सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य बाजार में चीनी की सप्लाई लगातार बनाए रखना और जमाखोरी पर रोक लगाना है। इससे त्योहारों के दौरान उपभोक्ताओं को पर्याप्त मात्रा में चीनी उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।
कोलकाता और असम में अलग होगी सीमा
हालांकि, कोलकाता और असम को नई स्टॉक लिमिट से अलग रखा गया है। इन दोनों क्षेत्रों के लिए अधिकतम सीमा 2,000 क्विंटल तय की गई है। सरकार ने यह व्यवस्था स्थानीय जरूरतों और परिवहन से जुड़ी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए की है।
चीनी की कीमतों में आई गिरावट
सरकार के मुताबिक, स्टॉक लिमिट से जुड़े कदमों का असर बाजार में दिखाई दे रहा है। अगस्त के ऊंचे स्तर की तुलना में खुदरा चीनी की कीमतों में करीब 15 प्रतिशत तक कमी आई है। वहीं एक्स-मिल कीमतों में लगभग 28 प्रतिशत की गिरावट बताई गई है।
मिलों को पेराई शुरू करने की सलाह
सरकार ने चीनी मिलों से अपने क्षेत्र की परिस्थितियों के अनुसार गन्ने की पेराई शुरू करने को कहा है। साथ ही सरकार उत्पादन और उपलब्धता पर लगातार नजर रख रही है, ताकि घरेलू बाजार में चीनी की पर्याप्त आपूर्ति बनी रहे और किसानों तथा उपभोक्ताओं के हितों के बीच संतुलन कायम रखा जा सके।

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