश्वास से भरा रहेगा। कार्यक्षेत्र में रुके हुए काम आगे बढ़ सकते हैं और नए अवसर मिलने की संभावना है। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत भी दिखाई दे रहे हैं।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए आज का दिन मान-सम्मान और प्रतिष्ठा बढ़ाने वाला माना जा रहा है। नौकरी और व्यवसाय में आपकी मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिल सकता है। परिवार में सुख-शांति का माहौल रहेगा।

कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों के लिए आज प्रगति के योग बन रहे हैं। लंबे समय से अटके कार्य पूरे हो सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी या पदोन्नति के संकेत मिल सकते हैं।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए आज का दिन संतुलित और लाभकारी रहेगा। व्यापार में सुधार और नए संपर्क बनने की संभावना है। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ-साथ सामाजिक संबंधों में भी सुधार होगा।

धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए आज भाग्य का साथ मिलने के संकेत हैं। रुका हुआ धन वापस मिल सकता है और करियर में नई दिशा प्राप्त हो सकती है। मानसिक रूप से भी राहत और उत्साह महसूस होगा।

बिहार में बनेगा नया एक्सप्रेस-वे, कई जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार में सड़क संपर्क को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राज्य में उत्तर प्रदेश के गंगा एक्सप्रेसवे की तर्ज पर एक नया गंगा एक्सप्रेसवे बनाने की योजना पर काम शुरू हो गया है। यह परियोजना न केवल यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाएगी, बल्कि कई जिलों के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी नई गति देगी।

बक्सर से सुल्तानगंज तक होगा एक्सप्रेसवे का विस्तार

बिहार में प्रस्तावित गंगा एक्सप्रेसवे की शुरुआत बक्सर जिले से होगी और यह पटना, आरा, मुंगेर होते हुए भागलपुर के सुल्तानगंज तक पहुंचेगा। इसकी कुल लंबाई लगभग 260 किलोमीटर प्रस्तावित है। यह सड़क गंगा नदी के किनारे-किनारे विकसित की जाएगी, जिससे राज्य के प्रमुख शहरों के बीच सीधा और तेज संपर्क स्थापित हो सकेगा।

फोर लेन सड़क, भविष्य में विस्तार की सुविधा

इस एक्सप्रेसवे को शुरुआत में फोर लेन के रूप में बनाया जाएगा, लेकिन भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इसे छह लेन और आठ लेन तक बढ़ाने की योजना भी शामिल है। इससे आने वाले वर्षों में बढ़ते यातायात दबाव को आसानी से संभाला जा सकेगा।

आपातकालीन एयरस्ट्रिप की भी होगी सुविधा

इस एक्सप्रेसवे की सबसे खास बात यह है कि इसके एक हिस्से को एयरस्ट्रिप मानकों के अनुसार विकसित किया जाएगा। आपात स्थिति या युद्ध जैसे हालात में इसका उपयोग भारतीय वायुसेना द्वारा रनवे के रूप में किया जा सकेगा। इस पर राफेल, सुखोई जैसे लड़ाकू विमान भी लैंडिंग और टेकऑफ कर सकेंगे। हालांकि इसका स्थान बाद में तय किया जाएगा।

सफर होगा तेज और सुविधाजनक

एक्सप्रेसवे पर वाहनों की गति सीमा लगभग 120 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की संभावना है। इसके अलावा यात्रियों की सुविधा के लिए रास्ते में विश्राम स्थल और अन्य सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इससे लंबी दूरी की यात्रा न केवल तेज होगी बल्कि अधिक आरामदायक भी बन जाएगी।

खुशखबरी का महापिटारा! यूपी में निकली 1 बंपर भर्ती, करियर बनाने का बड़ा मौका

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वर्ष 2026 के लिए एक बड़ी भर्ती अधिसूचना जारी की है। इस भर्ती के तहत कुल 543 पदों पर योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा, जिससे हजारों अभ्यर्थियों को करियर बनाने का शानदार अवसर मिलेगा।

किन पदों पर होगी भर्ती?

