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सूर्य-शनि का प्रतियुति योग, 3 राशियों की चमकेगी किस्मत! धन और करियर में लाभ

राशिफल। ज्योतिष के अनुसार अक्टूबर की शुरुआत में सूर्य और शनि की विशेष स्थिति बनने जा रही है। 4 अक्टूबर 2026 को शाम 5 बजकर 56 मिनट पर कन्या राशि में स्थित सूर्य और मीन राशि में वक्री शनि एक-दूसरे के ठीक सामने होंगे। दोनों ग्रहों की यह 180 डिग्री की स्थिति प्रतियुति या समसप्तक योग के नाम से जानी जाती है।

आपको बता दें की ज्योतिषीय मान्यता है कि इस योग का प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग पड़ सकता है। खास तौर पर कुछ राशियों के लिए यह समय कामकाज और आर्थिक मामलों में सकारात्मक बदलाव के संकेत दे सकता है।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए यह अवधि करियर से जुड़े मामलों में उपयोगी मानी जा सकती है। कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां बढ़ने के साथ नई संभावनाएं सामने आ सकती हैं। लंबे समय से अटका कोई काम आगे बढ़ने की संभावना बन सकती है।

कन्या राशि

सूर्य के कन्या राशि में होने से इस राशि के जातकों के लिए समय महत्वपूर्ण रह सकता है। नौकरी या कारोबार से जुड़े फैसलों में प्रगति के अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक मामलों में भी सुधार के संकेत मिल सकते हैं।

धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए प्रतियुति योग मेहनत का परिणाम मिलने का संकेत दे सकता है। करियर में आगे बढ़ने के अवसर बन सकते हैं और अटके हुए काम पूरे होने की संभावना है। धन से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक स्थिति बन सकती है।

यूपी से चलेगी नई अमृत भारत एक्सप्रेस, 19 शहरों के लिए खुशखबरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के यात्रियों के लिए रेलवे की ओर से बड़ी खुशखबरी है। चरलापल्ली (हैदराबाद) और गोरखपुर के बीच चलने वाली विशेष ट्रेन को अब नियमित अमृत भारत एक्सप्रेस के रूप में संचालित किया जाएगा। ट्रेन को नए नंबर 22075/22076 के साथ साप्ताहिक सेवा में शामिल किया गया है। इससे यूपी के साथ मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और तेलंगाना के यात्रियों को भी सीधा फायदा मिलेगा।

2 अक्टूबर से शुरू होगी सेवा

ट्रेन नंबर 22075 चरलापल्ली-गोरखपुर अमृत भारत एक्सप्रेस प्रत्येक शुक्रवार को रात 9:45 बजे चरलापल्ली से रवाना होगी और तीसरे दिन सुबह 6:25 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। इसकी नियमित सेवा 2 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी।

वापसी में ट्रेन नंबर 22076 गोरखपुर-चरलापल्ली प्रत्येक रविवार को सुबह 8:30 बजे गोरखपुर से चलेगी और अगले दिन शाम 5 बजे चरलापल्ली पहुंचेगी। यह सेवा 4 अक्टूबर 2026 से शुरू की जाएगी।

इन प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी ट्रेन

इस अमृत भारत एक्सप्रेस का ठहराव काजीपेट, पेड्डापल्ली, मंचिरयाल, बल्हारशाह, चंद्रपुर, नागपुर, बैतूल, इटारसी, भोपाल, बीना, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, उरई, पुखरायां, कानपुर सेंट्रल, ऐशबाग, लखनऊ सिटी, गोमती नगर, बाराबंकी और गोंडा जैसे स्टेशनों पर होगा।

ट्रेन में स्लीपर और जनरल क्लास के कोच उपलब्ध रहेंगे। यात्रियों को यात्रा से पहले समय और ठहराव की जानकारी रेलवे की आधिकारिक व्यवस्था से जांच लेने की सलाह दी गई है। सहायता के लिए रेल मदद हेल्पलाइन 139 पर संपर्क किया जा सकता है।

यूपी-मुंबई यात्रियों के लिए खुशखबरी! एक और स्पेशल ट्रेन का ऐलान

न्यूज डेस्क। त्योहारों के मौसम में यूपी और मुंबई के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए राहत की खबर है। पूजा, दिवाली और छठ के दौरान ट्रेनों में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए रेलवे ने मऊ और लोकमान्य तिलक टर्मिनल के बीच फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है। ट्रेन के संचालन से यूपी के साथ-साथ मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के यात्रियों को भी सुविधा मिलेगी।

दो दिन चलेगी स्पेशल ट्रेन

रेलवे के अनुसार ट्रेन नंबर 01123/01124 मऊ-लोकमान्य तिलक टर्मिनल-मऊ स्पेशल सप्ताह में दो दिन संचालित होगी। मुंबई से मऊ जाने वाली ट्रेन का संचालन 11 अक्टूबर 2026 से शुरू होगा, जबकि मऊ से वापसी की सेवा 13 अक्टूबर 2026 से शुरू की जाएगी।

ट्रेन नंबर 01123 लोकमान्य तिलक टर्मिनल से दोपहर 12:15 बजे रवाना होकर अगले दिन रात 9:30 बजे मऊ जंक्शन पहुंचेगी। यह सेवा 11 अक्टूबर से 20 नवंबर के बीच निर्धारित दिनों में चलेगी और कुल 12 फेरे लगाएगी।

वापसी में ट्रेन नंबर 01124 मऊ से सुबह 4:15 बजे रवाना होगी और अगले दिन शाम 4:45 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनल पहुंचेगी। यह सेवा 13 अक्टूबर से 22 नवंबर 2026 तक निर्धारित दिनों में संचालित होगी और इसके भी 12 फेरे होंगे।

22 स्टेशनों पर मिलेगा ठहराव

स्पेशल ट्रेन दोनों दिशाओं में कुल 22 स्टेशनों पर रुकेगी। इनमें ठाणे, कल्याण, इगतपुरी, नासिक रोड, जलगांव, भुसावल, खंडवा, इटारसी, पिपरिया, नरसिंहपुर, मदनमहल, कटनी, मैहर, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, वाराणसी, जौनपुर, शाहगंज, खोरासन रोड, आजमगढ़ और मुहम्मदाबाद शामिल हैं।

22 कोच के साथ चलेगी ट्रेन

यात्रियों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए ट्रेन में कुल 22 कोच लगाए जाएंगे। इनमें 11 स्लीपर, 5 जनरल, 4 थर्ड एसी और 2 एसएलआर कोच शामिल होंगे। ट्रेन में फर्स्ट एसी और सेकेंड एसी की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी।

खुशखबरी से खिले चेहरे! यूपी में युवाओं के लिए 3 नई भर्ती, आवेदन का मौका

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक साथ कई अवसर सामने आए हैं। सैनिक स्कूल मैनपुरी, यूपीएसएसएससी और सीएमओ गाजियाबाद की ओर से अलग-अलग पदों पर भर्ती निकाली गई है। इनमें शिक्षक, काउंसलर, पशुधन विभाग के फार्मासिस्ट और मेडिकल ऑफिसर के पद शामिल हैं। इच्छुक अभ्यर्थी अपनी योग्यता के अनुसार आवेदन कर सकते हैं।

