खबर के अनुसार मंकीपाक्स बीमारी अब तक केवल अफ्रीका के कुछ हिस्सों में ही पाया जाता था। लेकिन अब इस बीमारी का प्रसार इटली, स्वीडन, स्पेन, पुर्तगाल, अमेरिका, कनाडा और यूके तक हो चूका हैं। जिससे दुनियाभर के देशों की टेंशन बढ़ने लगी हैं।
मंकीपाक्स वायरस क्या हैं: बता दें की मंकीपॉक्स मुख्य रूप से चूहों और बंदरों के जरिए इंसानों को होता है। क्यों की इन्हीं जानवरों में ये वायरस मौजूद होते हैं। मंकीपॉक्स वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में घावों, शरीर के तरल पदार्थों, खांसने-छींकने से निकलने वाले ड्रॉपलेट्स आदि से फ़ैल सकता हैं।
यह मंकीपाक्स वायरस इंसान के त्वचा, आंख, नाक या मुंह के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है। यह बीमारी अक्सर चेहरे से शुरू होकर शरीर के अन्य हिस्सों में फैल जाते हैं। इसका संक्रमण आमतौर पर 14 से 21 दिन तक रहता है।
मंकीपाक्स के लक्षण : इस बीमारी के शुरूआती लक्षण में बुखार, सिरदर्द, सूजन, पीठ दर्द, मांसपेशियों में दर्द आदि होते हैं। साथ ही साथ बुखार के समय खुजली वाले दाने विकसित हो सकते हैं। ऐसा होने पर डॉक्टर की सलाह लेना आवश्य होता हैं।

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