इससे न केवल सरकारी कार्यों में पारदर्शिता आएगी, बल्कि लोगों को समय और यात्रा में भी बचत होगी। जमीन की बिक्री होते ही रजिस्ट्री और अंचल कार्यालय में बिक्री की गई जमीन का रकबा (एरिया) कम हो जाएगा, और इस जमीन की पुनः बिक्री नहीं हो सकेगी।
इसके अलावा, एक संपत्ति पर बैंक से एक ही बार लोन मिलेगा, और एक बार नो-ड्यूज प्रमाणपत्र जारी होने के बाद इसे फिर से जारी नहीं किया जाएगा। बिहार में जमीन, मकान या फ्लैट पर बैंक से लोन लेने के लिए अब रजिस्ट्री कार्यालय से ऑनलाइन नो-ड्यूज प्रमाणपत्र प्राप्त किया जा सकेगा।
वहीं, लोग घर बैठे संपत्ति पर बैंक से लोन लेने के लिए रजिस्ट्री कार्यालय में संपत्ति अवधारणा प्रमाणपत्र के लिए आवेदन कर सकेंगे, और इसे आसानी से ऑनलाइन डाउनलोड करके बैंक को दे सकेंगे। बिहार के 50 निबंधन कार्यालयों में सोमवार से इस ऑनलाइन सुविधा की शुरुआत हो रही है, जबकि पूरे राज्य के 137 निबंधन कार्यालय जनवरी से पूरी तरह पेपर लेस हो जाएंगे।

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