खबर के अनुसार केंद्र सरकार की तरह बिहार सरकार भी अपने कर्मचारियों को इस यूनिफाइड पेंशन स्कीम का लाभ दे सकती हैं। हालांकि सरकार के द्वारा इसपर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई हैं। लेकिन सरकार के अंदर इसकी चर्चा की जा रही हैं।
बता दें की महाराष्ट्र सरकार ने केंद्र सरकार की तरह ही यूनिफाइड पेंशन स्कीम को लागू कर दिया हैं और ये देश का पहला राज्य बन गया है। वहीं, बिहार के जेडीयू सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने एबीपी न्यूज़ को बताया है की बिहार में भी यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) लागू होना चाहिए।
क्या हैं यूनिफाइड पेंशन स्कीम?
1 .यूपीएस (UPS) का लाभ केंद्र सरकार के 23 लाख कर्मचारियों को मिलेगा।
2 .यदि कोई कर्मचारी 25 साल काम करता है, तो अंतिम 12 माह के मूल वेतन की औसत राशि का 50 प्रतिशत उसे पेंशन के तौर पर मिलेगा।
3 .यदि कोई कर्मचारी 10 साल से ज्यादा और 25 साल से कम काम करता हैं। तो उसको 10 हजार रुपए की निश्चित पेंशन दी जाएगी।
4 .यदि कर्मचारी की मौत हो जाती है, तो उस पर आश्रित (पति या पत्नी) को 60 प्रतिशत राशि पारिवारिक पेंशन के तौर पर मिलेगा।
5 .यूपीएस में पारिवारिक पेंशन, सुनिश्चित न्यूनतम पेंशन और रिटायरमेंट के दौरान ग्रेच्युटी के अलावा भी एक सुनिश्चित राशि मिलेगी।
6 .यूपीएस में पेंशन राशि को महंगाई दर के साथ जोड़ा गया है। यानी जैसे-जैसे महंगाई बढ़ेगी, वैसे-वैसे पेंशन की राशि भी बढ़ेगी।
7 .यदि कोई कर्मचारी 30 साल की सेवा पूरी करता है, तो उसे 6 माह का वेतन भी दिया जाएगा। यह राशि रिटायरमेंट के दौरान मिलने वाली राशि से अलग होगी।

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