1 अक्टूबर से लागू रहेंगी पुरानी दरें
सरकार के फैसले के मुताबिक 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक छोटी बचत योजनाओं पर वही ब्याज दरें जारी रहेंगी, जो जुलाई से सितंबर 2026 के दौरान लागू थीं। यानी इस अवधि में न तो ब्याज दर बढ़ेगी और न ही इसमें कटौती होगी।
छोटी बचत योजनाएं उन लोगों के बीच लोकप्रिय हैं, जो सुरक्षित तरीके से रकम जमा करके भविष्य के लिए बचत करना चाहते हैं। सरकार इन योजनाओं की ब्याज दरों की हर तीन महीने में समीक्षा करती है।
निवेशकों पर क्या पड़ेगा असर?
इस फैसले से नए निवेश करने वालों को पिछली तिमाही वाली ब्याज दर का ही लाभ मिलेगा। वहीं, पहले से निवेश कर चुके लोगों पर भी तत्काल कोई बदलाव नहीं होगा और संबंधित योजना के नियमों के अनुसार ब्याज मिलता रहेगा।
अब अगली समीक्षा जनवरी 2027 में होगी। उस समय सरकार जनवरी से मार्च की तिमाही के लिए ब्याज दरों में बदलाव या मौजूदा दरों को बरकरार रखने का फैसला कर सकती है।

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