करीब 74.5 किलोमीटर लंबे गंगा-जेवर लिंक एक्सप्रेसवे का मकसद प्रमुख एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़ना और एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए एक बेहतर विकल्प तैयार करना है। इसके बनने से यात्रियों को दिल्ली और नोएडा के व्यस्त मार्गों पर पहले जितना निर्भर नहीं रहना पड़ सकता। हालांकि, सफर में कितनी बचत होगी, यह सड़क तैयार होने और यातायात व्यवस्था शुरू होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
कहां से गुजरेगा गंगा-जेवर लिंक एक्सप्रेसवे?
प्रस्तावित एक्सप्रेसवे बुलंदशहर के स्याना क्षेत्र के नजदीक गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। आगे इसका संपर्क यमुना एक्सप्रेसवे के पास, सेक्टर-21 में प्रस्तावित फिल्म सिटी के आसपास बनाया जाएगा। इस तरह पश्चिमी उत्तर प्रदेश से जेवर एयरपोर्ट और यमुना सिटी तक पहुंचने के लिए एक नया संपर्क मार्ग उपलब्ध हो सकेगा।
इस परियोजना का रास्ता बुलंदशहर के स्याना, शिकारपुर और खुर्जा के आसपास के इलाकों के साथ गौतम बुद्ध नगर की जेवर तहसील के करीब 56 गांवों से होकर गुजरने का प्रस्ताव है। इससे इन क्षेत्रों में सड़क संपर्क बेहतर होने की संभावना है।
छह लेन से होगी शुरुआत, आगे बढ़ सकती है चौड़ाई
योजना के मुताबिक, एक्सप्रेसवे को शुरुआत में छह लेन का बनाया जाएगा। भविष्य में यातायात बढ़ने और जरूरत के हिसाब से इसे आठ लेन तक विस्तारित करने का विकल्प भी रखा गया है। मुख्य सड़क की चौड़ाई करीब 80 मीटर प्रस्तावित है, जबकि सर्विस रोड सहित पूरे मार्ग की चौड़ाई लगभग 130 मीटर तक हो सकती है।
निर्माण कार्य को दो हिस्सों में पूरा करने की योजना है। पहले हिस्से में गौतम बुद्ध नगर के भैंपुर ब्राह्मण से बुलंदशहर के बिचौला तक लगभग 24.5 किलोमीटर सड़क बनाई जाएगी। दूसरे हिस्से में बिचौला से बहापुर तक करीब 50 किलोमीटर का मार्ग तैयार करने का प्रस्ताव है।

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