केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस अभियान की शुरुआत की। सरकार का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा परिवारों को पाइप्ड गैस से जोड़ना और देश के ऊर्जा मिश्रण में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी बढ़ाना है।
मौजूदा नेटवर्क का होगा बेहतर इस्तेमाल
अभियान के दौरान नए कनेक्शन देने के साथ पहले से मौजूद गैस नेटवर्क की क्षमता का पूरा उपयोग करने पर भी जोर रहेगा। खासकर अर्ध-शहरी और ग्रामीण इलाकों में PNG की पहुंच बढ़ाने तथा निष्क्रिय कनेक्शनों को फिर से चालू करने की योजना है।
सरकार के अनुसार देश में अब तक करीब 6.87 लाख इंच-किलोमीटर गैस पाइपलाइन नेटवर्क तैयार हो चुका है। इसी बुनियादी ढांचे के आधार पर लगभग 1.30 करोड़ अतिरिक्त घरेलू PNG कनेक्शन देने की क्षमता मौजूद है।
पिछले अभियान में भी बढ़े थे कनेक्शन
इससे पहले PNG ड्राइव 2.0 के दौरान लाखों नए कनेक्शन और पंजीकरण किए गए थे। सरकार अब तीसरे चरण में इस अभियान का दायरा और बढ़ाना चाहती है। इसके लिए पेट्रोलियम मंत्रालय, PNGRB, सिटी गैस वितरण कंपनियां और अन्य संबंधित संस्थाएं मिलकर काम करेंगी।
गैस नेटवर्क के विस्तार पर जोर
प्राकृतिक गैस की उपलब्धता बढ़ाने के लिए देशभर में पाइपलाइन नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है। सरकार ‘वन नेशन, वन गैस ग्रिड’ की दिशा में भी काम कर रही है। गैस नेटवर्क बढ़ने से घरों के साथ उद्योगों और परिवहन क्षेत्र में भी प्राकृतिक गैस के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
नई पहल से अधिक परिवारों को PNG की सुविधा मिलने के साथ गैस वितरण क्षेत्र में नए निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है। सरकार का लक्ष्य प्राकृतिक गैस को देश के ऊर्जा तंत्र में ज्यादा महत्वपूर्ण भूमिका देना है।

0 comments:
Post a Comment