1. सैनिक स्कूल मैनपुरी में 2 पद

सैनिक स्कूल मैनपुरी ने भर्ती 2026 का नोटिफिकेशन जारी किया है। इसके तहत टीजीटी इंग्लिश और काउंसलर के कुल 2 पदों पर भर्ती की जाएगी। योग्य अभ्यर्थी निर्धारित आवेदन फॉर्म के जरिए ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 10 अक्टूबर 2026 है। आवेदन फॉर्म और विस्तृत जानकारी स्कूल की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।

2. पशु चिकित्सा फार्मासिस्ट के 1,308 पद

उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने पशु चिकित्सा फार्मासिस्ट मुख्य परीक्षा (PET-2025)/18 के लिए आवेदन मांगे हैं। इस भर्ती के तहत पशुपालन विभाग में 1,308 पद भरे जाएंगे। आवेदन के लिए अभ्यर्थी का PET-2025 में शामिल होना और वैध स्कोर कार्ड होना जरूरी है। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 14 सितंबर से शुरू होकर 5 अक्टूबर 2026 तक चलेगी। इच्छुक उम्मीदवार आयोग की वेबसाइट upsssc.gov.in के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

3. सीएमओ गाजियाबाद में मेडिकल ऑफिसर भर्ती

गाजियाबाद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय की ओर से मेडिकल ऑफिसर के 30 पदों पर भर्ती का अवसर दिया गया है। इस भर्ती के लिए 15 अक्टूबर 2026 को वॉक-इन इंटरव्यू आयोजित किया जाएगा। पात्र उम्मीदवार निर्धारित तारीख पर जरूरी दस्तावेजों के साथ पहुंचकर चयन प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं। विस्तृत जानकारी के लिए सीएमओ गाजियाबाद की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी नोटिफिकेशन देखना जरूरी है।

आवेदन से पहले नोटिफिकेशन जरूर पढ़ें

तीनों भर्तियों की योग्यता, आयु सीमा, वेतन, जरूरी दस्तावेज और चयन प्रक्रिया अलग-अलग हो सकती है। इसलिए अभ्यर्थियों को आवेदन करने से पहले संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी भर्ती नोटिफिकेशन को ध्यान से पढ़ लेना चाहिए। गलत या अधूरी जानकारी के साथ आवेदन करने से परेशानी हो सकती है।

मखाना है सेहत का खजाना! रोज खाने से मिल सकते हैं ये 5 बड़े फायदे

हेल्थ डेस्क। मखाना भारतीय खान-पान में लंबे समय से इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे हल्का और पौष्टिक स्नैक माना जाता है। इसमें प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। भुना हुआ मखाना शाम के स्नैक के तौर पर आसानी से डाइट में शामिल किया जा सकता है। आइए जानते हैं इसके 5 संभावित फायदे।

1. वजन मैनेज करने में मददगार

मखाने में फाइबर पाया जाता है, जिससे पेट कुछ समय तक भरा हुआ महसूस हो सकता है। ऐसे में बार-बार स्नैकिंग और अनावश्यक खाने से बचने में मदद मिल सकती है। हालांकि, वजन घटाने के लिए पूरी डाइट और शारीरिक गतिविधि भी जरूरी है।

2. दिल की सेहत के लिए उपयोगी

मखाना कम वसा वाला स्नैक हो सकता है, खासकर जब इसे बिना ज्यादा घी या तेल के भूनकर खाया जाए। संतुलित डाइट का हिस्सा बनाकर इसे दिल की सेहत के लिए बेहतर स्नैक विकल्प माना जा सकता है।

3. पाचन के लिए फायदेमंद

मखाने में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र के लिए उपयोगी होता है। पर्याप्त पानी के साथ फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन कब्ज जैसी समस्या से बचाव में मदद कर सकता है।

4. ब्लड शुगर मैनेजमेंट में मदद

मखाना कार्बोहाइड्रेट का स्रोत है, लेकिन इसे प्रोटीन या अन्य फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों के साथ संतुलित मात्रा में खाने से भोजन को ज्यादा संतुलित बनाया जा सकता है। डायबिटीज वाले लोगों को इसकी मात्रा और तैयारी के तरीके को लेकर डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लेनी चाहिए।

5. शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं

मखाने में मैग्नीशियम, फॉस्फोरस और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसलिए इसे रोजाना की डाइट में सीमित मात्रा में शामिल करना पौष्टिक स्नैक का विकल्प हो सकता है।

नसों में ब्लॉकेज के 5 बड़े संकेत! शरीर पहले ही देने लगता है चेतावनी

हेल्थ डेस्क। शरीर में रक्त का प्रवाह सही तरीके से बना रहना बेहद जरूरी है। जब धमनियों में प्लाक जमा होने या किसी अन्य कारण से रक्त का रास्ता संकरा होने लगता है, तो शरीर कुछ संकेत दे सकता है। इन लक्षणों को लंबे समय तक नजरअंदाज करना ठीक नहीं है। हालांकि, हर लक्षण का कारण ब्लॉकेज ही हो, यह जरूरी नहीं है।

1. सीने में दर्द या दबाव

सीने में बार-बार दर्द, भारीपन, दबाव या जकड़न महसूस होना हृदय की धमनियों में रक्त प्रवाह से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है। ऐसे में डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

2. चलते समय पैरों में दर्द

पैरों की धमनियों में रक्त प्रवाह कम होने पर कुछ लोगों को चलने या सीढ़ियां चढ़ने के दौरान पिंडलियों या पैरों में दर्द, ऐंठन या भारीपन महसूस हो सकता है। आराम करने के बाद यह परेशानी कम हो सकती है।

3. सांस फूलना और असामान्य थकान

बिना ज्यादा मेहनत के सांस फूलना या रोजमर्रा के कामों में असामान्य थकान महसूस होना भी ध्यान देने वाला संकेत है। इसके कई कारण हो सकते हैं, इसलिए लगातार समस्या रहने पर चिकित्सकीय जांच जरूरी है।

4. हाथ-पैर में सुन्नपन या कमजोरी

शरीर के किसी हिस्से में अचानक कमजोरी, सुन्नपन या संवेदना कम होना गंभीर संकेत हो सकता है। खासकर अगर इसके साथ बोलने में परेशानी, चेहरे का एक हिस्सा टेढ़ा होना या देखने में दिक्कत हो, तो तुरंत आपात चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।

5. त्वचा का रंग या तापमान बदलना

पैरों या हाथों में रक्त का प्रवाह कम होने पर संबंधित अंग ठंडा पड़ सकता है या त्वचा के रंग में बदलाव दिखाई दे सकता है। पैरों में घाव का देर से भरना भी रक्त संचार की समस्या से जुड़ा हो सकता है।

समय पर जांच है जरूरी

नसों में ब्लॉकेज का पता केवल लक्षणों से नहीं लगाया जा सकता। डॉक्टर जरूरत के अनुसार रक्त जांच, ECG, अल्ट्रासाउंड/डॉप्लर या अन्य जांच की सलाह दे सकते हैं। सीने में तेज दर्द, सांस लेने में गंभीर परेशानी या अचानक कमजोरी जैसे लक्षण सामने आएं तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें।

चंद्र-शुक्र की युति से चमकेगा भाग्य! 4 राशियों के लिए बड़ी खुशखबरी, बढ़ेगा धन

राशिफल। ज्योतिषीय गणना के अनुसार 11 अक्टूबर 2026 को चंद्रमा और शुक्र की युति बनने वाली है। ज्योतिष में चंद्रमा को मन और भावनाओं का कारक माना जाता है, जबकि शुक्र सुख-सुविधा, धन, कला और भौतिक समृद्धि से जुड़ा ग्रह माना जाता है। दोनों ग्रहों की युति से कलात्मक योग बनने की मान्यता है। इसका प्रभाव कुछ राशियों के लिए विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है।

