प्रति हेक्टेयर मिलेंगे 18 हजार रुपये
सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, पात्र किसानों को खेतों से बालू, रेत और गाद हटाने के लिए 18,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता देने का प्रावधान है। वहीं, प्रत्येक पात्र किसान को न्यूनतम 2,200 रुपये की मदद मिल सकेगी। इससे बाढ़ के बाद जमीन साफ कराने में होने वाले खर्च का बोझ कम करने में सहायता मिलेगी।
22 जिलों में होगा जमीन का सत्यापन
आपदा प्रबंधन विभाग ने संबंधित जिलों के अधिकारियों को प्रभावित खेतों और मत्स्य प्रक्षेत्रों का स्थलीय सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं। जांच में यह देखा जाएगा कि जमीन पर कितनी बालू, रेत या गाद जमा हुई है। इसके बाद निर्धारित सहायता मानकों के अनुसार राशि की मांग की जाएगी। इस योजना में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, खगड़िया, पूर्णिया, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, सुपौल, सहरसा समेत कुल 22 जिले शामिल हैं।
अगली फसल की तैयारी में मिलेगी मदद
बाढ़ का पानी उतरने के बाद खेतों में रेत और गाद जमा होने से कई किसानों को दोबारा बुआई की तैयारी करने में परेशानी होती है। ऐसे किसानों को सामान्य फसल क्षति अनुदान से अलग राहत मिलने की उम्मीद है। सहायता मिलने से खेतों को साफ कर खेती योग्य बनाने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, राशि पाने के लिए जमीन का सत्यापन और सरकारी मानकों के अनुसार पात्रता पूरी करना जरूरी होगा। किसान अपने जिले के कृषि या आपदा प्रबंधन कार्यालय से आवेदन और सहायता प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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