CAA के बाद अब कॉमन सिविल कोड की बारी, क्या है ये कानून?

न्यूज डेस्क: भारत में CAA का फैसला हो चूका हैं। इसे दोनों सदनों से पारित करके लागू कर दिया गया हैं। इसके बाद अब देश में कॉमन सिविल कोड की चर्चा जोर पकड़ रही हैं। क्यों की भारतीय जनता पार्टी इस कानून को लागू करने का बादा चुनाव में की थी। आज इसी विषय में जानने की कोशिश करेंगे की कॉमन सिविल कोड क्या हैं। 
कॉमन सिविल कोड। 
कॉमन सिविल कोड का मतलब है देश में हर नागरिक के लिए एक समान कानून का होना, चाहे वह किसी भी धर्म या जाति से ताल्लुक क्यों न रखता हो. फिलहाल देश में अलग-अलग धर्मों के लिए अलग-अलग पर्सनल लॉ हैं। लेकिन जब ये कानून लागू हो जाएगा तो हर धर्म के लोगों के लिए सिर्फ एक कानून होगा।

चाहें हिंदू हो, मुसलमान हो, सिख या ईसाई सबके लिए शादी, तलाक,पैृतक संपत्ति जैसे मसलों पर एक तरह का कानून लागू हो जाएगा। भारत के इस कानून का बहुत से लोग समर्थन करते हैं तो बहुत से लोग विरोध भी करते हैं। 

आपको बता दें की देश में जब भी सभी समुदायों के लिए एक जैसा कानून और नियम लाने की बात होती है तो उसका विरोध होता रहा है। क्यों की देश में हर धर्म के लोगों के लिए अपना अलग कानून हैं। लेकिन बीजेपी सरकार ने इस मुद्दे पर देश में चुनाव लड़ा और उसे पूर्ण बहुमत भी प्राप्त हुआ। अब सवाल है की क्या यूनिफॉर्म सिविल कोड के अपने वादे को बीजेपी पूरा करेगी।

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