वृषभ राशि

चंद्र-शुक्र की युति वृषभ राशि के जातकों के लिए आर्थिक मामलों में सकारात्मक अवसर ला सकती है। नौकरीपेशा लोगों को काम में नई जिम्मेदारी मिल सकती है, जबकि कारोबार करने वालों को लाभ के नए रास्ते मिलने की संभावना है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए यह समय करियर और आर्थिक मामलों में उपयोगी रह सकता है। रुके हुए काम आगे बढ़ सकते हैं और आय के अतिरिक्त साधन मिलने के योग बन सकते हैं। रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी फायदा मिलने की संभावना है।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए शुक्र का प्रभाव विशेष माना जाता है। इस युति के दौरान धन से जुड़े मामलों में सुधार के अवसर मिल सकते हैं। नौकरी और कारोबार में नए संपर्क भविष्य में लाभ दे सकते हैं।

मीन राशि

मीन राशि वालों के लिए चंद्र-शुक्र की युति सुख-सुविधाओं और आर्थिक स्थिति के लिहाज से अनुकूल मानी जा रही है। परिवार में खुशहाली बढ़ सकती है और किसी पुराने निवेश या रुके हुए आर्थिक मामले से लाभ मिलने की संभावना बन सकती है।

केंद्रीय कर्मचारियों को एक नहीं दो खुशखबरी! दशहरे से पहले हो सकता है बड़ा ऐलान

नई दिल्ली। त्योहारी सीजन शुरू होने के साथ ही केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की नजर महंगाई भत्ते और बोनस से जुड़े फैसलों पर है। 8वें वेतन आयोग की चर्चाओं के बीच DA में बढ़ोतरी और दिवाली बोनस को लेकर भी अपडेट सामने आया है। कर्मचारियों के लिए दोनों मामलों में फैसले का इंतजार किया जा रहा है।

पहली खुशखबरी: DA में 3 फीसदी बढ़ोतरी

जुलाई 2026 से लागू होने वाले महंगाई भत्ते की गणना जनवरी से जून तक के AICPI-IW आंकड़ों के आधार पर की जाती है। जून 2026 का इंडेक्स 151.9 दर्ज होने के बाद दिए गए गणित के मुताबिक DA की दर 63.78 फीसदी आती है।

मौजूदा DA 60 फीसदी है। इस हिसाब से प्रस्तावित बढ़ोतरी 3 प्रतिशत की बनती है और DA 63 फीसदी हो सकता है। यह बढ़ोतरी 1 जुलाई 2026 से प्रभावी मानी जा रही है। हालांकि, अंतिम भुगतान के लिए केंद्र सरकार की आधिकारिक मंजूरी और आदेश जरूरी होगा।

तीन महीने का एरियर भी संभव

अगर सरकार 63 फीसदी DA को मंजूरी देती है और इसे 1 जुलाई से लागू किया जाता है, तो जुलाई, अगस्त और सितंबर का अंतर कर्मचारियों को एरियर के तौर पर मिल सकता है। अक्टूबर की सैलरी के साथ इसका भुगतान होने की स्थिति में कर्मचारियों को त्योहारी सीजन में अतिरिक्त रकम मिल सकती है।

दूसरी खुशखबरी: बोनस पर भी नजर

DA के साथ दिवाली बोनस को लेकर भी कर्मचारी संगठनों ने सरकार से जल्द प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है। कुछ संगठनों ने वित्त मंत्रालय को पत्र भेजकर बोनस की घोषणा समय पर करने और बोनस की वेज सीलिंग में संशोधन करने की मांग रखी है।

खास तौर पर रेलवे, डाक और डिफेंस से जुड़े उत्पादकता आधारित बोनस पाने वाले कर्मचारियों के लिए वेज सीलिंग में बदलाव अहम हो सकता है। हालांकि, बोनस की राशि और नियमों पर अंतिम फैसला सरकार की ओर से जारी आदेश के बाद ही स्पष्ट होगा।

दशहरे से पहले फैसले का इंतजार

केंद्रीय कर्मचारियों के बीच उम्मीद है कि त्योहारी सीजन में DA और बोनस से जुड़े फैसले जल्द सामने आ सकते हैं। फिलहाल DA बढ़ोतरी और बोनस से जुड़ी मांगें अलग-अलग प्रक्रियाओं में हैं, इसलिए अंतिम रकम और भुगतान की तारीख आधिकारिक घोषणा के बाद ही निश्चित होगी।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर! ₹18 हजार से ₹72 हजार तक पहुंच सकती है बेसिक सैलरी

नई दिल्ली। 8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की नजरें प्रस्तावित बदलावों पर टिकी हैं। इसी बीच भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ (BPMS) की ओर से तैयार किए गए एक ड्राफ्ट में कर्मचारियों के वेतन में बड़े बदलाव का प्रस्ताव रखा गया है। इसमें न्यूनतम बेसिक पे को ₹18,000 से बढ़ाकर ₹72,000 करने की सिफारिश की गई है।

4.0 फिटमेंट फैक्टर की मांग

BPMS के प्रस्ताव में 4.0 फिटमेंट फैक्टर रखने की मांग की गई है। मौजूदा 7वें वेतन आयोग में यह फैक्टर 2.57 रहा था। प्रस्ताव के मुताबिक अगर 4.0 फैक्टर स्वीकार होता है तो Level-1 की एंट्री बेसिक पे ₹72,000 हो सकती है।

6% सालाना इंक्रीमेंट का प्रस्ताव

ड्राफ्ट में वार्षिक वेतन वृद्धि को भी बढ़ाने की मांग की गई है। इसमें मौजूदा 3% की जगह 6% सालाना इंक्रीमेंट का प्रस्ताव है। यानी कर्मचारियों की बेसिक सैलरी हर साल पहले की तुलना में अधिक गति से बढ़ाने का सुझाव दिया गया है।

कई पे-लेवल मर्ज करने का सुझाव

BPMS ने पे-मैट्रिक्स में कुछ लेवल को मिलाने का प्रस्ताव भी रखा है। इसमें Level 2 और 3, Level 4 और 5 तथा Level 9 और 10 को मर्ज करने का सुझाव शामिल है। संगठन का कहना है कि इससे वेतन संरचना में मौजूद कुछ विसंगतियों को दूर करने में मदद मिल सकती है।

Level 1 से 18 तक प्रस्तावित बढ़ोतरी

ड्राफ्ट के अनुसार Level-1 की एंट्री बेसिक पे ₹72,000 प्रस्तावित है। वहीं Level-6 के लिए ₹1,41,600, Level-7 के लिए ₹1,79,600 और Level-10 के लिए ₹2,24,400 का प्रस्ताव दिया गया है। सबसे ऊंचे Level-18 पर प्रस्तावित बेसिक पे ₹10 लाख तक बताई गई है।

अभी अंतिम फैसला नहीं, ये सिर्फ प्रस्ताव

यहां सबसे जरूरी बात यह है कि ₹72,000 की बेसिक सैलरी या 4.0 फिटमेंट फैक्टर अभी सरकारी मंजूरी प्राप्त वेतनमान नहीं है। ये BPMS की ओर से दिया गया प्रस्तावित ड्राफ्ट है। अंतिम वेतन संरचना 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया, उसकी सिफारिशों और केंद्र सरकार के फैसले के बाद ही तय होगी।

