अभियान के मुख्य लक्ष्य
ट्रंप ने बताया कि अभियान का उद्देश्य ईरान की परमाणु क्षमता, बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम और शासन तंत्र को कमजोर करना है। उन्होंने दावा किया कि ईरान की नौसेना, वायुसेना और रडार प्रणाली को भारी नुकसान पहुंचाया जा चुका है। ट्रंप ने कहा, “जिन लोगों को अमेरिका नए लीडर के रूप में देख रहा था, उनमें से अधिकांश अब मारे जा चुके हैं। तीसरी लहर जल्द शुरू होने वाली है।
पहले हमलों की रिपोर्ट
ट्रंप ने बताया कि ऑपरेशन की पहली दो लहरों में कुल 49 प्रमुख ईरानी नेता मारे गए। अब तीसरी लहर में नए लक्ष्यों पर हमला किया जाएगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यह हमला पूर्व-निवारक था, ताकि ईरान पहले अमेरिका पर हमला न कर सके।
ईरान की प्रतिक्रिया
ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल हमले करके जवाबी कार्रवाई की है। बहरीन, कुवैत और यूएई में अमेरिकी सैन्य अड्डे निशाने पर रहे। हिज्बुल्लाह ने इज़राइल पर हमलों की तीव्रता बढ़ा दी। इसके अलावा, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने की धमकी दी है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर पड़ सकता है।
वैश्विक प्रभाव
ईरान और अमेरिका के बीच यह तनाव पूरी मध्य पूर्व क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति को अस्थिर कर सकता है। तेल और गैस आपूर्ति पर असर, मिसाइल हमलों से नागरिक सुरक्षा की चुनौती और अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक दबाव अब सभी देशों के लिए चिंता का विषय बन गया है।

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