सर्वे का सबूत: इस बार बंगाल में बीजेपी करेगी खेल?

न्यूज डेस्क। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की घोषणा भले ही नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक गतिविधियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। कल्याणी विधानसभा क्षेत्र में चुनावी माहौल पहले से ही गरम है। नादिया जिले में स्थित यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है और राजनीतिक विशेषज्ञ इसे इस बार बेहद रोचक मुकाबले वाली सीट मान रहे हैं।

कल्याणी विधानसभा का गठन और इतिहास

कल्याणी विधानसभा सीट 2011 में डिलिमिटेशन कमीशन के 2010 के आदेश के बाद बनाई गई थी। इस सीट में कल्याणी और गायेसपुर की सभी नगर पालिकाएं शामिल हैं, साथ ही कल्याणी कम्युनिटी डेवलपमेंट ब्लॉक की सात ग्राम पंचायतें भी इसके अंतर्गत आती हैं। अब तक यहां तीन विधानसभा चुनाव हो चुके हैं।

चुनावी इतिहास और वर्तमान परिदृश्य

2021 के विधानसभा चुनाव में कल्याणी सीट बीजेपी ने अपने नाम की थी। इससे पहले, टीएमसी ने लगातार दो बार जीत दर्ज की थी। 2011 और 2016 में टीएमसी के रामेंद्र नाथ बिस्वास ने चुनाव जीते थे। 2021 में नए उम्मीदवार के साथ चुनाव लड़ते हुए बीजेपी ने 2,206 वोटों के अंतर से जीत हासिल की।

पिछले तीन चुनावों के आंकड़े यह दर्शाते हैं कि कल्याणी में बीजेपी की पकड़ मजबूत होती जा रही है। इस बार भी यह सीट त्रिकोणीय मुकाबले के लिए तैयार है, जहां बीजेपी, टीएमसी और सीपीआई(M) के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिलेगा।

विशेषज्ञों की क्या है इसपर राय?

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि कल्याणी में इस बार मुकाबला बेहद कठिन होगा। सभी दलों ने अपनी रणनीति तेज कर दी है और स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ विकास कार्यों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। बीजेपी की पिछली जीत और पार्टी के मजबूत कार्यकर्ताओं की सक्रियता इसे एक बार फिर से निर्णायक बनाती दिख रही है।

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