1.14 लाख केंद्र, 18 हजार नए प्रस्तावित
वर्तमान में बिहार में कुल 1,14,000 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। विभाग ने 18,000 नए केंद्रों की स्थापना के लिए अनुमति की प्रक्रिया शुरू कर दी है और उम्मीद है कि 31 मार्च तक इसका अनुमोदन हो जाएगा। पहले चरण में, अनुमोदन मिलने के बाद लगभग 9,000 नए केंद्रों पर बहाली प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
पुराने केंद्रों में रिक्त पदों को भरा जाएगा
पुराने 2,200 से अधिक केंद्रों में सेविका और सहायिका के रिक्त पद लंबे समय से खाली हैं। इन पदों को भरने के लिए चयन प्रक्रिया 1 अप्रैल से शुरू होगी। रिक्त पदों की पूर्ति से पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और अन्य सेवाओं में सुधार आएगा।
नए केंद्रों के लिए स्थलों की पहचान
समाज कल्याण विभाग ने सभी CDPO (सहायक विकास अधिकारी) को निर्देश दिया है कि 10 मार्च से नए केंद्रों के लिए संभावित स्थलों की पहचान करें। प्राथमिकता उन इलाकों को दी जाएगी जहां आंगनबाड़ी केंद्र की कमी है और बच्चों को पोषण या प्रारंभिक शिक्षा के लिए लंबा सफर करना पड़ता है। जिलों से रिपोर्ट मिलने के बाद ही नए केंद्रों की स्थापना और भर्ती प्रक्रिया का रोडमैप तैयार किया जाएगा।
अप्रैल से चयन की प्रक्रिया शुरू
विभाग के मुताबिक, पहले से संचालित केंद्रों में रिक्त पदों को भरने के साथ-साथ नए केंद्रों में बहाली की प्रक्रिया अप्रैल से शुरू की जाएगी। यह महिलाओं के लिए स्थानीय स्तर पर नौकरी पाने का एक महत्वपूर्ण अवसर होगा। विभाग जल्द ही भर्ती से जुड़ी योग्यता और चयन मानदंडों की आधिकारिक जानकारी अपनी वेबसाइट पर जारी करेगा।
राज्य और समाज के लिए लाभ
इस भर्ती अभियान से न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि बच्चों को पोषण और प्रारंभिक शिक्षा की बेहतर सुविधाएँ मिलेंगी। बिहार में यह पहल ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में समान रूप से लाभ पहुंचाएगी और महिला सशक्तिकरण को भी मजबूती देगी।

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