न्यूज डेस्क: चीन भारत के साथ जितना तनाव को बढ़ा रहा हैं उसे उतना ही नुकसान उठाना पड़ सकता हैं। दुनिया के कई देश भारत के समर्थन में आ रहे हैं। एक खबर के मुताबिक संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में चीन पाकिस्तान के कराची में हुए आतंकी हमले की निंदा करते हुए भारत विरोधी चाल चलने की कोशिश में था।
लेकिन जर्मनी और अमेरिका ने बारी-बारी उसके एक निंदा प्रस्ताव पर अपनी आपत्ति जताकर रुकवा दिया। चीन को अब इस बात की समझ हो गई हैं की वो जो करना चाहता हैं उसमे उसे कामयाबी नहीं मिलेगी। पूरी दुनिया चीन के दोगलेपन के बारे में जान गई हैं और चीन के असली चेहरा को पहचान गई हैं। अब आने वाला समय ड्रैगन के लिए बुरा रहने वाला हैं।
आपको बता दें की चीन ने हमले में मारे गए लोगों के प्रति शोक प्रकट करते हुए पाकिस्तान के साथ अपने मजबूत संबंधों को दर्शाने के मकसद से यह ड्राफ्ट तैयार किया था। साथ ही साथ चीन भारत को घेरने और बदनाम करने की साजिस रच रहा था। लेकिन जर्मनी ने मंगलवार को 4 बजे के करीब इसमें दखल दिया।
यूएन में जर्मनी के राजदूत ने कहा कि पाकिस्तानी विदेश मंत्री एसएम कुरैशी इस हमले के लिए भारत को जिम्मेदार बताया है, जो स्वीकार नहीं किया जा सकता। इसके बाद अमेरिका ने भी इस प्रस्ताव पर अपनी आपत्ति जता दी। जिससे चीन के मंसूबों पर पानी फिर गया।

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