LPG ग्राहकों को झटका! सिलेंडर के दाम बढ़े, आज से नई कीमतें लागू

नई दिल्ली। त्योहारी और फेस्टिव सीजन शुरू होने से पहले कारोबारियों के लिए LPG से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी की है। नई कीमतें आज रात से प्रभावी हो गई हैं। कमर्शियल सिलेंडर अब 62.50 रुपये महंगा हो गया है।

दिल्ली में 2810 रुपये हुआ कमर्शियल सिलेंडर

कीमत बढ़ने के बाद राजधानी दिल्ली में 19 किलो के कमर्शियल LPG सिलेंडर का नया रेट 2810 रुपये हो गया है। इससे पहले सितंबर में भी इसकी कीमत में 9.50 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी। लगातार बढ़ती कीमतों का सीधा असर उन कारोबारियों पर पड़ेगा, जो खाना पकाने के लिए बड़े पैमाने पर कमर्शियल गैस का इस्तेमाल करते हैं।

होटल-ढाबों से लेकर कैटरिंग तक बढ़ेगा खर्च

कमर्शियल LPG महंगा होने से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, मिठाई की दुकान, बेकरी और कैटरिंग कारोबार की लागत बढ़ सकती है। खासतौर पर शादी-पार्टी और बड़े आयोजनों में भोजन तैयार करने का बजट पहले के मुकाबले ज्यादा हो सकता है। कारोबारियों को बढ़े खर्च को कीमतों में शामिल करने या अपने मुनाफे का मार्जिन कम करने में से किसी एक विकल्प पर विचार करना पड़ सकता है।

खाने-पीने की कीमतों पर पड़ सकता है असर

गैस की लागत बढ़ने से खाद्य कारोबार से जुड़ी सेवाओं पर भी दबाव बढ़ सकता है। रेस्टोरेंट और कैटरिंग सेवाओं की लागत बढ़ने पर इसका कुछ असर ग्राहकों की जेब पर पड़ने की संभावना है। हालांकि, कीमतों में वास्तविक बदलाव कारोबारियों की लागत और बाजार की स्थिति पर निर्भर करेगा।

घरेलू LPG सिलेंडर के दाम स्थिर

कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी के बावजूद घरेलू LPG ग्राहकों के लिए फिलहाल राहत है। 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। दिल्ली में इसकी कीमत 942 रुपये, कोलकाता में 968 रुपये, मुंबई में 941.50 रुपये और चेन्नई में 957.50 रुपये है।

हंस राजयोग का शुभ प्रभाव, 5 राशियों के लिए सुनहरा समय! बढ़ेगा धन और मान-सम्मान

राशिफल। ज्योतिषीय गणना के अनुसार देवगुरु बृहस्पति पूरे महीने अपनी उच्च राशि कर्क में स्थित रहेंगे। बृहस्पति की इस स्थिति से हंस राजयोग बनने की मान्यता है। ज्योतिष में इसे ज्ञान, सम्मान, आर्थिक उन्नति और सकारात्मक अवसरों से जोड़कर देखा जाता है। इस योग का प्रभाव कुछ राशियों के लिए विशेष शुभ माना जा रहा है।

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए हंस राजयोग आर्थिक मामलों में लाभ के अवसर ला सकता है। कामकाज में नई जिम्मेदारियां मिलने के साथ मान-सम्मान बढ़ने के संकेत माने जा रहे हैं।

कर्क राशि

कर्क राशि में बृहस्पति के उच्च स्थिति में होने से इस राशि के जातकों को करियर और व्यक्तिगत जीवन में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना मानी जाती है। नई योजनाओं पर काम शुरू करने का अवसर मिल सकता है।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए आमदनी से जुड़े मामलों में सुधार के योग बन सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में पहचान मिलने और व्यापारियों को नए अवसर मिलने की संभावना जताई जा रही है।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातकों को भाग्य का साथ मिलने और अटके हुए काम आगे बढ़ने के संकेत माने जा रहे हैं। शिक्षा और करियर से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक बदलाव हो सकते हैं।

मीन राशि

मीन राशि वालों के लिए यह अवधि करियर और आर्थिक प्रगति के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। नए संपर्क लाभ पहुंचा सकते हैं और पेशेवर क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं।

युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी! केंद्र सरकार के विभागों में बंपर भर्ती, सरकारी नौकरी का मौका

नई दिल्ली। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे 12वीं पास युवाओं के लिए अच्छी खबर है। कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने कंबाइंड हायर सेकेंडरी लेवल (CHSL) परीक्षा 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस भर्ती के जरिए केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और कार्यालयों में करीब 2,536 पदों पर नियुक्ति की जाएगी।

इन पदों पर होगी भर्ती

SSC CHSL के तहत लोअर डिविजन क्लर्क (LDC)/जूनियर सेक्रेटेरिएट असिस्टेंट (JSA), डेटा एंट्री ऑपरेटर (DEO) और DEO ग्रेड-A के पद शामिल हैं। रिक्तियों की संख्या फिलहाल संभावित है और इसमें बदलाव हो सकता है।

12वीं पास कर सकते हैं आवेदन

आपको बता दें की इन पदों के लिए किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं या समकक्ष परीक्षा पास उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। चयनित अभ्यर्थियों की पोस्टिंग केंद्र सरकार के अलग-अलग मंत्रालयों और कार्यालयों में देशभर में हो सकती है।

7 अक्टूबर तक आवेदन का मौका

आवेदन की प्रक्रिया 7 सितंबर 2026 से शुरू हुई है। इच्छुक अभ्यर्थी 7 अक्टूबर 2026 रात 11 बजे तक ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं। परीक्षा शुल्क जमा करने की अंतिम तारीख 8 अक्टूबर 2026 रखी गई है। आवेदन SSC की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन किया जा सकता है।

उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले भर्ती की आधिकारिक अधिसूचना में अपनी पात्रता, पद से जुड़ी शर्तें और अन्य जरूरी निर्देश जरूर देख लेने चाहिए।

बिहार में बनेंगे 2 नए बाईपास! इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी, आसान होगा सफर

मुंगेर। बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की दिशा में एक और कदम उठाया गया है। मुंगेर जिले में दो नए बाईपास सड़कों के निर्माण को मंजूरी मिली है। दोनों परियोजनाओं पर कुल 203.53 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन सड़कों के बनने से संबंधित इलाकों में आवागमन सुगम होने की उम्मीद है।

तारापुर बाईपास पर 115.90 करोड़ खर्च

पहली परियोजना के तहत तारापुर बाईपास पथ का निर्माण किया जाएगा। करीब 7 किलोमीटर लंबी सड़क के लिए 115.90 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। यह मार्ग क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।

दूसरे बाईपास के लिए 87.63 करोड़

दूसरी परियोजना के तहत रनगांव-भागलपुरा पथ से धौनी वाया विसय बाईपास का निर्माण होगा। इसके लिए सरकार ने 87.63 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इस सड़क के तैयार होने के बाद आसपास के क्षेत्रों के लोगों को आवागमन का नया मार्ग मिलेगा।

दोनों सड़कों के निर्माण को मंजूरी मिलने से मुंगेर में सड़क नेटवर्क को विस्तार मिलने की उम्मीद है। सरकार की ओर से स्वीकृति के बाद अब परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके निर्माण से लोगों का असर आसान हो जायेगा।

बिहार में सेविका-सहायिका के लिए खुशखबरी, जल्द मिलेगा मानदेय!

