लंबित बिल और कार्रवाई
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिन उपभोक्ताओं ने लंबे समय से बिल जमा नहीं किया है, उनके कनेक्शन काटने में अब कोई ढिलाई नहीं होगी। पोस्टपेड मीटर वाले लगभग 10 लाख उपभोक्ताओं का बिल बकाया है। अगर कोई उपभोक्ता पूरा बिल एक साथ नहीं भर सकता, तो वह अपने क्षेत्रीय कार्यपालक अभियंता (EE) से आवेदन करके किस्तों में भुगतान की सुविधा ले सकता है। अन्यथा बिना सूचना के डायरेक्ट डिस्कनेक्शन किया जाएगा।
ब्याज और अतिरिक्त शुल्क
बकाया बिल पर अब हर महीने 1.5% का ब्याज लगाया जाएगा, यानी सालाना करीब 18%। डिस्कनेक्शन होने के बाद उपभोक्ताओं को न केवल पूरा बकाया भरना होगा, बल्कि डिस्कनेक्शन और री-कनेक्शन शुल्क भी अलग से देना होगा।
किस्त और छूट की सुविधा
वित्तीय तंगी में फंसे उपभोक्ताओं के लिए विभाग ने राहत का रास्ता रखा है।
बिल जारी होने के 15 दिनों के भीतर भुगतान करने पर 1.5% की छूट मिलेगी।
ऑनलाइन भुगतान पर 1% अतिरिक्त छूट।
ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार तीन महीने सही समय पर पेमेंट करने पर विशेष छूट।
स्मार्ट प्रीपेड मीटर की सख्त जांच
राज्य में 86 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं के लिए भी नई जांच शुरू की जाएगी। विशेष ध्यान उन घरों पर रखा जाएगा, जहां बिजली चोरी या मीटर बाईपास की संभावना हो। डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर पर नए मीटर लगाए जाएंगे और ऑनलाइन मॉनिटरिंग होगी। अगर खपत और बिलिंग में अंतर पाया गया, तो 31 मार्च तक कार्रवाई की जा सकती है।

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