आंगनवाड़ी की स्थिति
महंगाई के बढ़ते असर को देखते हुए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बहुत कम है। यह बात विधायक त्रिभुवन दत्त ने उठाई, जिनका कहना था कि कार्य की तुलना में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को मिलने वाली रकम न केवल कम है, बल्कि महंगाई के मुकाबले अत्यधिक अनुत्पादक भी है। उन्होंने सरकार से यह सवाल किया कि क्या आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 6000 रुपये से बढ़ाकर 16000 रुपये किया जाएगा? साथ ही, क्या सरकार उन्हें पेंशन या जीवनभर के कार्य के लिए अन्य लाभ देने पर विचार करेगी?
सरकार की स्थिति
महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य ने विधानसभा में स्पष्ट किया कि राज्य सरकार आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाने के बारे में फिलहाल कोई विचार नहीं कर रही है। उनका कहना था कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित मानदेय दिया जा रहा है, और राज्य सरकार इसके ऊपर कोई अतिरिक्त कदम नहीं उठाने वाली है। पेंशन देने का सवाल भी खारिज कर दिया गया।
इस प्रकार, राज्य सरकार की इस स्थिति से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं में निराशा व्याप्त है। हालांकि, इस समय सरकार का यह कहना है कि मानदेय की राशि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित की गई है और इसे बढ़ाने का अधिकार राज्य सरकार के पास नहीं है।

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