पटना। बिहार की आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं के लिए राहत की खबर सामने आई है। मानदेय भुगतान को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए 477 करोड़ रुपये की राशि अग्रिम रूप से स्वीकृत की है। यह राशि आकस्मिकता निधि से मंजूर की गई है। इसके बाद बकाया मानदेय के भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है।

अगस्त तक का मानदेय होगा जारी

स्वीकृत राशि से आंगनबाड़ी सेविका और सहायिकाओं के अगस्त तक के मानदेय का भुगतान किया जाएगा। लंबे समय से भुगतान का इंतजार कर रहे कर्मियों के लिए यह फैसला राहत देने वाला माना जा रहा है। राशि उपलब्ध होने के बाद विभागीय स्तर पर भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

कार्यालय कर्मियों के मानदेय की भी व्यवस्था

वहीं, 477 करोड़ रुपये की स्वीकृति में केवल आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका ही शामिल नहीं हैं। आईसीडीएस निदेशालय और इससे जुड़े कार्यालयों में कार्यरत कर्मियों के नवंबर तक के मानदेय के भुगतान के लिए भी इसी राशि से व्यवस्था की गई है।

सरकार की ओर से राशि को मंजूरी मिलने के बाद अब संबंधित विभाग भुगतान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा। मानदेय जारी होने से आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं के साथ-साथ आईसीडीएस से जुड़े अन्य कर्मियों को भी आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।

बिहार में सरकारी जमीन पर बड़ा एक्शन! फर्जी जमाबंदी होगी रद्द, सरकार ने कसा शिकंजा

पटना। बिहार में सरकारी और सार्वजनिक जमीन से जुड़ी जमाबंदियों की अब नए सिरे से जांच होगी। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने इस संबंध में सभी प्रमंडलीय आयुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। जमाबंदी सुधार अभियान 31 अक्टूबर तक चलाया जाएगा।

दस्तावेजों की होगी गहन जांच

विभाग के सचिव जय सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि गैरमजरूआ आम-खास, खासमहाल, सरकार में निहित बकाश्त, भू-हदबंदी की अतिरिक्त भूमि, कैसर-ए-हिन्द, सैरात समेत अन्य सरकारी जमीन पर यदि किसी व्यक्ति के नाम जमाबंदी दर्ज है तो उसके आधार की जांच की जाए।

जांच के दौरान खतियान, सरकारी भूमि पंजी, बंदोबस्ती या पट्टा आदेश, अर्जन से जुड़े रिकॉर्ड और पुराने राजस्व व न्यायालयीय आदेशों को देखा जाएगा। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि संबंधित जमीन पर जमाबंदी किस आधार पर दर्ज हुई।

सुनवाई के बाद ही होगी जमाबंदी रद्द

विभाग ने स्पष्ट किया है कि सिर्फ जमीन की श्रेणी या बकाश्त की प्रविष्टि देखकर किसी जमाबंदी को अपने आप अवैध नहीं माना जाएगा। यदि किसी व्यक्ति के पास वैध बंदोबस्ती, पट्टा या अन्य कानूनी अधिकार का दावा है तो उसकी भी जांच होगी।

जांच में जमाबंदी नियमों के विपरीत पाए जाने पर अंचल अधिकारी साक्ष्यों के साथ प्रस्ताव अपर समाहर्ता को भेजेंगे। संबंधित पक्ष को अपना पक्ष और दस्तावेज रखने का अवसर देने के बाद ही जमाबंदी रद्द करने की कार्रवाई होगी।

आपको बता दें की विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऐसी जमाबंदियों को सामान्य ऑनलाइन सुधार प्रक्रिया से सीधे हटाया नहीं जाएगा। सक्षम प्राधिकारी के आदेश और लागू न्यायालयीय निर्देशों के अनुसार ही रिकॉर्ड में बदलाव किया जाएगा।

सम्राट कैबिनेट के 30 बड़े फैसले: बिहारवासियों के लिए खुशखबरी

पटना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में 30 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। फैसलों में हरित ऊर्जा, बिजली, सड़क, कानून-व्यवस्था, आवास और पोषण से जुड़े कई अहम मुद्दे शामिल रहे।

संग्रहालयों में 35 पदों पर नियुक्ति

राज्य के संग्रहालयों में 35 पदों को अस्थायी तौर पर भरने की अनुमति दी गई है। नियमित नियुक्ति होने तक इन पदों पर संविदा या निविदा के माध्यम से नियुक्ति की जा सकेगी।

कानून-व्यवस्था के लिए नए वाहन

कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से 30 नए वाटर कैनन और 8 अन्य वाहनों की खरीद को मंजूरी दी गई है। इसके लिए कुल 62.52 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

हजारों घरों तक पहुंचेगी ग्रिड बिजली

कैमूर और रोहतास के 177 गांवों में 21,644 घरों को बिजली ग्रिड से जोड़ने की योजना के लिए लागत में संशोधन किया गया। परियोजना की राशि 117.80 करोड़ से बढ़ाकर 361.86 करोड़ रुपये की गई है।

हरित हाइड्रोजन नीति को मिली मंजूरी

राज्य में ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए बिहार हरित हाइड्रोजन नीति-2026 के ड्राफ्ट को स्वीकृति दी गई। सरकार का फोकस इस क्षेत्र में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर रहेगा।

सड़कों और आवास परियोजनाओं पर बड़ा फैसला

मुंगेर में करीब 7 किलोमीटर सड़क के निर्माण/पुनर्निर्माण के लिए 115.90 करोड़ रुपये की संशोधित मंजूरी मिली। वहीं रनगांव-भागलपुरा पथ से बिराय तक सड़क के लिए 87.63 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

पटना के बहादुरपुर सेक्टर-6 की जर्जर आवासीय कॉलोनी के पुनर्विकास के लिए NBCC के साथ समझौते को मंजूरी मिली। सेक्टर-5 में आवास बोर्ड की 8.5 एकड़ जमीन पर स्व-वित्तपोषित परियोजना विकसित करने का भी फैसला हुआ है।

इसके अलावा वजन-माप व्यवस्था से संबंधित नई नियमावलियों को मंजूरी दी गई। पोषण कार्यक्रम के तहत खाद्य उत्पादों की आपूर्ति से जुड़े प्रस्ताव पर भी कैबिनेट ने सहमति जताई। बैठक में कुल 30 एजेंडों पर फैसला लिया गया।

सीएम सम्राट चौधरी की घोषणा, बाढ़ पीड़ित को मिलेगी 7 हजार रुपये की मदद

पटना। बिहार में बाढ़ से प्रभावित परिवारों के लिए राज्य सरकार ने राहत की घोषणा की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रभावित सभी परिवारों के बैंक खातों में 9 अक्टूबर को डीबीटी के जरिए 7-7 हजार रुपये की अनुग्रह सहायता राशि भेजी जाएगी। इसके लिए पात्र परिवारों की पहचान की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने बुधवार को पश्चिम चंपारण समेत कई बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने सारण के मकेर प्रखंड में क्षतिग्रस्त तटबंध का भी जायजा लिया। इसके बाद पश्चिम चंपारण के बैरिया प्रखंड स्थित बथना में चल रहे राहत शिविर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

राहत सामग्री और पशुओं के लिए चारे

सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित लोगों तक पर्याप्त सूखा राशन और अन्य जरूरी राहत सामग्री पहुंचाई जाए। बाढ़ प्रभावित इलाकों में पशुओं के लिए चारा और आश्रय की भी व्यवस्था करने को कहा गया है। लोगों के घर लौटने और हालात सामान्य होने तक जरूरत के अनुसार सामुदायिक रसोई चलाने के निर्देश दिए गए हैं।