इस भर्ती प्रक्रिया के तहत तीन प्रमुख पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। रिव्यू ऑफिसर, असिस्टेंट रिव्यू ऑफिसर और कंप्यूटर असिस्टेंट। कुल 543 पदों में से 138 पद रिव्यू ऑफिसर, 380 पद असिस्टेंट रिव्यू ऑफिसर और 25 पद कंप्यूटर असिस्टेंट के लिए निर्धारित किए गए हैं।

आवेदन प्रक्रिया और तिथियां

इच्छुक उम्मीदवार केवल ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया 1 जून 2026 से शुरू होकर 21 जून 2026 तक चलेगी। आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 22 जून 2026 निर्धारित की गई है। उम्मीदवारों को आवेदन केवल आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से करना होगा।

शैक्षणिक योग्यता क्या है?

इस भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार के पास स्नातक (Bachelor’s Degree) होना आवश्यक है। इसके साथ ही कंप्यूटर से संबंधित योग्यता भी जरूरी रखी गई है, जैसे कंप्यूटर साइंस में डिप्लोमा या डिग्री, O Level सर्टिफिकेट, CCC प्रमाणपत्र, इसके अलावा अंग्रेजी टाइपिंग में न्यूनतम 25 शब्द प्रति मिनट की गति अनिवार्य है।

आयु सीमा और छूट

रिव्यू ऑफिसर और असिस्टेंट रिव्यू ऑफिसर के लिए आयु सीमा 21 से 35 वर्ष, कंप्यूटर असिस्टेंट के लिए आयु सीमा 18 से 35 वर्ष निर्धारित किया गया हैं। सरकारी नियमों के अनुसार आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को आयु में छूट भी दी जाएगी।

वेतनमान कितना मिलेगा?

चयनित उम्मीदवारों को 7वें वेतन आयोग के अनुसार आकर्षक वेतन मिलेगा। पद के अनुसार वेतनमान लगभग ₹25,500 से लेकर ₹1,51,100 तक निर्धारित किया गया है, जो इसे एक बेहतर करियर विकल्प बनाता है।

चयन प्रक्रिया कैसी होगी?

उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा और भर्ती परीक्षा के आधार पर किया जाएगा। परीक्षा से जुड़ी विस्तृत जानकारी एडमिट कार्ड और आधिकारिक नोटिफिकेशन के माध्यम से जारी की जाएगी।

मंगल का सुपर संयोग! 4 राशियों पर बरसेगा पैसा और सफलता का तूफान

राशिफल। आज मंगलवार को बन रहे विशेष ग्रह-नक्षत्रों के संयोग को ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जा रहा है। इसे मंगल का सुपर संयोग कहा जा रहा है, जिसका प्रभाव कुछ राशियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन और आर्थिक प्रगति के रूप में देखा जा सकता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार मंगलवार का दिन ऊर्जा, साहस और पराक्रम का प्रतीक होता है। ऐसे में इस विशेष योग के कारण चार राशियों के लिए दिन विशेष रूप से लाभकारी रहने के संकेत हैं।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए आज का दिन कार्यक्षेत्र में प्रगति का संकेत दे रहा है। रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं और नए अवसर मिलने की संभावना है। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत भी दिखाई दे रहे हैं।

सिंह राशि

सिंह राशि के लिए यह दिन सम्मान और सफलता बढ़ाने वाला माना जा रहा है। नौकरी और व्यवसाय में अच्छा प्रदर्शन देखने को मिल सकता है। परिवार और सामाजिक जीवन में भी सकारात्मक माहौल रहेगा।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातकों को आज आर्थिक लाभ के अवसर मिल सकते हैं। पुराने रुके हुए धन की प्राप्ति और निवेश से लाभ के संकेत हैं। करियर में भी नई दिशा मिलने की संभावना है।

धनु राशि

धनु राशि के लिए यह समय भाग्यवृद्धि का संकेत दे रहा है। नए कार्यों की शुरुआत के लिए दिन अनुकूल माना जा रहा है। यात्रा और कार्यक्षेत्र से लाभ मिलने के योग बन रहे हैं।

