खबर के अनुसार बिहार के पटना, नालंदा, गया समेत कई जिलों में माता के शक्तिपीठ मौजूद हैं। ऐसी मान्यता हैं की नवरात्रि के दौरान इन शक्तिपीठों में माता के दर्शन करने से इंसान की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन पर माता की कृपा बनी रहती हैं।
बता दें की नवरात्रि के दौरान बड़ी मात्रा में भक्त माता के इन शक्तिपीठों में आकर पूजा आराधना करते हैं। जिसके कारण नवरात्रि के दौरान यहां बड़ी संख्या में भीड़ देखने को मिलती हैं। इसलिए नवरात्रि के समय इन शक्तिपीठों में दर्शन के लिए आ सकते हैं।
बिहार के पटना, नालंदा, गया समेत इन जिलों में है शक्तिपीठ?
बड़ी व छोटी पटनदेवी (पटना): पटना के महाराजगंज में बड़ी पटनदेवी शक्तिपीठ स्थित है
उग्रतारा स्थान (सहरसा) : सहरसा से 17 किमी दूर महिषी में उग्रतारा शक्तिपीठ मौजूद है।
मां मंगला गौरी मंदिर (गया) : यह मंदिर गया-बोधगया मार्ग पर भस्मकुट पर्वत पर स्थित हैं।
चामुंडा मंदिर (नवादा) : नवादा-रोह-कौआकोल मार्ग पर रुपौ गांव में चामुंडा शक्तिपीठ है।
मां चंडिका स्थान (मुंगेर) : मुंगेर में गंगा तट पर मां चंडिका देवी के मंदिर एक शक्तिपीठ है।
अंबिका भवानी (सारण) : छपरा- पटना मुख्य मार्ग पर आमी स्थित अंबिका भवानी मंदिर एक शक्तिपीठ हैं।
धीमेश्वर स्थान (पूर्णिया): पूर्णिया के बनमनखी प्रखंड के धीमेश्वर स्थान में छिन्नमस्ता देवी का मंदिर शक्तिपीठ हैं।
मां शीतला मंदिर (नालंदा) : बिहारशरीफ से पश्चिम एकंगरसराय पथ पर मघरा गांव में प्राचीन शीतला मंदिर शक्तिपीठ है।
मां ताराचंडी (रोहतास) : सासाराम से करीब छह किमी दूर कैमूर पहाड़ी की गुफा में मां ताराचंडी मंदिर एक शक्तिपीठ हैं।

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