भारत का रूस से मेगा हथियार डील, चीन सन्न, पाक के उड़े होश!

नई दिल्ली। भारत ने अपनी समुद्री सुरक्षा और वायु रक्षा क्षमता को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। रक्षा मंत्रालय ने इंडियन कोस्ट गार्ड और इंडियन नेवी के लिए कुल लगभग 5,083 करोड़ रुपये के दो अहम रक्षा अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए हैं। इन समझौतों से हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक पकड़ और मजबूत होने की उम्मीद है।

कोस्ट गार्ड को मिलेंगे एडवांस्ड हेलीकॉप्टर

रक्षा मंत्रालय ने Hindustan Aeronautics Limited के साथ करीब 2,901 करोड़ रुपये का अनुबंध किया है। इसके तहत इंडियन कोस्ट गार्ड को 6 एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (ALH) Mk-III मैरीटाइम रोल वर्जन दिए जाएंगे। ये ट्विन-इंजन हेलीकॉप्टर अत्याधुनिक एवियोनिक्स और मिशन सिस्टम से लैस होंगे। इन्हें तटीय एयरबेस के साथ-साथ समुद्र में तैनात जहाजों से भी ऑपरेट किया जा सकेगा।

रूस से शिटिल मिसाइलों की खरीद

दूसरा अहम समझौता रूस की कंपनी JSC Rosoboronexport के साथ किया गया है। लगभग 2,182 करोड़ रुपये की इस डील के तहत इंडियन नेवी के लिए सरफेस-टू-एयर वर्टिकल लॉन्च शिटिल मिसाइलें और उनसे जुड़े उपकरण खरीदे जाएंगे। इन मिसाइलों को भारतीय नौसेना के युद्धपोतों पर तैनात किया जाएगा। इनका उद्देश्य हवाई खतरों जैसे फाइटर जेट, ड्रोन या एंटी-शिप मिसाइल से जहाजों की सुरक्षा करना है।

नेवी की लेयर्ड एयर डिफेंस को मजबूती

शिटिल मिसाइल सिस्टम भारतीय नौसेना के लेयर्ड एयर डिफेंस आर्किटेक्चर का अहम हिस्सा बनेगा। यह सिस्टम तेज प्रतिक्रिया क्षमता, हर मौसम में संचालन और कठिन समुद्री परिस्थितियों में बेहतर सर्वाइवल सुनिश्चित करेगा। इससे फ्रंटलाइन वॉरशिप की सुरक्षा परत और मजबूत होगी।

भारत-रूस रक्षा साझेदारी का बड़ा विस्तार

यह सौदा भारत और रूस के बीच लंबे समय से चली आ रही रक्षा साझेदारी को और गहरा करता है। दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग आपसी भरोसे और तकनीकी तालमेल पर आधारित रहा है। समुद्री क्षेत्र में बढ़ती चुनौतियों और क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य को देखते हुए ये नए प्लेटफॉर्म और मिसाइल सिस्टम भारत की सामरिक क्षमता को नई ऊंचाई देंगे। आने वाले समय में इनकी तैनाती से हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की उपस्थिति और प्रभाव दोनों मजबूत होंगे।

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