भारत को क्यों नहीं मिल रहा वीटो पॉवर, पढ़ें रिपोर्ट

न्यूज डेस्क: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में वीटो पावर पांच स्थायी सदस्यों जैसे की अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस, और चीन को दी गई है। इसका अर्थ है कि यदि इनमें से कोई भी सदस्य किसी प्रस्ताव का विरोध करता है, तो वह प्रस्ताव पारित नहीं हो सकता, चाहे अन्य सभी सदस्यों का समर्थन क्यों न हो।

भारत को क्यों नहीं मिल रहा वीटो पॉवर, पढ़ें रिपोर्ट

1 .विरोधी देशों की चिंताएं: कुछ देश जैसे कि चीन, भारत को UNSC में स्थायी सदस्यता देने के खिलाफ हैं। वे भारत की बढ़ती शक्ति और क्षेत्रीय प्रभाव को लेकर चिंतित हैं।

2 .आंतरिक राजनीति: दुनिया के कई देशों में आंतरिक राजनीतिक मुद्दे और प्राथमिकताएँ होती हैं, जो उन्हें भारत के समर्थन में बाधा डाल सकती हैं।

3 .संरचनात्मक बाधाएं : UNSC के सुधार के लिए व्यापक सहमति की आवश्यकता है। सभी सदस्य देशों का समर्थन प्राप्त करना कठिन है, खासकर जब मुद्दा वीटो पावर का हो।

4 .अन्य उम्मीदवारों की मौजूदगी: भारत के अलावे जर्मनी, ब्राजील, जापान, और दक्षिण अफ्रीका जैसे अन्य देश भी स्थायी सदस्यता के लिए प्रयासरत हैं, जिससे प्रतिस्पर्धा बढ़ जाती है।

वीटो पावर प्राप्त करने के नियम: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में वीटो पावर प्राप्त करने के लिए कोई विशेष और स्पष्ट नियम नहीं हैं, लेकिन UNSC में स्थायी सदस्यता और वीटो पावर के लिए प्रस्तावों को संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रस्तुत किया जा सकता हैं और प्रस्ताव को दो तिहाई बहुमत से अनुमोदित किया जाना आवश्यक है।

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