बाढ़ के स्थायी समाधान पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि नेपाल की तराई से बड़ी मात्रा में पानी आने के कारण कई क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति बनी है। कोसी और महानंदा नदी का सर्वे कराया जा रहा है, ताकि समस्या का व्यापक अध्ययन कर लंबे समय के समाधान की दिशा में काम किया जा सके। अधिकारियों के मुताबिक इस बार नेपाल से बड़ी मात्रा में पानी आया है और कई स्थानों पर नदियों का जलस्तर रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा।

इससे पहले 15 सितंबर को भी आठ लाख से अधिक बाढ़ प्रभावित लोगों के खातों में सहायता राशि भेजी गई थी। सरकार ने अगले कुछ दिनों में जलस्तर घटने की संभावना जताते हुए राहत एवं बचाव कार्य जारी रखने के निर्देश दिए हैं।

मंगल के नक्षत्र में सूर्य का प्रवेश, 4 राशियों के लिए खुशखबरी! धन और तरक्की के बनेंगे योग

नई दिल्ली। ज्योतिषीय गणना के अनुसार अक्टूबर में सूर्य अपना नक्षत्र परिवर्तन करने जा रहे हैं। सूर्य 10 अक्टूबर 2026 को चित्रा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे और 24 अक्टूबर तक इसी नक्षत्र में रहेंगे। चित्रा नक्षत्र का स्वामी मंगल माना जाता है और ज्योतिष में सूर्य तथा मंगल के बीच मित्रता का संबंध बताया गया है।

सूर्य के इस नक्षत्र परिवर्तन को कुछ राशियों के लिए खास माना जा रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में करियर, आर्थिक स्थिति और कारोबार से जुड़े मामलों में सकारात्मक अवसर बन सकते हैं।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय कामकाज में नए अवसर लेकर आ सकता है। नौकरीपेशा लोगों को जिम्मेदारी या नई भूमिका मिल सकती है। आर्थिक मामलों में भी सुधार के संकेत माने जा रहे हैं।

कर्क राशि

कर्क राशि वालों के लिए सूर्य का यह परिवर्तन धन और पेशेवर जीवन से जुड़े मामलों में लाभकारी माना जा रहा है। अटके हुए काम आगे बढ़ सकते हैं और कार्यक्षेत्र में पहचान बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं।

धनु राशि

धनु राशि के जातकों को करियर में आगे बढ़ने के नए मौके मिल सकते हैं। व्यापार करने वालों के लिए नए संपर्क और काम के विस्तार के अवसर बनने की संभावना जताई जा रही है।

मीन राशि

मीन राशि के लोगों के लिए यह अवधि आर्थिक मामलों में सकारात्मक रह सकती है। आमदनी बढ़ाने के नए रास्ते मिल सकते हैं और कारोबार से जुड़े फैसलों में भी फायदा मिलने की संभावना मानी जा रही है।

CM योगी का बड़ा ऐलान, यूपी के सभी 18 मंडलों में होगा लागू

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के दिव्यांगजनों के लिए राहत की खबर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दिव्यांग पेंशन की राशि बढ़ाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पेंशन में जल्द ही एक और बढ़ोतरी की जाएगी। इसके साथ ही प्रदेश के सभी 18 मंडलों में जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।

गोरखपुर क्लब में आयोजित कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 509 दिव्यांग लाभार्थियों को 664 उपकरण वितरित किए। इनमें मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, ई-ट्राइसाइकिल, स्मार्टफोन, स्मार्टकेन और ब्रेल किट सहित कई तरह के उपकरण शामिल रहे।

पेंशन में फिर होगी बढ़ोतरी

सीएम योगी ने बताया कि प्रदेश में दिव्यांग पेंशन को समय-समय पर बढ़ाया गया है। पहले 300 रुपये मिलने वाली पेंशन को बढ़ाकर 500 और फिर 1,000 रुपये किया गया। अब सरकार इसमें फिर वृद्धि करने की तैयारी में है। हालांकि नई राशि कितनी होगी, इसकी जानकारी अभी नहीं दी गई है।

18 मंडलों में बनेंगे पुनर्वास केंद्र

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी 18 मंडलों में जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र संचालित करने के निर्देश दिए। इन केंद्रों के जरिए दिव्यांगजनों को पुनर्वास, प्रशिक्षण और जरूरी सहायता उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा। गोरखपुर में ऐसा केंद्र सीतापुर आई हॉस्पिटल परिसर में शुरू हो चुका है।

हर विधानसभा क्षेत्र में लगेगा शिविर

सरकार ने वर्ष 2026-27 में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में शिविर लगाकर पेंशन से वंचित दिव्यांगजनों को योजनाओं से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री ने बचपन से ही दिव्यांग बच्चों की पहचान, उपचार, थेरेपी और विशेष शिक्षा पर भी जोर दिया। तीन से सात वर्ष के बच्चों के लिए डे केयर सेंटरों का विस्तार किए जाने की जानकारी भी दी गई।

इसके अलावा दिव्यांगजनों को स्वरोजगार और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर भी जोर दिया गया।

बच्चेदानी में सूजन के 4 बड़े संकेत, नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी

हेल्थ डेस्क। महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याओं के शुरुआती लक्षण सामान्य परेशानी जैसे लग सकते हैं। बच्चेदानी यानी गर्भाशय में सूजन भी ऐसी ही समस्या हो सकती है। इसके पीछे संक्रमण, पेल्विक इंफेक्शन या अन्य स्त्री रोग संबंधी कारण हो सकते हैं। कुछ मामलों में लक्षण हल्के रहते हैं, इसलिए लगातार बनी रहने वाली परेशानी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

1. पेट के निचले हिस्से में दर्द

गर्भाशय में सूजन होने पर पेल्विक एरिया या पेट के निचले हिस्से में दर्द या भारीपन महसूस हो सकता है। दर्द लगातार रहने या बार-बार होने पर जांच जरूरी है।

2. असामान्य योनि स्राव

सामान्य से अलग रंग, गंध या मात्रा में योनि स्राव संक्रमण या सूजन का संकेत हो सकता है। इसके साथ जलन या खुजली भी महसूस हो सकती है।

3. पीरियड्स में बदलाव

मासिक धर्म के दौरान ज्यादा दर्द, अनियमित पीरियड्स या सामान्य से अधिक रक्तस्राव जैसी समस्या होने पर स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।

4. बुखार और कमजोरी

यदि पेल्विक दर्द के साथ बुखार, ठंड लगना, कमजोरी या अस्वस्थ महसूस हो, तो यह संक्रमण की ओर इशारा कर सकता है। ऐसे लक्षणों में देरी करने के बजाय डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

कब कराएं जांच?

