फुल पेंशन 67 फीसदी करने की मांग
NC-JCM का कहना है कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को मिलने वाली फुल पेंशन को अंतिम मूल वेतन का 67 प्रतिशत किया जाना चाहिए। संगठन का तर्क है कि बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की लागत को देखते हुए मौजूदा व्यवस्था में बदलाव जरूरी है। यदि यह प्रस्ताव स्वीकार होता है तो भविष्य में रिटायर होने वाले लाखों केंद्रीय कर्मचारियों की मासिक पेंशन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है।
फैमिली पेंशन 50% करने का प्रस्ताव
संगठन ने फैमिली पेंशन में भी संशोधन की मांग की है। प्रस्ताव के अनुसार, कर्मचारी की मृत्यु के बाद उसके पात्र आश्रितों को मिलने वाली फैमिली पेंशन को बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया जाए। इसके साथ ही बढ़ी हुई फैमिली पेंशन की अवधि को 70 वर्ष की आयु तक जारी रखने का सुझाव भी दिया गया है। इससे कर्मचारियों के परिवारों को लंबे समय तक बेहतर आर्थिक सुरक्षा मिल सकती है।
65 वर्ष के बाद अतिरिक्त पेंशन का सुझाव
NC-JCM ने वरिष्ठ नागरिक पेंशनर्स के लिए उम्र के आधार पर अतिरिक्त पेंशन देने की भी मांग रखी है। संगठन चाहता है कि 65 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद पेंशन में चरणबद्ध अतिरिक्त बढ़ोतरी शुरू की जाए। उनका मानना है कि बढ़ती उम्र के साथ स्वास्थ्य और दैनिक खर्च बढ़ जाते हैं, इसलिए वरिष्ठ पेंशनर्स को अतिरिक्त वित्तीय सहायता मिलनी चाहिए।
पुराने पेंशनर्स को मिले नए नियमों का लाभ
संगठन ने यह भी मांग उठाई है कि 8वें वेतन आयोग की पेंशन संबंधी सिफारिशों का लाभ केवल नए रिटायर होने वाले कर्मचारियों तक सीमित न रहे। मौजूदा पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स को भी संशोधित पेंशन व्यवस्था का लाभ दिया जाए। इसके लिए रिटायरमेंट की तारीख के आधार पर किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए।
पेंशन बहाली की अवधि घटाने का प्रस्ताव
रिटायरमेंट के समय कई कर्मचारी अपनी पेंशन का एक हिस्सा अग्रिम रूप से प्राप्त करते हैं। वर्तमान नियमों के अनुसार, इस कटौती की भरपाई के बाद पूरी पेंशन 15 वर्ष में बहाल होती है। NC-JCM ने इस अवधि को घटाकर 11 वर्ष करने की मांग की है। वैकल्पिक रूप से संगठन ने 71 वर्ष की आयु में पेंशन स्वतः बहाल करने का सुझाव भी दिया है। यदि यह बदलाव लागू होता है तो संबंधित पेंशनर्स को पूरी पेंशन पहले मिलने लगेगी।
अंतिम फैसला सरकार के हाथ में
फिलहाल ये सभी प्रस्ताव कर्मचारी संगठन द्वारा रखी गई मांगें हैं। इन्हें लागू करने का निर्णय केंद्र सरकार 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों और अपनी समीक्षा के बाद ही करेगी। यदि इनमें से प्रमुख मांगों को मंजूरी मिलती है तो लाखों केंद्रीय कर्मचारी, पेंशनर्स और उनके परिवारों को सीधा लाभ मिल सकता है। इसलिए आने वाले समय में 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों पर सभी की नजरें बनी रहेंगी।

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