हाल ही में, अमेरिका में स्थित चीन के दूतावास ने एक बयान जारी किया जिसमें कहा गया, "अगर अमेरिका को युद्ध चाहिए, चाहे वह टैरिफ युद्ध हो, व्यापार युद्ध हो या कोई अन्य प्रकार का आर्थिक टकराव, तो हम इसके लिए पूरी तरह से तैयार हैं और अंत तक लड़ेंगे। दरअसल डोनाल्ड ट्रंप ने 2 अप्रैल से चीन, भारत और अन्य देशों के खिलाफ टैरिफ शुल्क लगाने का एलान किया।
1. थल सेना की ताकत
जहां तक थल सेना की बात की जाए, तो चीन और अमेरिका दोनों ही देशों के पास विशाल सेना है। अमेरिकी सेना में वर्तमान समय में लगभग 13 लाख सैनिक हैं, जबकि चीन के पास इस मामले में काफी ज्यादा सैनिक हैं, और उसकी संख्या लगभग 20 लाख है। हालांकि, अमेरिका के पास युद्धक टैंकों की संख्या 5,500 है, जबकि चीन के पास 4,950 युद्धक टैंक हैं। दोनों देशों के पास अत्याधुनिक युद्धक टैंक और अत्याधुनिक उपकरण हैं।
2. वायु सेना की ताकत
वायु सेना की बात करें तो यहाँ पर अमेरिका पूरी तरह से चीन से आगे है। अमेरिका के पास लगभग 13,300 युद्धक विमान हैं, जबकि चीन के पास केवल 3,200 युद्धक विमान हैं। इस मामले में अमेरिका की वायु सेना अपनी तकनीकी और क्षमता के मामले में प्रमुख रूप से आगे है। खासकर, अमेरिका के पास अत्याधुनिक विमान जैसे F-22 रैप्टर और F-35 लाइटनिंग II जैसे विमान हैं, जो उसे वायु रक्षा में बढ़त देते हैं।
3. समुद्री ताकत
समुद्री शक्ति के मामले में चीन ने हाल के वर्षों में अपनी ताकत बढ़ाई है। वर्तमान में, अमेरिका के पास 428 युद्धपोत हैं, जबकि चीन के पास 730 से ज्यादा युद्धपोत हैं। हालांकि, अमेरिका के युद्धपोत अधिक आधुनिक और प्रभावी हैं, लेकिन चीन की संख्या में बढ़ोतरी ने समुद्र में उसकी ताकत को मजबूती दी है। अमेरिका के पास एबीसी और फोर्ड क्लास एयरक्राफ्ट कैरियर जैसे हाई-टेक युद्धपोत हैं, जबकि चीन अपनी तकनीक को तेज़ी से अपडेट कर रहा है।
4. मिसाइल शक्ति
मिसाइलों के मामले में दोनों देशों के पास अत्याधुनिक प्रणालियाँ हैं। चीन के पास 1400 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें और सैकड़ों क्रूज मिसाइलें हैं, जिनका लक्ष्य अमेरिकी बेस हो सकता है। चीन ने अपनी सेना को आधुनिक बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों से लैस किया है, जो किसी भी संभावित युद्ध में अमेरिका को गंभीर चुनौती दे सकती हैं। इसके अलावा, चीन के पास ऐसे मिसाइलों का भंडार है जो जापान में अमेरिकी सैन्य बेस को निशाना बना सकती हैं।
दूसरी ओर, अमेरिका ने भी अपनी मिसाइल तकनीक को अत्याधुनिक बनाया है। उदाहरण के लिए, अमेरिका ने मिनटमैन-3 नाम की इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल तैयार की है, जो लगभग 10,000 किलोमीटर तक अपने लक्ष्य को भेदने की क्षमता रखती है। इसके अलावा, अमेरिका ने स्टैंडर्ड मिसाइल-6 ड्यूल II का परीक्षण भी किया है, जो दुश्मन की मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर सकता है।
5. परमाणु शक्ति
अमेरिका और चीन के बीच परमाणु हथियारों की शक्ति में भी बड़ा अंतर है। अमेरिका के पास 5,428 परमाणु हथियार हैं, जबकि चीन के पास 500 परमाणु हथियार हैं। अमेरिका का परमाणु हथियार बेड़ा दुनिया में सबसे बड़ा और सबसे शक्तिशाली माना जाता है, जो उसे किसी भी संभावित परमाणु युद्ध में बढ़त प्रदान करता है। हालांकि, चीन भी अपनी परमाणु शक्ति को लगातार मजबूत कर रहा है, लेकिन वह अमेरिका के मुकाबले इस मामले में बहुत पीछे है।
6. सैन्य खर्च
सैन्य ताकत बढ़ाने के लिए दोनों देशों का सैन्य खर्च भी अलग-अलग है। अमेरिका हर साल अपनी सेनाओं पर लगभग 858 बिलियन अमेरिकी डॉलर खर्च करता है, जो कि दुनिया का सबसे बड़ा सैन्य बजट है। दूसरी ओर, चीन अपने सैन्य बजट पर लगभग 261 बिलियन डॉलर खर्च करता है। इससे साफ है कि अमेरिका अपनी सैन्य ताकत पर चीन से लगभग चार गुना ज्यादा खर्च करता है।

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