बिहार सरकार का बड़ा फैसला: 20 जून से ये नई व्यवस्था लागू

राशिफल। बिहार सरकार ने खनिज परिवहन को अधिक पारदर्शी और नियंत्रित बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य में दूसरे राज्यों से आने वाले बालू, पत्थर और अन्य लघु खनिजों पर अब नई ट्रांजिट पास व्यवस्था लागू की जा रही है। यह व्यवस्था 20 जून 2026 से पूरे राज्य में प्रभावी हो जाएगी।

10 जून से शुरू होगी प्रक्रिया, 20 जून से सख्ती

सरकारी आदेश के अनुसार ट्रांजिट पास प्रणाली की शुरुआत 10 जून 2026 से की जाएगी, जबकि 20 जून से इसे अनिवार्य रूप से लागू कर दिया जाएगा। इसके बाद बिना ट्रांजिट पास के किसी भी खनिज लदे वाहन को बिहार में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।

प्रति टन और घनमीटर के हिसाब से शुल्क तय

नई व्यवस्था के तहत खनिज परिवहन पर शुल्क भी निर्धारित किया गया है। वाहनों को 60 रुपये प्रति मीट्रिक टन या 85 रुपये प्रति घनमीटर की दर से ट्रांजिट पास शुल्क देना होगा। बिना शुल्क और पास के परिवहन को अवैध माना जाएगा और कार्रवाई की जाएगी।

डिजिटल सिस्टम से होगी पूरी निगरानी

सरकार ने इस पूरी व्यवस्था को ऑनलाइन और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने का निर्णय लिया है। प्रत्येक वाहन को सिस्टम इंटीग्रेटर के माध्यम से ट्रांजिट पास लेना होगा, जिससे राज्य में आने वाले खनिजों का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल रूप में उपलब्ध रहेगा। इससे न केवल निगरानी आसान होगी, बल्कि रियल टाइम डेटा भी प्राप्त किया जा सकेगा।

अवैध खनन और फर्जी चालानों पर रोक

नई व्यवस्था लागू होने के बाद एक ही चालान पर बार-बार खनिज ढुलाई जैसी अनियमितताओं पर रोक लगने की उम्मीद है। इसके अलावा अवैध खनन, भंडारण और राजस्व चोरी पर भी प्रभावी नियंत्रण किया जा सकेगा। सरकार का मानना है कि इससे खनन क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी और अनियमितताओं में कमी आएगी।

निर्माण कार्यों के कारण बढ़ी मांग

बिहार में सड़कों, पुलों और अन्य विकास परियोजनाओं के चलते बालू और पत्थर की मांग तेजी से बढ़ी है। इसी वजह से दूसरे राज्यों से बड़ी मात्रा में खनिजों का परिवहन किया जा रहा है। नई व्यवस्था से इनकी सही निगरानी संभव हो सकेगी।

राजस्व में बढ़ोतरी की उम्मीद

सरकार का कहना है कि इस नई प्रणाली से राज्य के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी। साथ ही खनन से जुड़ी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता आएगी और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगेगा।

बिहार में पेंशनधारकों के लिए बड़ी खुशखबरी, अब समय पर मिलेगा पैसा!

पटना। बिहार के लाखों पेंशनधारकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत लाभार्थियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। अब पेंशन की राशि हर महीने तय समय सीमा के भीतर सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंचाने की व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने दिए सख्त निर्देश

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि पेंशन योजनाओं के भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि हर हाल में यह सुनिश्चित किया जाए कि लाभार्थियों को उनकी राशि महीने की निर्धारित तारीख तक मिल जाए। सरकार का फोकस इस बात पर है कि बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों को मिलने वाली पेंशन समय पर उपलब्ध हो, ताकि उन्हें दैनिक जीवन में किसी कठिनाई का सामना न करना पड़े।

10 तारीख तक खाते में पहुंचेगी पेंशन

निर्देशों के अनुसार, अब सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं की राशि हर महीने की 10 तारीख तक लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे पेंशनधारकों को नियमित और भरोसेमंद आर्थिक सहायता मिल सकेगी। इस कदम से खासकर ग्रामीण और कमजोर वर्ग के लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जो अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पेंशन पर निर्भर रहते हैं।

