बीमा प्रीमियम पर मिलेगी आर्थिक सहायता
योजना के तहत पात्र सामान्य श्रेणी के लाभार्थियों को बीमा प्रीमियम का 40 प्रतिशत तक प्रोत्साहन मिलेगा, जिसकी अधिकतम सीमा एक लाख रुपये है। वहीं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला लाभार्थियों को 10 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाएगा। इन पात्र लाभार्थियों के लिए सहायता की अधिकतम राशि 1.10 लाख रुपये तक हो सकती है।
बाढ़ और बीमारी से नुकसान पर सुरक्षा
बीमा के तहत तालाबों और अन्य जलीय कृषि प्रणालियों को शामिल किया गया है। इसमें बाढ़, चक्रवात, सूखा और प्रदूषण जैसे जोखिमों से सुरक्षा के विकल्प हैं। व्यापक बीमा लेने पर मछलियों में होने वाली बीमारियों समेत अन्य निर्धारित जोखिम भी कवर हो सकते हैं। योजना के तहत अधिकतम 20 लाख रुपये तक का बीमा कवरेज उपलब्ध है, जो पॉलिसी की शर्तों पर निर्भर करेगा।
बिहार में बढ़ रहा मछली उत्पादन
बिहार में मत्स्य पालन का दायरा लगातार बढ़ रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, राज्य में मछली उत्पादन 2024-25 के 9.69 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 2025-26 में 10.28 लाख मीट्रिक टन हो गया। बीमा प्रोत्साहन से मछली पालकों को जोखिम कम करने और अपनी आजीविका सुरक्षित रखने में मदद मिल सकती है।
योजना का लाभ लेने से पहले किसानों को पात्रता, बीमा पॉलिसी, प्रीमियम और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी संबंधित मत्स्य विभाग से जरूर प्राप्त करनी चाहिए।

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