खबर के अनुसार विभाग द्वारा बनाये गए सॉफ्टवेयर में किसी शिक्षक का तीन हजार सैलरी वृद्धि होना था, लेकिन उसका वेतन 320 रुपये ही बढ़ा हैं। वहीं जिस शिक्षक की नियुक्ति 2014 में हुई थी, सॉफ्टवेयर उसकी नियुक्ति 2016 बता रहा हैं।
बता दें की राज्य के सभी जिलों में 20 हजार से ज्यादा शिक्षकों के वेतन विसंगति और अन्य गड़बडिय़ां सामने आई हैं। इससे बढ़े वेतन मिलने में देरी हो सकती हैं। हालांकि इस सन्दर्भ में अभी तक शिक्षा विभाग के द्वारा कोई सुचना नहीं दिया गया हैं।
मिली जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग के संबंधित अधिकारी इसे साफ्टवेयर की मामूली चूक बता रहे हैं और जल्द से जल्द सुधारने का दावा कर रहे हैं। जैसे ही साफ्टवेयर में सुधार किया जायेगा। इसके बाद शिक्षकों को बढ़े हुए वेतन का भुकतान होगा।
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