समीक्षा बैठक में योजनाओं की प्रगति पर चर्चा

पटना स्थित लोकसेवक आवास के संकल्प सभागार में आयोजित बैठक में समाज कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शी तरीके से कैसे पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे।

भारत का 'Divyastra Mk-1' तैयार, दुश्मन देशों की बढ़ी टेंशन

न्यूज डेस्क। भारत की रक्षा तकनीक को एक और बड़ी सफलता मिली है। जोधपुर में स्वदेशी रूप से विकसित टैक्टिकल लोइटरिंग म्यूनिशन प्लेटफॉर्म Divyastra Mk-1 का सफल परीक्षण किया गया। यह परीक्षण रक्षा क्षेत्र में भारत की बढ़ती तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

मोबाइल लॉन्चर से हुआ सफल परीक्षण

परीक्षण के दौरान Divyastra Mk-1 को एक वाहन आधारित मोबाइल लॉन्चर से कई बार सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया। इस दौरान भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने पूरे ऑपरेशन की क्षमता और प्रदर्शन को देखा। इस परीक्षण ने यह साबित किया कि यह सिस्टम केवल प्रयोगशाला तक सीमित नहीं है, बल्कि वास्तविक युद्ध परिस्थितियों में भी तेजी से तैनात किया जा सकता है।

क्या है Divyastra Mk-1?

Divyastra Mk-1 एक उन्नत स्वदेशी मानवरहित हवाई प्रणाली (UAV) है, जिसे खुफिया जानकारी एकत्र करने, निगरानी रखने, टोही मिशन और सटीक हमलों के लिए तैयार किया गया है। यह प्लेटफॉर्म युद्ध क्षेत्र में तेजी से बदलते हालात के अनुसार काम करने में सक्षम है और जमीनी स्तर पर महत्वपूर्ण सूचनाएं उपलब्ध कराता है।

लंबी दूरी और तेज क्षमता

इस UAV की सबसे खास बात इसकी ऑपरेशनल क्षमता है।

लगभग 500 किलोमीटर तक की रेंज

करीब 5 घंटे तक लगातार उड़ान

300-400 किलोमीटर प्रति घंटे की गति

लगभग 15 किलोग्राम पेलोड क्षमता

इन विशेषताओं के कारण इसे लंबी दूरी के मिशनों में भी प्रभावी माना जा रहा है।

AI और स्वार्म टेक्नोलॉजी से लैस

Divyastra Mk-1 को आधुनिक तकनीकों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्वार्म सिस्टम से जोड़ा गया है। यह इसे कई तरह के मिशनों को एक साथ या समन्वय के साथ करने की क्षमता देता है। यह प्रणाली लक्ष्य पहचान, निगरानी, हमला और डिकॉय मिशन जैसे कार्यों में उपयोगी साबित हो सकती है।

विभिन्न मिशनों के लिए तैयार प्लेटफॉर्म

इस UAV को अलग-अलग मिशन आवश्यकताओं के अनुसार कॉन्फ़िगर किया जा सकता है। इसमें सेंसर सिस्टम, संचार उपकरण और अलग-अलग प्रकार के वारहेड लगाए जा सकते हैं। इससे यह निगरानी, सीमा सुरक्षा और रणनीतिक हमलों में बहुआयामी भूमिका निभा सकता है।

रिटायरमेंट के बाद 100% पेंशन? 8वें वेतन आयोग में बड़ी चर्चा शुरू

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच 8वें वेतन आयोग को लेकर उत्सुकता लगातार बढ़ रही है। अब तक वेतन वृद्धि, फिटमेंट फैक्टर और महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी को लेकर चर्चाएं हो रही थीं, लेकिन अब रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले लाभ और पेंशन व्यवस्था भी प्रमुख मुद्दों में शामिल हो गई है। कर्मचारी संगठनों की ओर से पेंशन प्रणाली में सुधार के कई सुझाव दिए गए हैं, जिन पर आगामी दिनों में विचार किया जा सकता है।

