केंद्र सरकार की बड़ी तैयारी, मेडिकल छात्रों के लिए आई खुशखबरी

नई दिल्ली। मेडिकल क्षेत्र में विशेषज्ञ डॉक्टर बनने की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बड़ी खबर है। केंद्र सरकार देश में पोस्टग्रेजुएट मेडिकल शिक्षा का दायरा बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकार ने अगले चार वर्षों में 5,000 नई PG मेडिकल सीटें बढ़ाने की योजना को मंजूरी दी है।

यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब मेडिकल क्षेत्र में विशेषज्ञ डॉक्टरों की जरूरत लगातार बढ़ रही है। सरकार का उद्देश्य मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों की क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ छात्रों के लिए पोस्टग्रेजुएट मेडिकल ट्रेनिंग के अवसरों का विस्तार करना है।

देश में अभी 86,360 PG मेडिकल सीटें

केंद्र सरकार की ओर से लोकसभा में दी गई जानकारी के मुताबिक, देशभर में फिलहाल कुल 86,360 पोस्टग्रेजुएट मेडिकल सीटें उपलब्ध हैं। आने वाले वर्षों में नई सीटें जुड़ने के बाद मेडिकल छात्रों के लिए विशेषज्ञता वाले पाठ्यक्रमों में प्रवेश के अवसर और बढ़ेंगे। इससे खासतौर पर उन छात्रों को फायदा मिलने की उम्मीद है, जिन्हें MBBS के बाद PG मेडिकल कोर्स में सीट हासिल करने के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है।

चार साल में जोड़ी जाएंगी 5 हजार सीटें

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने लोकसभा में बताया कि सरकार ने मेडिकल शिक्षा के विस्तार से जुड़ी योजना के तीसरे चरण को मंजूरी दी है। योजना के तहत वित्त वर्ष 2025-26 से 2028-29 के बीच 5,000 अतिरिक्त PG मेडिकल सीटें विकसित की जानी हैं। इसके लिए मौजूदा सरकारी मेडिकल कॉलेजों, पोस्टग्रेजुएट संस्थानों और सरकारी अस्पतालों के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा।

मेडिकल कॉलेजों के इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर

नई सीटें बढ़ाने के साथ सरकार मेडिकल शिक्षा के लिए जरूरी सुविधाओं को भी बेहतर बनाने पर ध्यान दे रही है। इसके तहत राज्य और केंद्र सरकार के मौजूदा मेडिकल कॉलेजों तथा संबंधित संस्थानों को अपग्रेड करने की योजना है। मेडिकल छात्रों की ट्रेनिंग के लिए पर्याप्त अस्पताल सुविधाएं, क्लिनिकल केस और शिक्षण संसाधन उपलब्ध होना जरूरी है। इसलिए सीटों की संख्या बढ़ाने के साथ संस्थानों की क्षमता में सुधार पर भी जोर दिया जा रहा है।

प्रति सीट वित्तीय सहायता की सीमा बढ़ी

सरकार ने इस योजना के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता में भी बढ़ोतरी की है। प्रति PG मेडिकल सीट के लिए लागत सीमा को बढ़ाकर 1.50 करोड़ रुपये किया गया है। इससे मेडिकल कॉलेजों में नई सीटों के लिए आवश्यक कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, अस्पताल सुविधाओं और अन्य बुनियादी ढांचे को विकसित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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