बक्सर स्टेशन पर बनेंगी आधुनिक सुविधाएं?
बक्सर स्टेशन के पास रेलवे की करीब 100 एकड़ खाली जमीन उपलब्ध है। इस जमीन पर वाशिंग पिट, कोचिंग मेंटेनेंस डिपो और स्टेबलिंग लाइन जैसी सुविधाएं विकसित करने की मांग की गई है। इन सुविधाओं के अभाव में दिल्ली, मुंबई, दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर के लिए बक्सर से नई ट्रेनों की शुरुआत करना मुश्किल हो रहा है।
आपको बता दें की इस मुद्दे को 2017 में तत्कालीन सांसद अश्विनी कुमार चौबे ने लोकसभा में उठाया था। इसके बाद वर्तमान सांसद सुधाकर सिंह और सदर विधायक आनंद मिश्रा ने भी स्टेशन के विस्तार और यात्री सुविधाओं को लेकर प्रयास किए हैं।
चार लाइन वाले कॉरिडोर से भी उम्मीद
रेलवे की बक्सर-लखीसराय चार लाइन वाली परियोजना भी क्षेत्र के लिए अहम है। इसमें तीसरी और चौथी रेल लाइन विकसित करने की योजना शामिल है। इससे भविष्य में रेल परिचालन की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 29 जुलाई को संसद में बताया था कि बक्सर के विकास के लिए दीर्घकालिक मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है।
इसके तहत तकनीकी जरूरतों, बजट और परिचालन की स्थिति को देखते हुए चरणबद्ध तरीके से काम किया जाएगा। फिलहाल, दो रेल बाईपास परियोजनाओं और चार लाइन वाले कॉरिडोर से बक्सर सहित आसपास के क्षेत्रों में रेल सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद है। हालांकि, बक्सर स्टेशन पर नई सुविधाओं के निर्माण और नई ट्रेनों की शुरुआत को लेकर आगे के आधिकारिक फैसलों का इंतजार है।

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