पेंशन बढ़ाने की मांग हुई तेज

कर्मचारी प्रतिनिधियों का मानना है कि बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की लागत को देखते हुए सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सुरक्षा को मजबूत किया जाना चाहिए। इसी उद्देश्य से पेंशन को वर्तमान 50 प्रतिशत से बढ़ाकर अंतिम प्राप्त वेतन या अंतिम 10 महीनों के औसत वेतन में से जो अधिक हो, उसका 67 प्रतिशत करने का प्रस्ताव सामने आया है। इस प्रस्ताव का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रिटायरमेंट के बाद भी कर्मचारी और उनका परिवार सम्मानजनक जीवन जी सकें तथा आय में अचानक बड़ी गिरावट का सामना न करना पड़े।

उम्र बढ़ने के साथ बढ़ सकती है पेंशन

पेंशन सुधार को लेकर एक अन्य महत्वपूर्ण सुझाव यह भी है कि वरिष्ठ नागरिकों को उम्र बढ़ने के साथ अतिरिक्त पेंशन का लाभ दिया जाए। प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार 65 वर्ष की आयु से शुरू होकर प्रत्येक पांच वर्ष पर पेंशन में 5 प्रतिशत की अतिरिक्त वृद्धि दी जा सकती है।

यदि ऐसा होता है तो 90 वर्ष की आयु तक पहुंचने वाले पेंशनभोगियों को उनके अंतिम वेतन के बराबर यानी 100 प्रतिशत तक पेंशन मिलने की संभावना बन सकती है। हालांकि यह अभी केवल सुझाव के स्तर पर है और इस पर अंतिम निर्णय होना बाकी है।

OPS, NPS और UPS में विकल्प की मांग

पेंशन सुधार पर चर्चा का एक अहम पहलू कर्मचारियों को पेंशन योजना चुनने की स्वतंत्रता देने का भी है। कई कर्मचारी संगठन चाहते हैं कि कर्मचारियों को अपनी आवश्यकता और भविष्य की योजना के अनुसार ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS), नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) या यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) में से किसी एक का चयन करने का विकल्प मिले।

OPS में निश्चित पेंशन की गारंटी होती है, जबकि NPS बाजार आधारित निवेश मॉडल पर काम करता है। वहीं UPS को दोनों व्यवस्थाओं के बीच संतुलन बनाने वाली योजना के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें अंशदान के साथ न्यूनतम पेंशन सुरक्षा भी शामिल है।

करोड़ों लोगों पर पड़ सकता है असर

8वां वेतन आयोग केवल वर्तमान कर्मचारियों तक सीमित नहीं है। इसके निर्णयों का प्रभाव केंद्रीय कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और उनके आश्रित परिवारों सहित 1.1 करोड़ से अधिक लोगों पर पड़ सकता है। यही कारण है कि आयोग से जुड़ी हर चर्चा पर कर्मचारी संगठनों और पेंशनर्स की विशेष नजर बनी हुई है।

मंगलवार को बनेंगे 2 शक्तिशाली योग: 4 राशियों को मिल सकता है बड़ा लाभ

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मंगलवार का दिन कई राशियों के लिए बेहद शुभ रहने वाला है। ग्रह-नक्षत्रों की विशेष स्थिति के कारण दो शक्तिशाली योग बन रहे हैं, जिनका प्रभाव कई राशियों पर देखने को मिलेगा। ज्योतिषियों का मानना है कि इस शुभ संयोग से करियर, धन और पारिवारिक जीवन में सकारात्मक बदलाव के संकेत मिल सकते हैं।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए मंगलवार नई ऊर्जा और उत्साह लेकर आ सकता है। नौकरी और कारोबार में अच्छे अवसर मिल सकते हैं। पुराने निवेश से लाभ मिलने के संकेत हैं। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए यह समय शुभ परिणाम देने वाला माना जा रहा है। करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति का सहयोग मिलने से रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं। आर्थिक पक्ष पहले से बेहतर रहने की संभावना है।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों को भाग्य का अच्छा साथ मिल सकता है। नई योजनाओं पर काम शुरू करने के लिए समय अनुकूल माना जा रहा है। व्यापार में लाभ और परिवार में खुशियों का माहौल बन सकता है। मान-सम्मान में भी वृद्धि होने के संकेत हैं।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए मंगलवार सफलता के नए रास्ते खोल सकता है। नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है और लंबे समय से चली आ रही परेशानियों में राहत मिल सकती है।