8वें वेतन आयोग: ग्रुप-C और ग्रुप-D की क्या होगी नई सैलरी?

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। आयोग का गठन हो चुका है और विभिन्न कर्मचारी संगठनों व हितधारकों से सुझाव भी मांगे जा चुके हैं। सबसे अधिक उत्सुकता ग्रुप-C और ग्रुप-D कर्मचारियों में है, क्योंकि इन्हीं वर्गों की संख्या सबसे ज्यादा है और इन्हें वेतन संशोधन से सीधा लाभ मिलता है।

सबसे बड़ा सवाल फिटमेंट फैक्टर को लेकर है। कर्मचारी यूनियनें 3.25 के फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रही हैं। यदि यह मांग स्वीकार होती है, तो न्यूनतम मूल वेतन में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।

फिटमेंट फैक्टर क्या है और क्यों अहम है?

फिटमेंट फैक्टर वह गुणक है, जिसके आधार पर वर्तमान मूल वेतन को संशोधित किया जाता है। 7वें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था, जिससे न्यूनतम वेतन ₹7,000 से बढ़कर ₹18,000 हुआ था। अब 8वें वेतन आयोग में 2.15 से लेकर 3.25 तक के विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा हो रही है। अंतिम फैसला सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा।

ग्रुप-D (लेवल 1) की संभावित नई सैलरी

ग्रुप-D कर्मचारियों का वर्तमान न्यूनतम मूल वेतन ₹18,000 है। अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर के आधार पर अनुमान इस प्रकार हैं:

2.15 फैक्टर लागू होने पर वेतन लगभग ₹38,700 तक जा सकता है।

2.28 फैक्टर की स्थिति में न्यूनतम वेतन करीब ₹41,000 होने का अनुमान है।

2.86 फैक्टर पर मूल वेतन ₹51,000 से अधिक हो सकता है।

3.25 फैक्टर लागू होने पर न्यूनतम वेतन ₹54,000 के आसपास पहुंच सकता है।

यह सिर्फ मूल वेतन होगा। इसके अलावा DA, HRA और अन्य भत्ते अलग से मिलेंगे, जिससे कुल मासिक आय और अधिक हो सकती है।

ग्रुप-C कर्मचारियों को कितना लाभ?

ग्रुप-C के अंतर्गत क्लर्क, तकनीकी स्टाफ, गार्ड और अन्य सहायक पद आते हैं। इनकी सैलरी पे-मैट्रिक्स लेवल के अनुसार तय होती है।

लेवल 3 (ग्रेड पे 2000): संशोधित मूल वेतन लगभग ₹57,456 हो सकता है, जिससे सकल वेतन (Gross Salary) भत्तों के साथ ₹74,845 तक पहुँच सकता है।

लेवल 4 और 5: इनके मूल वेतन में भी 2.28 से 2.86 के फिटमेंट फैक्टर के आधार पर 30% से 50% तक की वृद्धि की संभावना है।  इसका मतलब है कि मध्यम स्तर के कर्मचारियों की सैलरी में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी संभव है।

भत्तों में भी होगा बदलाव

केवल मूल वेतन ही नहीं, बल्कि महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA) और परिवहन भत्ता (TA) में भी संशोधन किया जाएगा। आम तौर पर नया वेतन लागू होने के बाद DA की गणना नए बेसिक पर की जाती है, जिससे कुल आय में अतिरिक्त वृद्धि होती है।

अंतिम फैसला बाकी

ध्यान देने वाली बात यह है कि ये सभी आंकड़े संभावित अनुमान हैं, जो विशेषज्ञों की गणना और कर्मचारी संगठनों की मांगों पर आधारित हैं। अंतिम वेतन संरचना 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही तय होगी। फिलहाल इतना तय है कि 8वां वेतन आयोग ग्रुप-C और ग्रुप-D कर्मचारियों के लिए वेतन संरचना में बड़ा बदलाव ला सकता है।

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