इनमें से कोई लक्षण लगातार बना रहे, तेजी से बढ़ रहा हो या कई लक्षण एक साथ दिखाई दें तो स्त्री रोग विशेषज्ञ से जांच कराना जरूरी है। केवल लक्षणों के आधार पर बच्चेदानी में सूजन की पुष्टि नहीं की जा सकती। डॉक्टर जरूरत के अनुसार शारीरिक जांच, अल्ट्रासाउंड या अन्य टेस्ट की सलाह दे सकते हैं।

कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी! पेंशन में हुआ बड़ा बदलाव, जानें नया नियम

नई दिल्ली। रेलवे कर्मचारियों की पेंशन व्यवस्था को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) नियम, 2026 लागू होने के बाद पात्र कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद पेंशन, परिवार को मिलने वाली पेंशन और सेवानिवृत्ति के समय एकमुश्त भुगतान से जुड़े नए प्रावधान मिलेंगे। यह व्यवस्था मुख्य रूप से 1 जनवरी 2004 के बाद नियुक्त कर्मचारियों से संबंधित बताई गई है।

नई व्यवस्था में 25 साल की नियमित सेवा पूरी करने वाले कर्मचारी को रिटायरमेंट से पहले के लगातार 12 महीनों के औसत मूल वेतन का 50 फीसदी पेंशन के रूप में मिलने का प्रावधान है। वहीं, जिन कर्मचारियों की सेवा अवधि 10 से 25 साल के बीच है, उनकी पेंशन सेवा के अनुपात के आधार पर तय की जाएगी। कम से कम 10 साल की अर्हकारी सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों के लिए 10 हजार रुपये मासिक न्यूनतम पेंशन का प्रावधान रखा गया है।

परिवार को मिलेगी 60 फीसदी पेंशन

UPS में कर्मचारी की मृत्यु के बाद उसके परिवार के लिए भी पेंशन का प्रावधान है। इसके तहत पात्र पेंशनभोगी की सुनिश्चित पेंशन की 60 फीसदी राशि पारिवारिक पेंशन के रूप में दी जाएगी। इससे कर्मचारी के परिवार को नियमित आर्थिक सहायता मिलती रहेगी।

रिटायरमेंट पर एकमुश्त भुगतान

नई व्यवस्था में सेवानिवृत्ति के समय एकमुश्त राशि देने का भी प्रावधान है। प्रत्येक छह महीने की पूरी सेवा के लिए अंतिम मूल वेतन और महंगाई भत्ते को मिलाकर बनी राशि के दसवें हिस्से के बराबर भुगतान किया जाएगा।

NPS में निवेश का भी विकल्प

UPS के साथ NPS अंशदाताओं के लिए निवेश से जुड़े विकल्पों में भी बदलाव किया गया है। कर्मचारी स्वचालित निवेश विकल्प चुन सकते हैं, जिसमें अलग-अलग परिसंपत्तियों में योगदान का अनुपात तय रहेगा। इसके अलावा सक्रिय विकल्प के तहत कर्मचारी अपने योगदान के निवेश का आवंटन खुद तय कर सकेंगे।

UPS का विकल्प चुनने वाले कर्मचारियों को सेवा अवधि के दौरान एक बार NPS में वापस जाने का अवसर भी दिया गया है। इस तरह नई व्यवस्था में पेंशन के साथ-साथ परिवार की सुरक्षा और रिटायरमेंट के समय मिलने वाले लाभों को भी शामिल किया गया है।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, 31 दिसंबर तक लागू, लोगों को खुशखबरी!

नई दिल्ली। छोटी बचत योजनाओं में निवेश करने वालों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा अपडेट जारी किया है। वित्त वर्ष 2026-27 की तीसरी तिमाही यानी 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक इन योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी जुलाई से सितंबर तक जो दरें लागू थीं, वही अगले तीन महीनों में भी जारी रहेंगी।

वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग ने 30 सितंबर को इस संबंध में आदेश जारी किया। सरकार के इस फैसले के बाद निवेशकों को अक्टूबर से किसी नई ब्याज दर के लागू होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। मौजूदा दरें ही 31 दिसंबर तक प्रभावी रहेंगी।

इन योजनाओं में मिलता है निवेश का विकल्प

छोटी बचत योजनाओं के तहत सरकार कई बचत विकल्प संचालित करती है। इनमें पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC), किसान विकास पत्र (KVP), सुकन्या समृद्धि योजना और सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम जैसी योजनाएं शामिल हैं। इनका इस्तेमाल लोग बचत के साथ-साथ लंबी अवधि के वित्तीय लक्ष्यों के लिए करते हैं।

निवेशकों पर क्या होगा असर?

ब्याज दरों को स्थिर रखने का सीधा मतलब है कि 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर के बीच लागू मौजूदा दरों में कोई बदलाव नहीं होगा। पहले से पैसा लगा चुके निवेशकों की मौजूदा व्यवस्था पर भी इस फैसले से तत्काल कोई परिवर्तन नहीं होगा।

सरकार छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा आम तौर पर हर तिमाही करती है। इस बार दरों को यथावत रखने का निर्णय लिया गया है। आदेश की जानकारी डाक विभाग, वित्तीय सेवा विभाग, RBI और अन्य संबंधित संस्थानों को भी भेजी गई है।

खुशखबरी की घोषणा! यूपी में 520 पदों पर भर्ती, युवाओं को मौका

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए सरकारी नौकरी को लेकर अच्छी खबर है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग से जुड़े 520 पदों पर भर्ती के लिए दो अलग-अलग मुख्य परीक्षाओं का विज्ञापन जारी किया है।

आपको बता दें की इस भर्ती में खेल निदेशालय के 108 पद शामिल हैं। इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 14 अक्टूबर से 4 नवंबर तक चलेगी। शुल्क जमा करने और आवेदन में संशोधन की अंतिम तारीख 11 नवंबर निर्धारित की गई है।

वहीं, क्षेत्रीय युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी के 368 पद और व्यायाम प्रशिक्षक के 44 पद हैं। इन पदों के लिए आवेदन 16 अक्टूबर से 6 नवंबर तक किए जा सकेंगे। शुल्क समायोजन और संशोधन की सुविधा 13 नवंबर तक उपलब्ध रहेगी।

PET-2025 के स्कोर से होगी शॉर्टलिस्टिंग

मुख्य परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की प्रारंभिक छंटनी PET-2025 के नॉर्मलाइज्ड स्कोर के आधार पर की जाएगी। दोनों भर्तियों में आवेदन करने के लिए संबंधित पद की शैक्षणिक योग्यता पूरी करने के साथ PET-2025 में शामिल होना और उसका स्कोर कार्ड जारी होना जरूरी है।

ऐसे में PET-2025 में शामिल हो चुके योग्य अभ्यर्थियों के लिए यह सरकारी नौकरी पाने का एक और अच्छा अवसर है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आवेदन की तारीख और पात्रता संबंधी शर्तों को ध्यान से देखकर समय सीमा के भीतर फॉर्म भर सकते हैं।

यूपी के लिए बड़ी खुशखबरी! जापानी कंपनी करेगी बंपर निवेश, इन शहरों में लगेगा ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में निवेश को लेकर बड़ी पहल सामने आई है। जापान के यामानाशी प्रांत की कनाडेविया कॉरपोरेशन प्रदेश में ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट स्थापित करने की तैयारी में है। हालांकि, प्लांट के लिए अंतिम स्थान अभी तय नहीं हुआ है। कंपनी ने एनटीपीसी या इंडियन ऑयल के साथ मिलकर परियोजना आगे बढ़ाने में रुचि दिखाई है।

जापानी कंपनी के प्रतिनिधियों ने बुधवार को पिकप भवन में इन्वेस्ट यूपी, यूपीनेडा और इंडियन ऑयल के अधिकारियों के साथ बैठक की। इससे एक दिन पहले प्रतिनिधिमंडल ने नोएडा के दादरी स्थित एनटीपीसी प्लांट और यीडा क्षेत्र का दौरा कर संभावित निवेश स्थलों का जायजा लिया था।

