1 .हर महीने प्रति बेड मिलेंगे 1,000 रुपये
मंत्रिमंडल सचिवालय से मिली जानकारी के मुताबिक, इस योजना के तहत प्रत्येक छात्र के लिए प्रति बेड हर महीने 1,000 रुपये की राशि दी जाएगी। सरकार को इस व्यवस्था पर सालाना लगभग 58 करोड़ 80 लाख रुपये खर्च करने होंगे। वहीं, हर महीने का संभावित खर्च करीब 4 करोड़ 90 लाख रुपये होगा।
2 .दूसरे जिलों से आने वाले छात्रों को राहत
इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक संस्थानों में पढ़ने के लिए कई विद्यार्थी अपने गृह जिले से बाहर जाते हैं। ऐसे में उन्हें रहने के लिए कमरा तलाशने में परेशानी होती है। निजी भवनों में आवास की सुविधा मिलने से उनकी यह समस्या कम हो सकती है।
सरकार के इस फैसले से तकनीकी संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान रहने की बेहतर व्यवस्था मिलने की उम्मीद है। इससे उन्हें आवास की चिंता कम करते हुए अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिल सकती है।

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