यहां भी संभावनाएं तलाशी गईं

बैठक के दौरान मथुरा में प्लांट लगाने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने कंपनी को प्रदेश में विदेशी निवेश के लिए उपलब्ध सुविधाओं और प्रोत्साहनों की जानकारी दी। यूपीनेडा ने परियोजना के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया है।

कंपनी ने फरवरी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जापान दौरे के दौरान उत्तर प्रदेश में ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट लगाने को लेकर समझौता किया था। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल का यह तीसरा दौरा है। स्थान तय होने के बाद जमीन आवंटन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

इसके अलावा कंपनी आईआईटी कानपुर और बीएचयू में ग्रीन हाइड्रोजन के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने में तकनीकी सहयोग भी देगी। इससे प्रदेश में इस उभरती तकनीक से जुड़े शोध और विशेषज्ञता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

यूपी के गन्ना किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! खेती के लिए मिलीं 4 उन्नत किस्में

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के लिए नई और बेहतर किस्मों को लेकर अच्छी खबर है। प्रदेश में खेती के लिए गन्ने की चार उन्नत किस्मों को मंजूरी दी गई है। इनका उद्देश्य किसानों को बेहतर उत्पादन के साथ अच्छी शर्करा परता वाली फसल उपलब्ध कराना है।

गन्ना आयुक्त मिनस्थी एस. की अध्यक्षता में हुई उत्तर प्रदेश बीज गन्ना एवं गन्ना किस्म स्वीकृति उप समिति की बैठक में नई किस्मों के प्रदर्शन से जुड़े आंकड़ों पर चर्चा हुई। इसके बाद शाहजहांपुर स्थित उप्र गन्ना शोध परिषद की तीन और भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, लखनऊ की एक किस्म को खेती के लिए अवमुक्त किया गया।

को.शा.23232 को माना जा रहा बेहतर विकल्प

नई अगेती किस्म को.शा.23232 को पुरानी प्रमुख किस्म को.0238 के विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है। इसका पौधा गन्ना उत्पादन औसतन 95.56 टन प्रति हेक्टेयर दर्ज किया गया, जबकि इसकी पेड़ी की उपज 80.57 टन प्रति हेक्टेयर रही। इसे लाल सड़न रोग के प्रति रोगरोधी और अच्छी पेड़ी क्षमता वाली किस्म बताया गया है। इसे पूरे प्रदेश में खेती के लिए मंजूरी मिली है।

भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान की अगेती किस्म को.लख.21201 को भी पूरे प्रदेश में उगाने की अनुमति दी गई है। इसकी औसत उपज 86.57 टन प्रति हेक्टेयर और पोल इन केन 13.94 प्रतिशत दर्ज हुआ है।

दो अन्य किस्मों को भी मिली मंजूरी

मध्य एवं देर से पकने वाली को.शा.19235 और को.शा.18232 को भी खेती के लिए स्वीकृति दी गई है। को.शा.19235 की औसत उपज 87.58 टन और को.शा.18232 की 92.38 टन प्रति हेक्टेयर रही। अधिकारियों के मुताबिक इन किस्मों के आंकड़े भी पुराने मानक की तुलना में बेहतर रहे हैं।

बैठक में केंद्र सरकार से अधिसूचित आठ अन्य किस्मों को भी प्रदेश में खेती के लिए स्वीकार किया गया। वहीं छह पुरानी और कम प्रचलित किस्मों को अगले दो वर्षों में चरणबद्ध तरीके से खेती से बाहर करने का फैसला लिया गया है।

1 से 7 अक्टूबर तक महासंयोग! 5 राशियों के लिए खुशखबरी, धन-लाभ के बनेंगे योग

राशिफल। अक्टूबर के पहले सप्ताह में ग्रहों की स्थिति को ज्योतिष की दृष्टि से खास माना जा रहा है। 1 से 7 अक्टूबर के बीच बनने वाले शुभ संयोग का प्रभाव कुछ राशियों पर सकारात्मक रहने की मान्यता है। इस दौरान धन से जुड़े मामलों में लाभ, करियर में नए अवसर और रुके काम पूरे होने की संभावना बताई जा रही है।

इन 5 राशियों को मिल सकता है लाभ

मेष राशि: 

नौकरी और कारोबार से जुड़े लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक मामलों में स्थिति बेहतर होने की उम्मीद है। रुका हुआ काम भी आगे बढ़ सकता है।

मिथुन राशि: 

इस अवधि में आमदनी के नए रास्ते खुलने की संभावना है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत को पहचान मिल सकती है। निवेश से जुड़े फैसलों में सावधानी के साथ आगे बढ़ना लाभदायक माना जा रहा है।

सिंह राशि: 

करियर में बदलाव या नई जिम्मेदारी मिलने के योग बन सकते हैं। कारोबार करने वालों को किसी नए सौदे से फायदा मिलने की संभावना है। परिवार का सहयोग भी मिल सकता है।

तुला राशि: 

धन संबंधी परेशानियों में राहत मिल सकती है। नौकरीपेशा लोगों को तरक्की या बेहतर अवसर मिलने की संभावना है। लंबे समय से अटका कोई महत्वपूर्ण काम पूरा हो सकता है।

धनु राशि: 

आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं। कारोबार में विस्तार की योजना बना रहे लोगों को अच्छे अवसर मिल सकते हैं। यात्रा या संपर्कों के जरिए भी लाभ के रास्ते बन सकते हैं।

केंद्र सरकार के 3 बड़े फैसले, देशवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में किसानों, स्वच्छ ऊर्जा और दिल्ली के ट्रैफिक सिस्टम से जुड़े तीन अहम फैसलों को मंजूरी दी गई। इनमें रबी फसलों के MSP में बढ़ोतरी, ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर के तीसरे चरण और दिल्ली में आधुनिक ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम की योजना शामिल है।

रबी फसलों के MSP में बढ़ोतरी

2027-28 मार्केटिंग सीजन के लिए प्रमुख रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने का फैसला लिया गया है। कुसुम के MSP में 675 रुपये प्रति क्विंटल की सबसे बड़ी वृद्धि होगी। रेपसीड और सरसों में 413 रुपये, मसूर में 390 रुपये, जौ में 136 रुपये, चने में 83 रुपये और गेहूं में 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी तय की गई है।

ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर को मंजूरी

कैबिनेट ने ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज-3 को भी मंजूरी दी है। इस परियोजना पर कुल 1,86,405 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसके तहत राज्यों में ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत कर 135 गीगावाट तक नवीकरणीय ऊर्जा को ग्रिड से जोड़ने की क्षमता विकसित की जाएगी। परियोजना के लिए केंद्र की ओर से 54,082 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसमें 50 GWh क्षमता का बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम भी शामिल है।

दिल्ली में हाईटेक ट्रैफिक सिस्टम

दिल्ली के ट्रैफिक को बेहतर तरीके से नियंत्रित करने के लिए इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को मंजूरी दी गई है। करीब 1,789.52 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना 42 प्रमुख ट्रैफिक कॉरिडोर को कवर करेगी। नए सिस्टम में स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल, कैमरों और एआई आधारित तकनीक का इस्तेमाल होगा। इससे ट्रैफिक की वास्तविक स्थिति के अनुसार सिग्नल टाइमिंग बदलने, नियम तोड़ने वालों की पहचान करने और एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं को प्राथमिकता देने में मदद मिलेगी।